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2nd Test: ढाका में स्पिनर्स ने 25 विकेट लिए, फिर भी कप्तान राहुल ने कुलदीप को बाहर करने के फैसले को बताया सही
Sun, 25 Dec 2022 07:15 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ढाका
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 25 Dec 2022 07:15 PM IST
सार
भारतीय टीम मैनेजमेंट ने पिछले मैच के मैन ऑफ द मैच कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया था। इस पर कप्तान केएल राहुल समेत टीम मैनेजमेंट की खूब आलोचना भी हुई थी। हालांकि, राहुल ने मैच के बाद कुलदीप को नहीं खिलाने के अपने फैसले को सही बताया है।
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कुलदीप यादव और केएल राहुल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत ने बांग्लादेश को दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। पहला टेस्ट भारत ने 188 रन से जीता था। वहीं, दूसरे टेस्ट में श्रेयस अय्यर ने रविचंद्रन अश्विन के साथ मिलकर टीम को तीन विकेट से जीत दिलाई। 145 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने एक वक्त अपनी दूसरी पारी में 74 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे।
इसके बाद श्रेयस ने अश्विन के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए नाबाद 71 रन की साझेदारी निभाई। इस टेस्ट में दोनों टीमों के स्पिनर्स ने कहर बरपाया। हालांकि, भारतीय टीम मैनेजमेंट ने पिछले मैच के मैन ऑफ द मैच कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया था। इस पर कप्तान केएल राहुल समेत टीम मैनेजमेंट की खूब आलोचना भी हुई थी। हालांकि, राहुल ने मैच के बाद कुलदीप को नहीं खिलाने के अपने फैसले को सही बताया है।
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इसके बाद श्रेयस ने अश्विन के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए नाबाद 71 रन की साझेदारी निभाई। इस टेस्ट में दोनों टीमों के स्पिनर्स ने कहर बरपाया। हालांकि, भारतीय टीम मैनेजमेंट ने पिछले मैच के मैन ऑफ द मैच कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया था। इस पर कप्तान केएल राहुल समेत टीम मैनेजमेंट की खूब आलोचना भी हुई थी। हालांकि, राहुल ने मैच के बाद कुलदीप को नहीं खिलाने के अपने फैसले को सही बताया है।
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कुलदीप को ड्रॉप करने का राहुल को अफसोस नहीं
नियमित कप्तान रोहित शर्मा के चोटिल होने की वजह से कप्तानी कर रहे केएल राहुल ने रविवार को स्वीकार किया कि भारत को दूसरी पारी में कुलदीप यादव की कमी खली, लेकिन उन्होंने कहा कि 'चाइनामैन' गेंदबाज को ड्रॉप करने का कोई अफसोस नहीं है। कुलदीप की जगह जयदेव उनादकट को टीम में शामिल किया गया था, जिन्होंने दोनों पारी मिलाकर कुल तीन विकेट चटकाए। राहुल के इस फैसले से सुनील गावस्कर नाराज दिखे थे और उन्होंने टीम मैनेजमेंट को फटकार लगाई थी।
''कुलदीप की जगह उनादकट को खिलाना सही फैसला''
राहुल ने कुलदीप को बाहर करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा- मुझे इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। यह सही फैसला था। अगर आप विकेटों को देखें, तो हमारे तेज गेंदबाजों ने भी कई विकेट लिए हैं और उन्हें काफी मदद मिली। काफी असंगत उछाल थी। हमने यहां वनडे मैचों में खेलने के अपने अनुभव को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया था। हमने देखा कि स्पिन और तेज गेंदबाज दोनों के लिए सहायता है। मुझे लगता है कि कुलदीप को बाहर करना और अतिरिक्त तेज गेंदबाज को मौका देना एक सही फैसला था। यह वास्तव में एक कठिन निर्णय था, यह जानते हुए कि उन्होंने हमें आखिरी टेस्ट जिताया था, लेकिन मैच से एक दिन पहले पिच को देखकर हमें लगा कि तेज गेंदबाज और सीमर्स दोनों को मदद मिलेगी। इसे ध्यान में रखते हुए हम सर्वश्रेष्ठ और संतुलित टीम खिलना चाहते थे।
दूसरी पारी में राहुल को आई थी कुलदीप की याद
राहुल ने कहा कि अगर 'इम्पैक्ट प्लयेर' वाला नियम होता तो वह निश्चित तौर पर दूसरी पारी में कुलदीप को मौका देना चाहते। राहुल ने कहा- अगर इम्पैक्ट प्लेयर रूल होता, जैसा कि आईपीएल में होने वाला है, मैं निश्चित रूप से दूसरी पारी में कुलदीप को लाना पसंद करता। इम्पैक्ट प्लेयर नियम से आप किसी एक खिलाड़ी को दूसरे खिलाड़ी से रिप्लेस कर सकते हैं। जिस खिलाड़ी को आप मैदान से बाहर भेजेंगे, वह फिर मैच में कोई दूसरा रोल नहीं निभा पाएगा। वहीं, उसकी जगह मैदान पर आने वाला खिलाड़ी अपना खेल दिखा पाएगा। आईपीएल में यह नियम इस साल से लागू होगा। हालांकि, यह सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों के लिए होगा। विदेशी खिलाड़ियों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
कुलदीप को बाहर करने के फैसले पर कई सवाल उठे
कुलदीप को बाहर करने के फैसले पर काफी सवाल उठे थे। इस चाइनामैन गेंदबाज ने चटगांव में पहले टेस्ट की पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में तीन विकेट लिए थे। इसके अलावा पहली पारी में 40 रन भी बनाए थे। ढाका में दूसरे टेस्ट में स्पिनर्स का दवदबा देखने को मिला। मैच में कुल 37 विकेट गिरे, जिसमें से स्पिनर्स ने 25 विकेट लिए। दोनों टीमों की दूसरी पारी में तो विकेट पर गेंद खूब टर्न हो रही थी।
ऐसे में कुलदीप बांग्लादेश के लिए घातक साबित हो सकते थे। कुलदीप के साथ दूसरी बार ऐसा हुआ जब अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर किया गया। 2019 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में कुलदीप ने पारी में पांच विकेट लिए थे। इसके बाद वह दो साल तक टीम से बाहर रहे थ। वहीं, अब 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में कुलदीप ने टेस्ट में अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की। इसके बाद अगले टेस्ट से वह ड्रॉप कर दिए गए।
राहुल ने खुद के खराब फॉर्म का किया बचाव
इस सीरीज में राहुल खुद खराब फॉर्म में दिखे। उन्होंने दोनों टेस्ट मिलाकर पिछली चार पारियों में 22, 23, 10 और 2 का स्कोर बनाया है। अपनी बैटिंग का बचाव करते हुए राहुल ने कहा- जब आप तीनों प्रारूप खेलते हैं तो एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में कूदना थोड़ा मुश्किल होता है। आप जिस फॉर्मेट में खेल रहे थे, उससे दूसरे फॉर्मेट के मुताबिक ढलने में थोड़ा समय लगता है। हर एक फॉर्मेट एक चुनौती है कि आप कितनी जल्दी खुद को ढाल सकते हैं। यह एक ऐसी चुनौती है जो मुझे रोमांचित करती है।
राहुल ने कहा- जाहिर तौर पर इस सीरीज में मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं था। मैं इसे स्वीकार कर रहा हूं। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और वह काम नहीं आया। मैं आगे इस पर ध्यान केंद्रित करूंगा और देखूंगा कि अगली बार मैं क्या बेहतर कर सकता हूं। इसके साथ ही खराब प्रदर्शन के लिए राहुल ने व्यस्त कार्यक्रम को भी जिम्मेदार ठहराया। राहुल ने कहा- दुर्भाग्य से हमारा शेड्यूल कुछ ऐसे खिलाड़ियों के लिए बहुत गलत है जो खुद को हर फॉर्मेट में ढालने के लिए सभी मैच खेलना चाहते हैं और बहुत जल्दी इसके अभ्यस्त हो जाते हैं।
राहुल ने श्रेयस अय्यर की जमकर तारीफ की
राहुल ने कहा- यह हमारे लिए चुनौती है। हम रेड बॉल और व्हाइट बॉल क्रिकेट के बीच ध्यान केंद्रित करने के लिए और अधिक समय चाहिए होता है। रेड बॉल क्रिकेट के लिए धैर्य की आवश्यकता होती है, जिसके लिए खिलाड़ियों के पास समय नहीं होता। राहुल ने श्रेयस अय्यर की भी जमकर तारीफ की। अय्यर का प्रदर्शन इस सीरीज में शानदार रहा, क्योंकि उन्होंने दो अर्द्धशतक के साथ 101 के औसत से रन बनाए। वह चेतेश्वर पुजारा (222) के बाद टेस्ट सीरीज में 202 रनों के साथ दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। राहुल ने कहा- अय्यर लंबे समय से टीम के साथ हैं। मैं उनके लिए बहुत खुश हूं। उन्होंने मौके को दोनों हाथों से भुनाया। जिस तरह से उन्होंने दूसरी पारी में खेला, वह शानदार था। उन्होंने रन चेज को वास्तव में आसान बना दिया।