भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सत्र से चीनी कंपनी को वीवो को टाइटल प्रायोजक से हटा दिया है। बोर्ड अब 19 सिंतबर से शुरू हो रही लीग के लिए स्पॉन्सर की तलाश में है। हालांकि अभी इसके लिए टेंडर जारी नहीं हुआ है, लेकिन कहा जा रहा है कि आईपीएल का प्रायोजक बनने के लिए बायजू, अमेजॉन, रिलायंस जियो और कोका कोला इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियां रेस में हैं।
वीवो ने प्रत्योक सीजन के लिए बीसीसीआई को 400 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। मगर इस सीजन में बोर्ड को इतनी बड़ी रकम का भुगतान करने वाला स्पॉन्सर मिलना मुश्किल है। बायजू टीम इंडिया की पहले से स्पॉन्सर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बायजू के अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने डील के लिए 300 करोड़ रुपये रखे हैं। वहीं, कोका कोला इंडिया भी क्रिकेट में निवेश करने के लिए तैयार है।
इस रेस में अमेजॉन को सबसे आगे माना जा रहा है। ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी ने अभी तक किसी खेल में टाइटल या ग्राउंड स्पॉन्सर का रोल नहीं निभाया है। हालांकि, आईपीएल के दौरान दशहरा-दिवाली सीजन भी। इसलिए इस मौके का लाभ उठाने के लिए यह कंपनी भी दांव खेल सकती है।
4 of 5
आईपीएल 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
वीवो ने 2018 से 2022 तक पांच साल के लिए 2190 करोड़ रुपये (प्रत्येक वर्ष करीब 440 करोड़ रुपये) में आईपीएल प्रायोजन अधिकार हासिल किए थे। दोनों पक्ष एक योजना पर काम कर रहे हैं जिसमें वीवो फिर से तीन साल के लिए संशोधित शर्तों पर 2021 से वापसी कर सकता है।
5 of 5
ड्रीम11
- फोटो : सोशल मीडिया
वहीं, MyCircle11, जो एक अन्य स्पोर्ट्स फैंटसी प्लैटफॉर्म है, भी इसी तरह की दिलचस्पी दिखा रहा है। Dream 11 दूसरी ओर आईपीएल का आधिकारिक पार्टनर है, जो हर सीजन 40 करोड़ रुपये का भुगतान करता है, उसे भी एक बड़ा दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, अगर ड्रीम 11 टाइटल स्पॉन्सर बनना चाहता है तो संभव है कि बीसीसीआई उसे टाइटल बोली से 40 करोड़ रुपये अधिक देने के लिए कह सकता है। अगर ड्रीम 11 टाइटल स्पॉन्सर बनता है तो अनअकैडमी ऑफिशियल पार्टनर बन सकता है।