विराट सेना ने 22 साल बाद श्रीलंका में जीती सीरीज
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टीम इंडिया की विराट सेना ने तीसरा टेस्ट जीतने के साथ ही श्रीलंका की धरती पर इतिहास रच दिया। भारत ने श्रीलंका में 22 साल बाद कोई टेस्ट सीरीज जीती है।
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मैच के पांचवें दिन और आखिरी दिन टी-ब्रेक के तुरंत बाद टीम इंडिया ने श्रीलंका की दूसरी पारी 268 रन पर समेट कर 117 रनों से हराकर 3 मैचों की सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमा लिया। भारतीय टीम ने इससे पहले 1993 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में श्रीलंका में कोई सीरीज जीती थी।
भारत की ओर से इस पारी में आर अश्विन ने 4, इशांत शर्मा ने 3 और उमेश यादव ने 2 विकेट झटके।
पांचवें दिन लंच से पहले भारत को मिली थी 2 सफलता
टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 386 रनों का लक्ष्य रखा लेकिन उसकी शुरुआत बेहद खराब रही। मेजबान टीम के शुरुआती 3 विकेट महज 21 रन पर ही गिर गए थे जिसमें 2 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए।
दूसरी ओर, मुकाबले के अंतिम दिन भारत को जीत के लिए 7 विकेट की दरकार थी। उसके सामने कप्तान एंजेलो मैथ्यूज और कौशल सिल्वा की जोड़ी थी जो चौथे विकेट के लिए 53 रनों की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना रही थी। लेकिन दिन के तीसरे ओवर के खेल में ही तेज गेंदबाज उमेश यादव ने ओपनर सिल्वा को 27 रन के निजी स्कोर पर कैच आउट कराकर भारत को चौथी सफलता दिला दी।
सिल्वा के जाने के बाद मैथ्यूज का साथ देने लाहिरू थिरिमने (12) क्रीज पर आए। दोनों ने बेहद संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाया और 33 रनों की साझेदारी कर टीम को सौ के पार पहुंचा भी दिया। लेकिन टीम का स्कोर जब 107 रन पर था तो आर अशि्वन ने थिरिमने को कैच आउट कराकर चलता किया। दूसरी ओर श्रीलंकाई कप्तान ने अपना विकेट बचाए रखा और शानदार फिफ्टी ठोंक दी।
लंच के बाद लौटने पर मैथ्यूज ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुशल परेरा के साथ छठे विकेट के लिए 135 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम को 200 के पार पहुंचा दिया। पहली पारी में 55 रनों की पारी खेलने वाले परेरा ने दूसरी पारी में भी फिफ्टी ठोंक दिया और 70 रन बनाए। इसके बदा मैथ्यूज ने शानदार शतक जमा दिया। इस जोड़ी को अश्विन ने परेरा को आउट कर तोड़ा।
टी ब्रेक के बाद इशांत ने लिया अपना 200वां विकेट
टी-ब्रेक के बाद टीम इंडिया ने शानदार वापसी की और मात्र 4 ओवरों में ही मैच अपने पाले में किया। 81वें ओवर से टीम इंडिया ने टी-ब्रेक के बाद गेंदबाजी शुरू की और 84वें ओवर की आखिरी गेंद पर इतिहास रच दिया। 22 साल बाद श्रीलंका को उन्हीं की धरती पर हराया।
सबसे पहले 81वें ओवर की तीसरी गेंद पर इशांत शर्मा ने भारत की जीत का सबसे बड़ा रोड़ा बने कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (110 रन, 240 गेंद) को पगबाधा कर भारत को सबसे बड़ी सफलता दिलाई। इसके साथ ही इशांत ने टेस्ट में अपने 200 विकेट भी पूरे कर लिए। मैथ्यूज ने इससे पहले कुशल परेरा (70) के साथ छठे विकेट के लिए 135 रनों की शतकीय साझेदारी की थी।
टीम इंडिया को आठवीं और नौंवी सफलता आर अश्विन ने दिलाई। उन्होंने रंगना हेराथ (11) को पगबाधा और धम्मिका प्रसाद (6) को कैच आउट कराकर भारत को जीत के बिल्कुल करीब ला दिया। आखिरी सफलता फिरकी गेंदबाज अमित मिश्रा के हाथ लगी। उन्होंने नुआन प्रदीप को बिना खाता खोले पगबाधा आउट किया। इसी विकेट के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की।