वार्न और द्रविड़ के कारनामे की बराबरी करेंगे 'स्माइलिंग एक्सपर्ट' बालाजी
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क्रिकेट की दुनिया में आईपीएल के पदार्पण से पहले संभवत: किसी खिलाड़ी को टीम के सदस्य और कोच की दोहरी भूमिका दी गई हो। आईपीएल में राजस्थान रायल्स में शेन वार्न ने सफलतापूर्वक इस दोहरी भूमिका का निर्वहन किया था। इसके बाद यह एक चलन ही बन गया। महान भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने भी इसी टीम के लिए इस तरह की सफल दोहरी भूमिका निभाई। रेयान हैरिस और जसि्टन लैंगर भी ऐसा कर चुके हैं।
पेशेवर क्रिकेट को छोड़ दिया जाए तो प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट में ऐसी दोहरी भूमिका शायद ही किसी क्रिकेटर को दी गई है। लेकिन भारत में अब ऐसा हुआ है। रणजी क्रिकेट के अगले सत्र के लिए एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को टीम में बतौर खिलाड़ी और कोच के रूप में चयन किया गया है।
तमिलनाडु की रणजी टीम ने कभी टीम इंडिया के तेज गेंदबाज रहे लक्ष्मीपति बालाजी को अगले सत्र के लिए गेंदबाजी कोच के साथ-साथ टीम में भी शामिल किया है। बालाजी पिछले सत्र के बाद से अपने संन्यास के बारे में गंभीरता से विचार कर रहे थे, अब उन्हें टीम में रहने के साथ-साथ साथी गेंदबाजों की गेंदबाजी आक्रमण में धार देने का काम भी करना होगा।
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तमिलनाडु की रणजी टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम प्रबंधन बालाजी के बड़े अनुभव का फायदा उठाना चाहती है। बालाजी ने इस भूमिका को स्वीकार कर लिया है। वह इसे नए अध्याय के रूप में भी देख रहे हैं।
33 साल के बालाजी 2014-15 के सत्र में अपनी टीम के लिए रणजी ट्रॉफी के सारे मैच नहीं खेल सके थे। उनकी टीम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने में सफल भी रही थी। हालांकि बालाजी ने सत्र में 8 मैच खेले और 15 विकेट झटके थे।
10 साल (2002-2012) के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में बालाजी ने 8 टेस्ट और 30 वनडे मैच खेले हैं। साथ ही उन्होंने 5 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले। इस दौरान उन्होंने 71 अंतरराष्ट्रीय विकेट झटके थे।
2002 में बालाजी ने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत जानदार अंदाज में की थी और वह 2003-04 में पाक के ऐतिहासिक दौरे के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा थे। दौरे के दौरान पाक बल्लेबाजों को परेशान करने के बाद अपने हंसने के अंदाज से वह खासे लोकप्रिय हो गए थे। पाक में भी उनके प्रशंसकों की संख्या बढ़ गई थी।
लेकिन 2005 में उन्हें चोट लगी और ऑपरेशन कराना पड़ा। इस ऑपरेशन के कारण उन्हें मैदान से 3 साल तक दूर रहना पड़ा। यह चोट उनके लिए बेहद घातक साबित हुआ क्योंकि इसके बाद वह कभी भी उबर नहीं सके और टीम इंडिया में अपनी जगह भी गंवा दी।
तमिलनाडु ने रणजी में पहले 3 मैचों के लिए अपनी टीम का चयन कर दिया है। अभिनव मुकुंद को कप्तान बनाए रखा गया है जबकि बी इंद्रजीत को उनका डिप्टी बनाया गया है।