दिग्गज कपिल देव को मिल सकती है टीम इंडिया का कोच चुनने की जिम्मेदारी, हो सकते हैं कई बदलाव
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भारतीय क्रिकेट का संचालन कर रही प्रशासकों की समिति (सीओए) ने टीम इंडिया के अगले कोच के चयन का जिम्मा कपिल देव की अगुआई वाली तदर्थ समिति को सौंपा है। इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त पैनल में मतभेद हो सकते हैं। तदर्थ समिति में पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी हैं। उन्होंने इससे पहले दिसंबर में डब्ल्यूवी रमन को भारतीय महिला टीम का कोच नियुक्त किया था। एक सदस्य ने कहा कि बीसीसीआई ने पुरुष टीम का मुख्य कोच चुनने के लिए भी उनसे संपर्क किया है।
महिला टीम के कोच को लेकर हुआ था विवाद
इससे पहले जब सीओए में दो सदस्य चेयरमैन विनोद राय और पूर्व भारतीय कप्तान डायना एडुल्जी थे। इनमें से एडुल्जी ने महिला कोच चयन प्रक्रिया को असवैंधानिक करार दिया था। उनका कहना था कि सिर्फ क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ही कोच का चयन कर सकती है। सीओए अब तीन सदस्यीय पैनल है। फरवरी में लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोड़गे को इसमें शामिल किया गया था।
सीएसी के भविष्य पर आशंकाएं
सीएसी के भविष्य को लेकर गंभीर आशंकाएं हैं, जिसमें सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण शामिल हैं। इसलिए सीओए ने तदर्थ समिति को यह काम सौंपना उचित समझा। तेंदुलकर को जहां हितों के टकराव के आरोपों से मुक्त कर दिया गया है वहीं बीसीसीआई संविधान के तहत गांगुली और लक्ष्मण को अपनी कई भूमिकाओं में से किसी एक का चयन करने के लिए कहा गया है। सीओए ने हालांकि इस पर अभी कोई फैसला नहीं किया है। कपिल और रंगास्वामी भी हितों के टकराव के दायरे में आते हैं क्योंकि बीसीसीआई संविधान के अनुसार वे भी खिलाड़ियों के संघ के गठन के लिए जिम्मेदार हैं।
कोच और सहयोगी स्टाफ के लिए बीसीसीआई ने आवेदन आमंत्रित किए
बीसीसीआई ने मंगलवार को मुख्य कोच सहित पुरुष टीम के सहयोगी स्टाफ के लिए आवेदन आमंत्रित किए। मुख्य कोच की उम्र 60 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए और उसे कम से कम दो साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अनुभव होना चाहिए। सभी पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जुलाई है।