वर्ल्ड कप 2015 पर कश्मीर की आस
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अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी तैयार करने के लिए घाटी में बेहतर ढांचा न होने के बावजूद कश्मीर के युवा और बुज़ुर्ग क्रिकेट में गहरी दिलचस्पी लेते हैं। साथ ही ख़ुद भी क्रिकेट खेलने का बेहद शौक़ रखते हैं।
कोई भारत को पसंद करता है तो कोई ऑस्ट्रेलिया या पाकिस्तान को पसंदीदा टीम बताता है।
श्रीनगर के तारिक़ अहमद भारत-पाकिस्तान को छोड़ ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ़्रीका और इंग्लैंड के खिलाड़ियों को अपना पसंदीदा बताते हैं। दक्षिण अफ़्रीका के एबी डी विलियर्स इनके पसंदीदा खिलाडी हैं।
आक़िब मुज़म्मिल सिद्दीकी के लिए पाकिस्तान की क्रिकेट टीम सबसे उम्दा है। शाहिद अफ़रीदी और अहमद शहज़ाद इन्हें बेहद पसंद हैं।
क्रिकेट पर बाढ़ का असर
कश्मीर के उबैद अहमद कुछ अलग सोचते हैं। वे भारतीय टीम के रोहित शर्मा को किसी से कम नहीं मानते। वह कहते हैं, "रोहित शर्मा जैसे बल्लेबाज़ों की भारत की टीम को ज़रूरत है। वह बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं।"
पिछले साल सितंबर में आई भीषण बाढ़ ने कश्मीर में बनने वाले क्रिकेट बल्लों के उद्योग को भी काफी नुकसान पहुंचाया था। जबकि क्रिकेट विश्व कप शुरू होने वाला है तो कश्मीर में बल्ले बनाने वाले कारखानों से जुड़े लोगों और कारोबारियों में उम्मीद जगी है कि उनका कारोबार फिर रफ़्तार पकड़े।
कश्मीर के रहने वाले मोहम्मद अशरफ़ के चेहरे पर एक बार फिर ख़ुशी लौट आई है।
अशरफ़ बल्ले बनाने का कारखाना कश्मीर के संगम में चलाते हैं। अशरफ़ का कारखाना सितंबर में आई बाढ़ के दौरान तबाह हुआ था और कई महीनों तक उनका कामकाज ठप हो गया था।
वह कहते हैं, "हमने सितंबर की बाढ़ से पहले ही विश्व कप के लिए तैयारियां शुरू की थी, लेकिन अचानक आई बाढ़ ने हमारे कारखाने को काफी नुकसान पहुँचाया।"
अभी तक अशरफ़ को भारत के अलग-अलग हिस्सों से दस हज़ार बल्लों का ऑर्डर मिला है, जिनको वो भारत के कई शहरों में भेज चुके हैं। इन्हें उम्मीद है कि विश्व क्रिकेट कप के लिए वह 35 हज़ार बल्ले बेच पाएंगे।
संगम स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाम क़ादिर बट के मुताबिक़ कश्मीर घाटी के संगम इलाके में बल्ले बनाने के तक़रीबन तीन सौ कारखाने हैं जहां दस हज़ार लोगों को रोज़गार मिलता है।
कारोबार पर असर
संगम स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाम कादिर बट के कारखाने में भी बाढ़ से तबाही हुई थी और बल्लों के लिए रखे लाखों रुपए की लकड़ी को पानी अपने साथ बहा कर ले गया था।
बट का कहना है, "अभी तक मैंने अपने कारखाने में 25 से 35 हज़ार बल्ले तैयार करके स्टॉक में रखा है। उम्मीद है कि विश्व क्रिकेट कप शुरू होने से बल्लों की भी मांग बढ़ेगी।" ( फोटो बीबीसी )