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IPL Auction: नीलामी में ये दो टीमें नहीं कर सकेंगी आरटीएम का इस्तेमाल, जानें क्या होता है राइट टू मैच कार्ड?
Sat, 23 Nov 2024 01:42 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 23 Nov 2024 01:42 PM IST
सार
पिछली बार 2017 मेगा नीलामी में राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। कम से कम तीन फ्रेंचाइजी के आरटीएम को समर्थन करने के बाद आईपीएल ने 2025 के लिए होने वाली मेगा नीलामी से इसे फिर से शुरू करने का फैसला किया गया है।
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आईपीएल 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईपीएल 2025 के लिए होने वाली मेगा नीलामी को लेकर सभी 10 टीमों ने कमर कस ली है। रविवार और सोमवार को सऊदी अरब के शहर जेद्दाह में खिलाड़ियों की बोली लगेगी। इससे पहले सभी फ्रेंचाइजी ने रिटेंशन लिस्ट जारी कर दी थी। हर एक फ्रेंचाइजी के पास अधिकतम छह खिलाड़ियों को रिटेन करने की इजाजत थी। इनमें राइट-टू-मैच (आरटीएम) का विकल्प भी शामिल है। इनमें दो अनकैप्ड भारतीय शामिल रह सकते थे।
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साल 2022 में हुई पिछली मेगा नीलामी सुपरहिट रही थी क्योंकि हर फ्रेंचाइजी को शुरुआत से अपनी टीम बनानी पड़ी थी। इस बार भी फ्रेंचाइजी के सामने यही चुनौती होगी कि वे एक सही टीम संयोजन बना सकें और आगे लीग जीतने के लिए जोर लगा सकें। आईपीएल 2025 के लिए खिलाड़ियों की मेगा नीलामी में इस बार कुल 1574 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन कुल 577 खिलाड़ियों को चयनित किया गया जिनमें से 367 भारतीय और 210 विदेशी खिलाड़ी, जबकि तीन सहयोगी राष्ट्र के हैं। इस बार कुल 331 अनकैप्ड खिलाड़ी भी अपनी अपनी किस्मत आजमाएंगे जिसमें से 319 भारतीय और 12 विदेशी खिलाड़ी हैं। सभी 10 फ्रेंचाइजी 204 खाली स्थानों के लिए बोली लगाएंगी।
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सभी फ्रेंचाइजी अधिकतम 25 खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सकती हैं जिसमें से अधिकतम आठ विदेशी हो सकते हैं। इस बार नीलामी में केएल राहुल, ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, जोस बटलर, ग्लेन मैक्सवेल, मिचेल स्टार्क, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी भी शामिल होंगे। ये सभी खिलाड़ी मार्की सेट में हैं और इनका आधार मूल्य दो करोड़ रुपये है।
केकेआर और राजस्थान नहीं कर सकेंगी आरटीएम का इस्तेमाल
आईपीएल नीलामी के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आरटीएम कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। इसका कारण यह है कि इन दोनों ही फ्रेंचाइजी ने सभी छह खिलाड़ियों को रिटेन कर लिया था जो अधिकतम सीमा थी। गत चैंपियन केकेआर ने रिंकू सिंह, वरुण चक्रवर्ती, सुनील नरेन, आंद्रे रसेल, हर्षित राणा और रामनदीप सिंह को रिटेन रखने का फैसला किया था। दूसरी ओर, राजस्थान ने संजू सैमसन, यशस्वी जायसवाल, रियान पराग, ध्रुव जुरेल, शिमरॉन हेटमायर और संदीप को रिटेन किया था।
आईपीएल नीलामी के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आरटीएम कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। इसका कारण यह है कि इन दोनों ही फ्रेंचाइजी ने सभी छह खिलाड़ियों को रिटेन कर लिया था जो अधिकतम सीमा थी। गत चैंपियन केकेआर ने रिंकू सिंह, वरुण चक्रवर्ती, सुनील नरेन, आंद्रे रसेल, हर्षित राणा और रामनदीप सिंह को रिटेन रखने का फैसला किया था। दूसरी ओर, राजस्थान ने संजू सैमसन, यशस्वी जायसवाल, रियान पराग, ध्रुव जुरेल, शिमरॉन हेटमायर और संदीप को रिटेन किया था।
क्या है राइट टू मैच कार्ड?
फ्रेंचाइजियों को राइट टू मैच कार्ड मिलता है। वे इसके जरिए अपने पुराने खिलाड़ियों को नीलामी के दौरान अपनी टीम में लाने में सफल होते हैं। उन्हें उस खिलाड़ी के लिए लगी उच्चतम बोली के बराबर कीमत देनी होती है। पिछली दो नीलामी में इसका इस्तेमाल नहीं हुआ था, लेकिन इस साल राइट टू मैच कार्ड की वापसी हुई है। अधिकतम छह खिलाड़ियों को रिटेन किया जा सकता था, तो जिस फ्रेंचाइजी ने जितने कम खिलाड़ियों को रिटेन किया, उनके पास उतने ज्यादा राइट टू मैच कार्ड हैं। उदाहरण के तौर पर मुंबई और चेन्नई ने पांच-पांच खिलाड़ियों को रिटेन किया तो इनके पास नीलामी में मात्र एक राइट टू मैच कार्ड होगा। पंजाब ने सिर्फ दो खिलाड़ियों को रिटेन किया है, ऐसे में उनके पास चार राइट टू मैच कार्ड हैं। इसके अलावा राउट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल इस बात पर भी निर्भर करेगा कि फ्रेंचाइजी ने कैप्ड या अनकैप्ड खिलाड़ियों को रिटेन किया है।
फ्रेंचाइजियों को राइट टू मैच कार्ड मिलता है। वे इसके जरिए अपने पुराने खिलाड़ियों को नीलामी के दौरान अपनी टीम में लाने में सफल होते हैं। उन्हें उस खिलाड़ी के लिए लगी उच्चतम बोली के बराबर कीमत देनी होती है। पिछली दो नीलामी में इसका इस्तेमाल नहीं हुआ था, लेकिन इस साल राइट टू मैच कार्ड की वापसी हुई है। अधिकतम छह खिलाड़ियों को रिटेन किया जा सकता था, तो जिस फ्रेंचाइजी ने जितने कम खिलाड़ियों को रिटेन किया, उनके पास उतने ज्यादा राइट टू मैच कार्ड हैं। उदाहरण के तौर पर मुंबई और चेन्नई ने पांच-पांच खिलाड़ियों को रिटेन किया तो इनके पास नीलामी में मात्र एक राइट टू मैच कार्ड होगा। पंजाब ने सिर्फ दो खिलाड़ियों को रिटेन किया है, ऐसे में उनके पास चार राइट टू मैच कार्ड हैं। इसके अलावा राउट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल इस बात पर भी निर्भर करेगा कि फ्रेंचाइजी ने कैप्ड या अनकैप्ड खिलाड़ियों को रिटेन किया है।
आरटीएम में इस बार हुआ बदलाव
पिछली बार 2017 मेगा नीलामी में राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। कम से कम तीन फ्रेंचाइजी के आरटीएम को समर्थन करने के बाद आईपीएल ने 2025 के लिए होने वाली मेगा नीलामी से इसे फिर से शुरू करने का फैसला किया गया है। हालांकि, राइट टू मैच कार्ड में इस बार कुछ ट्विस्ट भी हैं। आइए जानते हैं...
पिछली बार 2017 मेगा नीलामी में राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। कम से कम तीन फ्रेंचाइजी के आरटीएम को समर्थन करने के बाद आईपीएल ने 2025 के लिए होने वाली मेगा नीलामी से इसे फिर से शुरू करने का फैसला किया गया है। हालांकि, राइट टू मैच कार्ड में इस बार कुछ ट्विस्ट भी हैं। आइए जानते हैं...
खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आईपीएल ने आरटीएम नियम में कुछ बदलाव किया है। इसके मुताबकि, आरटीएम कार्ड रखने वाली टीम को अपने अधिकार का प्रयोग करने से पहले सबसे अधिक बोली लगाने वाले को एक खिलाड़ी के लिए अपनी बोली बढ़ाने का एक अंतिम अवसर दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि टीम-1 खिलाड़ी X के लिए RTM रखती है और टीम-2 ने उस पर छह करोड़ रुपये की उच्चतम बोली लगाई है, तो टीम-1 से पहले पूछा जाएगा कि क्या वे आरटीएम का प्रयोग करेंगे? यदि टीम-1 सहमत होती है, तो टीम-2 के पास अपनी बोली बढ़ाने का मौका होगा। यदि टीम-2 अपनी बोली को नौ करोड़ रुपये तक बढ़ा देती है, तो टीम-1 आरटीएम का उपयोग कर सकती है और खिलाड़ी X को 9 करोड़ रुपये में खरीद सकती है। यदि टीम-2 बोली नहीं बढ़ाने का विकल्प चुनती है और इसे छह करोड़ रुपये पर रखती है, तो टीम-1 आरटीएम का उपयोग कर सकती है और खिलाड़ी X को छह करोड़ रुपये में प्राप्त कर सकती है।