{"_id":"6ab76ff541041b781f05d944","slug":"india-vs-west-indies-virat-kohli-hails-shubman-gill-captaincy-ahead-of-odi-series-against-west-indies-2026-09-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भारत बनाम वेस्टइंडीज: गिल से प्रभावित हुए कोहली, बताया कब तक कर सकते हैं कप्तानी; खेल में बदलाव पर क्या बोले?","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
भारत बनाम वेस्टइंडीज: गिल से प्रभावित हुए कोहली, बताया कब तक कर सकते हैं कप्तानी; खेल में बदलाव पर क्या बोले?
Sat, 26 Sep 2026 12:40 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:40 PM IST
सार
भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने भारतीय वनडे और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को जमकर सराहा है। कोहली गिल की कप्तानी से बेहद प्रभावित हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि गिल लंबे समय तक कप्तान बने रहेंगे।
विज्ञापन
कोहली और गिल
- फोटो : IANS
विस्तार
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार से तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है। भारतीय टीम शुभमन गिल की अगुआई में खेलते हुए नजर आएगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ी भी खेलेंगे। सीरीज से पहले कोहली ने कप्तान शुभमन गिल की जमकर प्रशंसा की है। कोहली का कहना है कि गिल के पास टीम का नेतृत्व करने के लिए सही दृष्टिकोण और इच्छाशक्ति है।
कोहली ने रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के पहले वनडे से पहले गिल और अपनी बल्लेबाजी को लेकर विचार साझा किए। कोहली ने जियो स्टार से कहा, शुभमन अभी कप्तानी के गुर सीख रहे हैं। इस भूमिका में वह अभी नए हैं, लेकिन उनके पास भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए सही दृष्टिकोण और इच्छाशक्ति है। मैदान पर टीम की रणनीति को लेकर उनकी राय स्पष्ट होती है। निश्चित तौर पर अधिक अनुभव लेने और परिस्थितियों की समझ के साथ वह सुधार करते रहेंगे जैसा कि प्रत्येक कप्तान करता है। लेकिन उनमें भारतीय क्रिकेट टीम का सही तरीके से नेतृत्व करने की इच्छाशक्ति है, जो महत्वपूर्ण होता है। इसलिए मुझे लगता है कि वह लंबे समय तक कप्तानी करेंगे।
विज्ञापन
कोहली ने रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के पहले वनडे से पहले गिल और अपनी बल्लेबाजी को लेकर विचार साझा किए। कोहली ने जियो स्टार से कहा, शुभमन अभी कप्तानी के गुर सीख रहे हैं। इस भूमिका में वह अभी नए हैं, लेकिन उनके पास भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए सही दृष्टिकोण और इच्छाशक्ति है। मैदान पर टीम की रणनीति को लेकर उनकी राय स्पष्ट होती है। निश्चित तौर पर अधिक अनुभव लेने और परिस्थितियों की समझ के साथ वह सुधार करते रहेंगे जैसा कि प्रत्येक कप्तान करता है। लेकिन उनमें भारतीय क्रिकेट टीम का सही तरीके से नेतृत्व करने की इच्छाशक्ति है, जो महत्वपूर्ण होता है। इसलिए मुझे लगता है कि वह लंबे समय तक कप्तानी करेंगे।
विज्ञापन
गिल की कप्तानी कौशल को सराहा
कोहली को लगता है कि गिल में अपने विरोधियों से एक कदम आगे रहने की योग्यता है। उन्होंने कहा, वह बल्लेबाजों को मैदान पर उतारने के लिए नए-नए तरीके सोचते हैं, जो हमेशा कुछ अलग करने या एक कदम आगे रहने का संकेत है। वह बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए अलग-अलग तरह से क्षेत्ररक्षण सजाते हैं और विशेष तरह का गेंदबाजी आक्रमण लाने में संकोच नहीं करते।
जल्द ही 38 साल के होने वाले कोहली ने पिछले 10 वनडे मैचों में तीन शतक, एक 90 से अधिक रन की पारी और चार अर्धशतक बनाए हैं। वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल वनडे प्रारूप में खेलते हैं। अपने खेल में आए बदलाव के बारे में कोहली ने कहा, जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आया है, वह यह है कि मैंने खुद से वादा किया है कि मैं और अधिक खुलकर खेलूंगा। लोगों की मुझसे क्या उम्मीदें हैं मैं उनकी चिंता नहीं करूंगा। लंबे समय से मेरी भूमिका यही रही है कि मैं चीजों को स्थिर बनाए रखूं। मुझे पता है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं। मैं जानता हूं कि मैं शॉट लगा सकता हूं। लेकिन परिस्थितियां अनुकल न हों और आप किसी मुश्किल पिच पर खेल रहे हों, तो फिर आप ऐसी स्थिति में आ जाते हैं जहां आप सोचते हैं कि मैं शॉट तो लगा सकता हूं, लेकिन मुझे एक विशेष भूमिका निभानी होगी।
कोहली का मानना है कि अगर वह अंत तक टिके रहते हैं तो टीम आसानी से 350 से 360 रन तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, खेल बदल रहा है और हम 350-360 रन बना सकते हैं। मैं अब जोखिम लेने को तैयार हूं क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैं रन बनाता हूं, तो हम आसानी से 350-360 रन बना लेंगे। अगर मैं ऐसा करता हूं और लंबी पारी खेलता हूं तो और भी अधिक रन बना सकता हूं।
कोहली को लगता है कि गिल में अपने विरोधियों से एक कदम आगे रहने की योग्यता है। उन्होंने कहा, वह बल्लेबाजों को मैदान पर उतारने के लिए नए-नए तरीके सोचते हैं, जो हमेशा कुछ अलग करने या एक कदम आगे रहने का संकेत है। वह बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए अलग-अलग तरह से क्षेत्ररक्षण सजाते हैं और विशेष तरह का गेंदबाजी आक्रमण लाने में संकोच नहीं करते।
जल्द ही 38 साल के होने वाले कोहली ने पिछले 10 वनडे मैचों में तीन शतक, एक 90 से अधिक रन की पारी और चार अर्धशतक बनाए हैं। वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल वनडे प्रारूप में खेलते हैं। अपने खेल में आए बदलाव के बारे में कोहली ने कहा, जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आया है, वह यह है कि मैंने खुद से वादा किया है कि मैं और अधिक खुलकर खेलूंगा। लोगों की मुझसे क्या उम्मीदें हैं मैं उनकी चिंता नहीं करूंगा। लंबे समय से मेरी भूमिका यही रही है कि मैं चीजों को स्थिर बनाए रखूं। मुझे पता है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं। मैं जानता हूं कि मैं शॉट लगा सकता हूं। लेकिन परिस्थितियां अनुकल न हों और आप किसी मुश्किल पिच पर खेल रहे हों, तो फिर आप ऐसी स्थिति में आ जाते हैं जहां आप सोचते हैं कि मैं शॉट तो लगा सकता हूं, लेकिन मुझे एक विशेष भूमिका निभानी होगी।
कोहली का मानना है कि अगर वह अंत तक टिके रहते हैं तो टीम आसानी से 350 से 360 रन तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, खेल बदल रहा है और हम 350-360 रन बना सकते हैं। मैं अब जोखिम लेने को तैयार हूं क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैं रन बनाता हूं, तो हम आसानी से 350-360 रन बना लेंगे। अगर मैं ऐसा करता हूं और लंबी पारी खेलता हूं तो और भी अधिक रन बना सकता हूं।
विज्ञापन
खुलकर खेलना चाहते हैं कोहली
कोहली अब स्वच्छंद होकर खेलना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने खुद को तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा, मैंने थोड़ा सा स्वच्छंद होकर खेलने का फैसला किया। इससे मुझे आईपीएल में भी मदद मिली है। मैं स्वच्छंद होकर खेल पाया क्योंकि मैं यह नहीं सोच रहा था कि अगर मैं आउट हो गया तो हमारे लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।
कोहली अब स्वच्छंद होकर खेलना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने खुद को तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा, मैंने थोड़ा सा स्वच्छंद होकर खेलने का फैसला किया। इससे मुझे आईपीएल में भी मदद मिली है। मैं स्वच्छंद होकर खेल पाया क्योंकि मैं यह नहीं सोच रहा था कि अगर मैं आउट हो गया तो हमारे लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।