2 साल बाद फिर एक साल के लिए प्रतिबंधित किया गया यह गेंदबाज
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ऑस्ट्रेलिया के हाथों पहले टेस्ट में मिली करारी हार से परेशान वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम को परेशान करने वाली एक और बड़ी खबर है। आईसीसी ने सख्त तेवर दिखाते हुए कैरेबियाई ऑलराउंडर मार्लोन सैमुअल्स पर एक साल का अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा दिया है।
आईसीसी ने दोषपूर्ण गेंदबाजी एक्शन होने के कारण सैमुअल्स पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेंदबाजी करने से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई वेस्टइंडीज टीम के इस बड़े खिलाड़ी ने ब्रिसबेन में आईसीसी से मान्यता प्राप्त एक टेस्टिंग सेंटर पर अपना टेस्ट दिया लेकिन वह खुद को सही साबित नहीं कर सके।
आईसीसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सैमुअल्स की कोहनी 15 डिग्री से भी ज्यादा मुड़ती है जिससे साबित होता है कि उनकी गेंदबाजी एक्शन नियम के विपरीत है। उनके गेंदबाजी का एक्शन उस समय संदेह के घेरे में आ गया था जब इसी साल गाले में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान उनकी गेंदबाजी को लेकर रिपोर्ट किया गया था।
आईसीसी ने कहा कि दो साल के अंदर गेंदबाजी एक्शन रिपोर्ट होने के कारण उन पर अपने आप ही 12 महीने के लिए प्रतिबंध लग गया है। वह 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेंदबाजी करने से प्रतिबंधित किए जाने वाले तीसरे अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज हैं। नवंबर में उनकी ही टीम के सुनील नारायन और पाकिस्तान सईद अजमल पर भी एक साल का बैन लगाया जा चुका है।
2 साल बाद फिर से प्रतिबंधित किए गए सैमुअल्स
ऐसा तीसरी बार है जब मार्लोन सैमुअल्स की गेंदबाजी एक्शन को लेकर रिपोर्ट किया गया है। वह पहली बार दिसंबर, 2013 में जल्दी-जल्दी गेंदबाजी करने के कारण प्रतिबंधित किए गए। ये घटना उस समय की है जब नवंबर में टेस्ट सीरीज के दौरान भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में उनकी गेंदबाजी को लेकर रिपोर्ट किया गया।
दो साल के बाद एक बार फिर उन्हें गेंदबाजी करने से निलंबित किया गया है। वह पूरे एक साल के लिए गेंदबाजी करने से प्रतिबंधित रहेंगे। वह प्रतिबंध की समयसीमा खत्म होने के बाद फिर से गेंदबाजी के लिए आईसीसी के सामने अपने सुधरे हुए एक्शन के साथ अपना टेस्ट दे सकते हैं।
सबसे पहले 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन टेस्ट के दौरान संदेहास्पट तेज गेंद डालने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने से रोक दिया गया था लेकिन बाद में उन्होंने सुधरे हुए एक्शन के साथ फिर से गेंदबाजी करने की आर्हता हासिल कर ली। उन्हें 2011 में गेंदबाजी करने की अनुमति मिली।
इसके बाद नवंबर, 2013 में भारत के खिलाफ मुंबई टेस्ट के दूसरे दिन उनके गेंदबाजी एक्शन पर रिपोर्ट दर्ज कराया गया। तब उन्हें ऑफ ब्रेक गेंद डालने की इजाजत मिली थी लेकिन जल्दी-जल्दी गेंद डालने से मना कर दिया गया।