{"_id":"626a8c58d02e4645d61203f5","slug":"making-of-fastest-bowler-in-history-of-indian-cricket-umran-malik","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Umran Malik Story: 500 रुपये के लिए मैच खेलने वाला लड़का कैसे बना भारत का सबसे तेज गेंदबाज","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Umran Malik Story: 500 रुपये के लिए मैच खेलने वाला लड़का कैसे बना भारत का सबसे तेज गेंदबाज
Thu, 28 Apr 2022 06:47 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 28 Apr 2022 06:47 PM IST
सार
उमरान मलिक 17 साल की उम्र तक मोहल्ले में 500 रुपये के लिए मैच खेला करते थे। इसके बाद वो रणदीर सिंह के पास गए और उनका जीवन बदल गया। अब वो भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज बन चुके हैं।
विज्ञापन
उमरान मलिक
- फोटो : IPL/BCCI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आईपीएल 2022 में गुजरात के खिलाप पांच विकेट लेने वाले उमरान मलिक का नाम भारतीय क्रिकेट फैन की जुबान पर छाया हुआ है। पिछले सीजन हैदराबाद के लिए खेलने वाले उमरान मलिक अपनी गति से सभी को प्रभावित किया था, लेकिन अब उन्हें ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया में शामिल करने की बातें हो रही हैं। उमरान भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज बन चुके हैं। उनके अंदर लगातार 150 की गति से गेंदबाजी करने की क्षमता है। गुजरात के खिलाफ उमरान ने पांच में चार विकेट क्लीन बोल्ड के रूप में लिए। उनकी गति के सामने बड़े शॉट लगाना हर बल्लेबाज के लिए बड़ी चुनौती है। उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है।
उमरान ने आईपीएल में डेब्यू करने के बाद अपना नाम जितना बड़ा बनाया है, उनका जीवन इससे पहले उतनी ही ज्यादा गुमनामी में गुजरा है। 17 से के उमरान एक दिन कोच रणदीर सिंह के पास गए और उनका जीवन बदल गया। अब वो भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज बन चुके हैं। आईपीएल 2022 के आठ मैचों में उमरान 15 विकेट ले चुके हैं।
विज्ञापन
उमरान ने आईपीएल में डेब्यू करने के बाद अपना नाम जितना बड़ा बनाया है, उनका जीवन इससे पहले उतनी ही ज्यादा गुमनामी में गुजरा है। 17 से के उमरान एक दिन कोच रणदीर सिंह के पास गए और उनका जीवन बदल गया। अब वो भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज बन चुके हैं। आईपीएल 2022 के आठ मैचों में उमरान 15 विकेट ले चुके हैं।
विज्ञापन
2017 में चमकी किस्मत
साल 2017 तक उमरान मलिक मोहल्ला क्रिकेट के स्टार हुआ करते थे। उन्होंने कभी लेदर गेंद से गेंदबाजी नहीं की थी। हर मैच में वो 500 से तीन हजार रुपये तक कमा लेते थे। 2017 की ठंडियों में उमरान मौलाना आजाद स्टेडियम में पहुंचे और कोच रणधीर सिंह से कहा "सर क्या आप मुझे बॉल डालने देंगे?... क्या नाम है तुम्हारा?...उमरान मलिक।"
इस समय मलिक ने गेंदबाजी करने के लिए स्पाइक वाले जूते तक नहीं पहने थे, लेकिन रणधीर सिंह को लगा कि उन्हें गेंदबाजी का मौका देना चाहिए और यहीं से उमरान की किस्मत बदल गई। राज्य की सीनियर टीम के बल्लेबाज जतिन वाधवान इस समय स्ट्राइक ले रहे थे। उमरान की गति से जतिन भी परेशान हुए। कश्मीर की सीनियर टीम के तेज गेंदबाज राम दयाल ने भी ने भी कहा कि इस लड़के का भविष्य शानदार है। इसके बाद रणधीर सिंह ने मलिक को आगे मौका देने का फैसला किया।
फल की दुकान लगाते हैं पिता
उमरान के पिता फल की दुकान लगाते हैं। वो चाहते थे कि बेटा पढ़ लिखकर परिवार का नाम करे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उन्हें पेशेवर क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया। 2017-18 में उमरान ने एकेडमी में दाखिला तो लिया, लेकिन वो लगातार प्रैक्टिस के लिए नहीं आते थे। कोच रणधीर ने कहा "वह एक दिन आता था और बाकी के चार-पांच दिन गायब रहता था। हम उसे समझाते थे कि मौके को ऐसे नहीं जाने दिया जा सकता, उसे लगातार अभ्यास के लिए आना होगा।"
अंडर-19 क्रिकेट के ट्रायल में उमरान ने अपने साथी गेंदबाज से जूते मांगकर गेंदबाजी की थी। कुच बिहार ट्रॉफी के लिए उनका चयन भी हुआ, लेकिन सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला। इस मैच में भी बारिश बाधा बनी। हालांकि, इस मैच में भी उमरान ने अपनी छाप छोड़ी। विकेटकीपर स्टंप से 35 यार्ड की दूरी पर खड़ा था। अंडर-19 क्रिकेट में ऐसे नजारे कम ही देखने को मिलते हैं।
साल 2017 तक उमरान मलिक मोहल्ला क्रिकेट के स्टार हुआ करते थे। उन्होंने कभी लेदर गेंद से गेंदबाजी नहीं की थी। हर मैच में वो 500 से तीन हजार रुपये तक कमा लेते थे। 2017 की ठंडियों में उमरान मौलाना आजाद स्टेडियम में पहुंचे और कोच रणधीर सिंह से कहा "सर क्या आप मुझे बॉल डालने देंगे?... क्या नाम है तुम्हारा?...उमरान मलिक।"
इस समय मलिक ने गेंदबाजी करने के लिए स्पाइक वाले जूते तक नहीं पहने थे, लेकिन रणधीर सिंह को लगा कि उन्हें गेंदबाजी का मौका देना चाहिए और यहीं से उमरान की किस्मत बदल गई। राज्य की सीनियर टीम के बल्लेबाज जतिन वाधवान इस समय स्ट्राइक ले रहे थे। उमरान की गति से जतिन भी परेशान हुए। कश्मीर की सीनियर टीम के तेज गेंदबाज राम दयाल ने भी ने भी कहा कि इस लड़के का भविष्य शानदार है। इसके बाद रणधीर सिंह ने मलिक को आगे मौका देने का फैसला किया।
फल की दुकान लगाते हैं पिता
उमरान के पिता फल की दुकान लगाते हैं। वो चाहते थे कि बेटा पढ़ लिखकर परिवार का नाम करे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उन्हें पेशेवर क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया। 2017-18 में उमरान ने एकेडमी में दाखिला तो लिया, लेकिन वो लगातार प्रैक्टिस के लिए नहीं आते थे। कोच रणधीर ने कहा "वह एक दिन आता था और बाकी के चार-पांच दिन गायब रहता था। हम उसे समझाते थे कि मौके को ऐसे नहीं जाने दिया जा सकता, उसे लगातार अभ्यास के लिए आना होगा।"
अंडर-19 क्रिकेट के ट्रायल में उमरान ने अपने साथी गेंदबाज से जूते मांगकर गेंदबाजी की थी। कुच बिहार ट्रॉफी के लिए उनका चयन भी हुआ, लेकिन सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला। इस मैच में भी बारिश बाधा बनी। हालांकि, इस मैच में भी उमरान ने अपनी छाप छोड़ी। विकेटकीपर स्टंप से 35 यार्ड की दूरी पर खड़ा था। अंडर-19 क्रिकेट में ऐसे नजारे कम ही देखने को मिलते हैं।
असम के कोच ने गेंदबाजी से रोका
असम की टीम एक मैच के लिए कश्मीर आई थी और टीम के कोच अजय रात्रा ने उमरान से कहा कि क्या वो उनके बल्लेबाजों के लिए नेट्स में गेंदबाजी करेंगे। उमरान तुरंत मान गए, लेकिन 15 मिटन बाद रात्रा ने उन्हें गेंदबाजी करने से रोक दिया। उनकी टीम को मैच खेलना था और वो नहीं चाहते थे कि उनके बल्लेबाज चोटिल हो जाएं। रात्रा इस बात से हैरान थे कि उमरान रणजी क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं।
तावी नदी के किनारे घर होने से मिला फायदा
एक तेज गेंदबाज के लिए शरीर के ऊपरी हिस्से के मजबूत होने से ज्यादा जरूरी होता है शरीर के निचले हिस्से का मजबूत होना। मजबूत पैरों के बदौलत ही गेंदबाज अच्छी लय के दौड़ते हैं और तेजी के साथ गेंद फेंकते हैं। उमरान का घर तावी नदी के किनारे है और उनके घर के पास की जमीन रेतीली है। वो रेत से भरी जमीन पर ही खेलते हुए बड़े हुए और यहीं क्रिकेट खेला। इसी वजह से उनके पैर बेहद मजबूत हैं।
सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा बनने से पहले मलिक कभी भी नियमित तौर पर जिम नहीं गए थे, लेकिन उनका शरीर एक तेज गेंदबाज के लिहास शानदार है। टेनिस बॉल क्रिकेट में यॉर्कर की अहमियत बहुत ज्यादा होती है। जसप्रीत बुमराह ने भी टेनिस गेंद से ही यॉर्कर गेंद सीखी थी और उमरान मलिक के साथ भी ऐसा ही है।
अब्दुल समद ने की मदद
जून 2020 में पहले लॉकडाउन के बाद अब्दुल समद उमरान मलिक की गेंदबाजी के वीडियो रिकॉर्ड करते थे और उन्हें वीवीएस लक्ष्मण और टॉम मूडी को भेजते थे। सनराइजर्स को उमरान की गेंदबाजी पसंद आई और इसके बाद जो हुआ वह इतिहास बन गया। साल 2020 में उमरान नेट गेंदबाज के रूप में यूएई गए और 2021 में भी उनका यही हाल था। टी नटराजन के चोटिल होने के बाद उन्हें खेलने का मौका मिला और लगातार 150 की गति से गेंदबाजी करने वाले उमरान को 2021 टी20 विश्व कप में नेट गेंदबाज के रूप में ले जाया गया। अब उमरान के लिए चीजें तेजी से बदल रही हैं, लेकिन कोच रणधीर सिंह को विश्वास है कि वो इन चीजों को संभालकर स्टेन जैसे खिलाड़ियों से सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे।
असम की टीम एक मैच के लिए कश्मीर आई थी और टीम के कोच अजय रात्रा ने उमरान से कहा कि क्या वो उनके बल्लेबाजों के लिए नेट्स में गेंदबाजी करेंगे। उमरान तुरंत मान गए, लेकिन 15 मिटन बाद रात्रा ने उन्हें गेंदबाजी करने से रोक दिया। उनकी टीम को मैच खेलना था और वो नहीं चाहते थे कि उनके बल्लेबाज चोटिल हो जाएं। रात्रा इस बात से हैरान थे कि उमरान रणजी क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं।
तावी नदी के किनारे घर होने से मिला फायदा
एक तेज गेंदबाज के लिए शरीर के ऊपरी हिस्से के मजबूत होने से ज्यादा जरूरी होता है शरीर के निचले हिस्से का मजबूत होना। मजबूत पैरों के बदौलत ही गेंदबाज अच्छी लय के दौड़ते हैं और तेजी के साथ गेंद फेंकते हैं। उमरान का घर तावी नदी के किनारे है और उनके घर के पास की जमीन रेतीली है। वो रेत से भरी जमीन पर ही खेलते हुए बड़े हुए और यहीं क्रिकेट खेला। इसी वजह से उनके पैर बेहद मजबूत हैं।
सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा बनने से पहले मलिक कभी भी नियमित तौर पर जिम नहीं गए थे, लेकिन उनका शरीर एक तेज गेंदबाज के लिहास शानदार है। टेनिस बॉल क्रिकेट में यॉर्कर की अहमियत बहुत ज्यादा होती है। जसप्रीत बुमराह ने भी टेनिस गेंद से ही यॉर्कर गेंद सीखी थी और उमरान मलिक के साथ भी ऐसा ही है।
अब्दुल समद ने की मदद
जून 2020 में पहले लॉकडाउन के बाद अब्दुल समद उमरान मलिक की गेंदबाजी के वीडियो रिकॉर्ड करते थे और उन्हें वीवीएस लक्ष्मण और टॉम मूडी को भेजते थे। सनराइजर्स को उमरान की गेंदबाजी पसंद आई और इसके बाद जो हुआ वह इतिहास बन गया। साल 2020 में उमरान नेट गेंदबाज के रूप में यूएई गए और 2021 में भी उनका यही हाल था। टी नटराजन के चोटिल होने के बाद उन्हें खेलने का मौका मिला और लगातार 150 की गति से गेंदबाजी करने वाले उमरान को 2021 टी20 विश्व कप में नेट गेंदबाज के रूप में ले जाया गया। अब उमरान के लिए चीजें तेजी से बदल रही हैं, लेकिन कोच रणधीर सिंह को विश्वास है कि वो इन चीजों को संभालकर स्टेन जैसे खिलाड़ियों से सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे।