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Khaleel Ahmed Story: अकरम जैसी स्विंग, ईशांत जैसी लंबाई पर 3.5 साल से नहीं मिला मौका, गेंदबाज ने बताया दर्द
Wed, 29 Mar 2023 07:36 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Wed, 29 Mar 2023 07:36 PM IST
सार
भारतीय टीम में जहीर खान के बाद बाएं हाथ का कोई अच्छा स्विंग गेंदबाज नहीं रहा है। हालांकि, जहीर के बाद बाएं हाथ के कई गेंदबाज भारत के लिए खेले, लेकिन कोई भी टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाया है।
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भारतीय टीम के खिलाड़ियों के साथ विकेट का जश्न मनाते खलील अहमद
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आईपीएल 2023 की शुरुआत 31 मार्च से हो रही है। सभी टीमें इस टूर्नामेंट में कमाल करने के लिए तैयार हैं। आईपीएल में कई ऐसे खिलाड़ी भी दिखते हैं, जिन्होंने अपने करियर की शानदार शुरुआत की थी और ऐसा लगा था कि वह देश के लिए लंबे समय तक खेलेंगे। साथ ही कई विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम करेंगे। हालांकि, कुछ मुकाबलों के बाद ही ये खिलाड़ी गुमनाम हो गए और अब यह सिर्फ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल में ही दिखते हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज खलील अहमद भी इनमें से एक हैं। 25 साल के खलील ने 2018 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इस समय वह सिर्फ 20 साल के थे। खलील की शुरुआत देखकर ऐसा लगा कि वह जहीर खान की जगह लेंगे और लंबे समय तक देश के लिए खेलेंगे, लेकिन कुछ समय बाद ही वह टीम इंडिया से बाहर हो गए।
खलील की लंबाई अच्छी है। वह छह फीट एक इंच लंबे हैं। एक तेज गेंदबाज के लिहाज से उनकी लंबाई शानदार है। इसके साथ ही उनका गेंदबाजी एक्शन भी बेहतरीन है। इस वजह से उन्हें अच्छी स्विंग भी मिलती है। इन्हीं कारणों से खलील को देश का भविष्य माना जा रहा था, लेकिन वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके और टीम इंडिया से बाहर हो गए।
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दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज खलील अहमद भी इनमें से एक हैं। 25 साल के खलील ने 2018 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इस समय वह सिर्फ 20 साल के थे। खलील की शुरुआत देखकर ऐसा लगा कि वह जहीर खान की जगह लेंगे और लंबे समय तक देश के लिए खेलेंगे, लेकिन कुछ समय बाद ही वह टीम इंडिया से बाहर हो गए।
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खलील की लंबाई अच्छी है। वह छह फीट एक इंच लंबे हैं। एक तेज गेंदबाज के लिहाज से उनकी लंबाई शानदार है। इसके साथ ही उनका गेंदबाजी एक्शन भी बेहतरीन है। इस वजह से उन्हें अच्छी स्विंग भी मिलती है। इन्हीं कारणों से खलील को देश का भविष्य माना जा रहा था, लेकिन वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके और टीम इंडिया से बाहर हो गए।
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कैसा है रिकॉर्ड?
भारत के लिए 11 वनडे मैच में खलील अहमद ने 5.81 के इकोनॉमी रेट से रन दिए हैं और 15 विकेट भी झटके हैं। वहीं, 14 टी20 मैच में उनके नाम 13 विकेट हैं। वहीं, उनका इकोनॉमी रेट 8.83 का है। आईपीएल में उन्होंने 34 मुकाबलों में 48 विकेट लिए हैं, लेकिन 8.49 के इकोनॉमी रेट से रन भी लुटाए हैं। भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए खलील को अपनी लाइन लेंथ और बेहतर करनी होगी। इसके साथ ही उन्हें इकोनॉमी रेट पर भी काम करना होगा।
खलील ने बताया अपना दर्द
खलील ने जियो सिनेमा एप पर बातचीत के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा को बताया कि बचपन में उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह क्रिकेट खेलें। खलील के पिता कंपाउंडर थे और उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे। हालांकि, खलील का मन पढ़ाई में नहीं लगता था। वह क्रिकेट खेलने चले जाते थे और पढ़ाई न करने पर पिता उन्हें बेल्ट से मारते थे। खलील की बहनें उन्हें मरहम लगाती थीं। क्रिकेट में खलील का नाम होने के बाद हालात बदले और पिता भी उनका समर्थन करने लगे। आईपीएल में खेलने के बाद खलील ने अपने पिता की चिंता दूर कर दी। उनके पिता चाहते थे कि आर्थिक रूप से वह पूरी तरह सक्षम हों और आईपीएल ने उन्हें इस काबिल बनाया।
भारत के लिए 11 वनडे मैच में खलील अहमद ने 5.81 के इकोनॉमी रेट से रन दिए हैं और 15 विकेट भी झटके हैं। वहीं, 14 टी20 मैच में उनके नाम 13 विकेट हैं। वहीं, उनका इकोनॉमी रेट 8.83 का है। आईपीएल में उन्होंने 34 मुकाबलों में 48 विकेट लिए हैं, लेकिन 8.49 के इकोनॉमी रेट से रन भी लुटाए हैं। भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए खलील को अपनी लाइन लेंथ और बेहतर करनी होगी। इसके साथ ही उन्हें इकोनॉमी रेट पर भी काम करना होगा।
खलील ने बताया अपना दर्द
खलील ने जियो सिनेमा एप पर बातचीत के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा को बताया कि बचपन में उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह क्रिकेट खेलें। खलील के पिता कंपाउंडर थे और उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे। हालांकि, खलील का मन पढ़ाई में नहीं लगता था। वह क्रिकेट खेलने चले जाते थे और पढ़ाई न करने पर पिता उन्हें बेल्ट से मारते थे। खलील की बहनें उन्हें मरहम लगाती थीं। क्रिकेट में खलील का नाम होने के बाद हालात बदले और पिता भी उनका समर्थन करने लगे। आईपीएल में खेलने के बाद खलील ने अपने पिता की चिंता दूर कर दी। उनके पिता चाहते थे कि आर्थिक रूप से वह पूरी तरह सक्षम हों और आईपीएल ने उन्हें इस काबिल बनाया।