IPL 2019: आखिर टॉप पर क्यों बरकरार है कोलकाता?
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इंडियन टी-20 लीग के 12वें सीजन को शुरू हुए आज दो सप्ताह हो चुके हैं। दो हफ्तों के बाद कोलकाता अंक तालिका में पहले स्थान पर है। रविवार को खेले गए दूसरे मुकाबले में उसने राजस्थान को आठ विकेट से ऐसे हराया जैसे वह उसके बाएं हाथ का खेल था।
आखिरकार उसने जीत के लिए केवल 140 रनों का लक्ष्य 13.5 ओवर में ही महज दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। जिस पिच पर टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की दावत पाकर राजस्थान के बल्लेबाजों को सांप सूंघ गया और वह निर्धारित 20 ओवर खेलकर तीन विकेट खोकर 139 रन ही बना सकी उसी पिच पर कोलकाता ने दिखाया कि बल्लेबाजी कैसे की जाती है।
राजस्थान के लिए स्टीव स्मिथ ने 59 गेंदों पर नाबाद 73 रन बनाए। उनके अलावा जोस बटलर ने 34 गेंदों पर 37 रनों की धीमी पारी खेली।
कैसे जीती कोलकाता?
जीत के लिए 140 रन की तलाश में कोलकाता ने क्रिस लिन और सुनील नारायण के साथ जोरदार शुरुआत की। इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़कर राजस्थान के गेंदबाजों के लिए मुश्किल पैदा कर दी। क्रिस लिन ने केवल 32 गेंदों पर छह चौके और तीन छक्कों की मदद से 50 और सुनील नरेन ने भी 25 गेंदों पर छह चौके और तीन छक्कों के सहारे 47 रन ठोक डाले। बचा काम रॉबिन उथप्पा ने नाबाद 26 रन बनाकर पूरा कर दिया।
यह कोलकाता की पांच मैचों में चौथी जीत रही। वह आठ अंकों और बेहतर रन औसत के साथ फिलहाल पहले स्थान पर है। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेल रही पिछली चैंपियन चेन्नई भी पांच मैचों में चार में जीत के साथ दूसरे स्थान पर है। उसका रन औसत कोलकाता से थोड़ा कम है। वैसे मैच के हीरो यानि मैन ऑफ द मैच रहे हैरी गर्नी जो अपना पहला ही मैच खेल रहे हैं। कोलकाता के इस खब्बू तेज गेंदबाज ने चार ओवर में केवल 25 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
क्या खास है टीम कोलकाता में?
अब आखिरकार ऐसा क्या है कि तमाम टीमों के बीच कोलकाता का जलवा छाया हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कोलकाता का टीम संतुलन। उसके पास सुनील नरेन जैसा अनोखा सलामी बल्लेबाज है जो अपनी रहस्यमयी गेंदबाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन जब उनका बल्ला बोलता है तो अच्छे-अच्छे गेंदबाज भी पानी भरने लगते है।
इसके अलावा रविवार को 50 रन बनाने के अलावा क्रिस लिन ने पिछले मैच में भी बैंगलोर के खिलाफ 31 गेंदों पर महत्वपूर्ण 43 रन बनाए। कोलकाता के रॉबिन उथप्पा भी इस बार छुपे रूस्तम ही साबित हुए हैं। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ 35, पंजाब के खिलाफ नाबाद 67, बैंगलोर के खिलाफ 33 और रविवार को राजस्थान के खिलाफ नाबाद 26 रन बनाए।
आंद्रे रसेल
कोलकाता की मजबूत स्थिति के पीछे वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल का भी हाथ है। मजबूत कंधों के मालिक रसेल ने पिछले मैच में विराट कोहली की कप्तानी में खेल रही बैंगलोर के खिलाफ केवल 13 गेंदों पर एक चौके और सात छक्कों की मदद से नाबाद 48 रन की ऐसी पारी खेली जिसे इस सीजन की सबसे आकर्षक और बेहद रोमांचकारी पारी माना जा सकता है।
रसेल का बल्ला ऐसा बोला कि उसने जीत की राह की तरफ बढ़ रही बैंगलोर को हार के मुंह में धकेल दिया। बेहद मुश्किल हालात से मैच निकाल लेने की रसेल की क्षमता इससे पहले भी इस आईपीएल में दिखी है।
उन्होंने दिल्ली के खिलाफ 62, पंजाब के खिलाफ 48 और हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 48 रन बनाकर अपना अहम योगदान दिया। उन्हें लेकर वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा ने भी कहा है कि अगर रसेल के साथ 10 खिलाड़ी और जोड़ दिए जाए तो वेस्टइंडीज की विश्व कप की टीम तैयार है। यानि इतना भरोसा कि अकेला चना भाड़ फोड़ ही देगा।
नीतिश राणा
और नीतीश राणा का भी क्या कहना। उन्होंने बैंगलोर के खिलाफ 37, पंजाब के खिलाफ 63 और हैदराबाद के खिलाफ 68 रन बनाए। अब अगर जिस टीम के पास सलामी जोड़ी से लेकर नम्बर पांच-छह तक बेहद आक्रामक और समझदारी के अलावा किसी भी परिस्थिति में मैच को जीता देने वाली क्षमता वाले बल्लेबाज हो तो फिर कप्तान दिनेश कार्तिक क्यों चिंता करे।
दिनेश कार्तिक
यह खुद एक मैच जीताऊ खिलाड़ी है। उन्होंने भी दिल्ली के खिलाफ 50 रनों की पारी खेली। गेंदबाजी में कोलकाता के पास भले ही हैरतअंगेज गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन फिर भी कुलदीप यादव और अनुभवी पीयूष चावला हैं। यह ऐसे स्पिनर हैं जो किसी भी बल्लेबाज को बांध कर रख सकते हैं।
अभी तो खैर अपने बल्लेबाजों के दम पर कोलकाता दो सप्ताह में अपना दमखम दिखाने में कामयाब रही है। जाहिर है इन दिनों कोलकाता के मालिक शाहरुख खान भी खुश ही होंगे। वैसे भी कोलकाता इंडियन टी-20 लीग में दो बार, यानी साल 2012 और 2014 में चैंपियन रह चुकी है।