18 साल का मिथक तोड़ना चाहेगा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज का पहला टेस्ट आज से
- 2001 के बाद से ऑस्ट्रेलिया एजबेस्टन मैदान पर कोई भी मैच नहीं जीत पाया है
- मेजबान टीम विश्व कप के बाद एशेज जीत दोहरी सफलता से करना चाहेगी घरेलू सत्र का अंत
- मेहमान 2001 के बाद पहली बार इंग्लैंड को उसी के घर में हराकर फिर बनना चाहेंगे चैंपियन
विस्तार
विश्व विजेता बनने के बाद अब इंग्लैंड बृहस्पतिवार से चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही एशेज टेस्ट सीरीज पर भी कब्जा कर घरेलू सत्र का अंत दोहरी सफलता के साथ करना चाहेगा। वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम पिछले 18 साल से इंग्लैंड को उसके घर में न हराने का मिथक तोड़ना चाहेगी। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को आखिरी बार 2001 में उसके घर में हराया था।
टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के लिए एशेज से बढ़कर कुछ नहीं है। पिछले कई वर्षों में यह इंग्लैंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण घरेलू सत्र है। उसने इसकी शुरुआत पहली बार विश्व कप जीतकर की। विश्व कप जीत से इंग्लैंड में क्रिकेट के समर्थकों की संख्या में इजाफा हुआ है और एशेज में जीत इन नए समर्थकों को जोड़े रखने में महत्वपूर्ण होगी। इस सीरीज के साथ दोनों टीमों के लिए आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत भी होगी।
ऑस्ट्रेलिया का गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के बाद पहला टेस्ट
टिम पैनी के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलिया एशेज सीरीज जीतकर दक्षिण अफ्रीका में पिछले साल गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण को पीछे छोड़ने का प्रयास करेगा। इसके चलते पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बेनक्राफ्ट को प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था। टीम पहले टेस्ट में कोई प्रथम श्रेणी मैच खेले बिना उतरेगी। बेनक्राफ्ट जैसे खिलाड़ियों को स्थानीय हालात का अनुभव है जो काउंटी टीम डरहम की कप्तानी करते हैं। ऑस्ट्रेलिया को पेसर जेम्स पैटिनग्सन और पैट कमिंस की मौजूदगी वाले गेंदबाजी आक्रमण से काफी उम्मीदें हैं।
स्टोक्स पर रहेगी निगाह
इंग्लैंड के विश्व कप के हीरो बेन स्टोक्स से फिर प्रभावी प्रदर्शन की उम्मीद होगी। उन्हें फिर से टीम की उपकप्तानी सौंपी गई है। इसके अलावा रोरी बर्न्स और जेसन राय की नई सलामी जोड़ी से अच्छी शुरुआत की उम्मीद भी कप्तान जोए रूट को होगी। रूट तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली इंग्लैंड की टीम पिछले हफ्ते आयरलैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में पहली पारी में 85 रन पर लुढ़क गई थी। इससे टीम के शीर्ष क्रम की कमजोरी उजागर होती है। टीम हालांकि टेस्ट जीतने में सफल रही थी। गेंदबाजी आक्रमण की कमान एक बार फिर जेम्स एंडरसन के हाथों में होगी।
फिर एक-साथ तिकड़ी
प्रतिबंध झेलने के बाद वॉर्नर, स्मिथ और ब्रेनक्राफ्ट की ऑस्ट्रेलियाई तिकड़ी फिर एक साथ नजर आएगी। वॉर्नर और स्टीव हालांकि विश्व कप टीम का हिस्सा थे पर टेस्ट पहली बार खेलेंगे। वॉर्नर ने विश्व में तीन शतकों की मदद से 647 रन बनाए। वॉर्नर के नाम 74 टेस्ट में 21 शतक की मदद से 6363 रन हैं। इस दौरान उनका औसत 48.2 का रहा। पिछली बार इंग्लैंड में एशेज के दौरान उन्होंने 5 अर्धशतक लगाए थे, लेकिन एक भी शतक नहीं लगा सके थे। टीम 2-3 से सीरीज हार गई थी। ऐसे में इस बार वे वर्ल्ड कप के फॉर्म को जारी रखते हुए बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहेंगे।