संगकारा के विदाई टेस्ट में भारत की नजर 30 साल पुराने इस रिकॉर्ड पर भी
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गाले में खेले गए पहले टेस्ट मैच के शुरुआती तीन दिन टीम इंडिया ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूती से बनाए रखी और जीत के बेहद करीब भी थी लेकिन चौथे दिन का खेल शुरू हुआ तो सब कुछ अचानक बदल गया और मेजबान श्रीलंका ने 63 रन से जीत लिया था। मैच में कहीं भी मेजबान जीत की उम्मीद नहीं लगाए रहे होंगे लेकिन रंगना हेराथ की फिरकी ने ऐसा कमाल दिखाया कि मैच भारत की झोली से निकल गया।
तीन मैचों की सीरीज में भारत एक बार फिर पिछड़ गया है। इस बार टीम की कमान युवा बल्लेबाज विराट कोहली के हाथों में है और भारत इस धरती पर सीरीज जीतने के 22 साल के लंबे अंतराल को खत्म करना चाहेगा। गाले में पहला टेस्ट जीतकर भारत के पास निर्णायक बढ़त हासिल करने का नायाब मौका था लेकिन दूसरी पारी में जीत के लिए मिले 176 रनों के लक्ष्य के जवाब में टीम इंडिया महज 112 रन बनाकर आउट हो गई।
सीरीज में अब 0-1 से पिछड़ने के बाद भारत उस हार को भूलकर 20 अगस्त से कोलंबो के पी सारा ओवल में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच में जीत के इरादे से उतरेगा जिससे सीरीज 1-1 से बराबरी पर लाई जा सके और सीरीज में बने रहने का मौका कायम रहे। हालांकि भारत के लिए ऐसा कर पाना आसान नहीं होगा क्योंकि श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा के करियर का यह अंतिम टेस्ट मैच है और टीम जीत के साथ इस सुपर स्टार बल्लेबाज को विदाई देना चाहेगी।
यह मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे से खेला जाएगा।
क्या टीम इंडिया 30 साल पुराना एक और रिकॉर्ड तोड़ पाएगी?
दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भी बारिश होने के आसार बने रहेंगे। इन 5 दिनों में आंधी-तूफान के आने के आसार भी हैं, साथ ही तापमान 31 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है।
इस मैच के जरिए भारतीय टीम 30 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त करना चाहेगी। कोलंबो के पी सारा ओवल मैदान पर भारत की ओर से पहली और आखिरी बार 1985 में गेंदबाज चेतन शर्मा ने 5 विकेट (118 रन) झटकने का कारनामा किया था। इसके बाद भारत का कोई भी गेंदबाज इस मैदान पर 5 या उससे ज्यादा विकेट नहीं झटक सका। हालांकि इस दौरान भारत ने इस मैदान पर 3 टेस्ट खेले हैं लेकिन भारतीय गेंदबाज 5 विकेट नहीं निकाल सका। आर अशि्वन ने पहले मैच में जिस तरह से गेंदबाजी की है उससे उम्मीद है कि यहां नया रिकॉर्ड बन जाए।
भारत और श्रीलंका के बीच इस मैदान पर अब तक 4 मैच खेले गए हैं जिसमें मेजबान टीम ने 2 और भारत ने एक मैच जीता है। अच्छी बात यह है कि पिछले भिड़ंत में जीत भारत को मिली थी। वैसे ओवरऑल देखा जाए तो मेजबान और मेहमान के जीत-हार का अंतर 8-5 का था।
यह मैच कुमार संगकारा का विदाई मैच भी है। पहले मैच की दोनों पारियों में वह कुछ खास नहीं कर सके थे। ऐसे में वह अपने अंतिम मैच में जोरदार बल्लेबाजी करना चाहेंगे। इस मैदान पर 1000 टेस्ट रन बनाने के रिकॉर्ड से 145 रन दूर हैं। अगर वह ऐसा कर पाते हैं तो वह रिकी पोंटिंग और जैक कॉलिस के बाद 4 मैदानों पर एक हजार से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। वह सिंघली स्पोटर्स क्लब कोलंबो, गाले और कैंडी में एक हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं।
अमित मिश्रा ने कहा, आक्रामक तेवर जारी रखेंगे
भारत और श्रीलंका के बीच पी सारा ओवल में शुरू होने वाला दूसरा टेस्ट कुमार संगकारा का विदाई मैच है लेकिन मेहमान टीम की निगाहें पिछले मैच के हीरो दिनेश चांदीमल पर अंकुश लगाने की रणनीति बनाने में लगी हैं।
भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा का कहना है कि हम दिनेश चंडीमल को पिछला प्रदर्शन दोहराने का मौका नहीं देंगे। चंडीमल के नाबाद शतक की मदद से श्रीलंका ने पहले टेस्ट में बाजी पलट दी थी। जबकि मैच में ज्यादातर समय श्रीलंका टीम बैकफुट पर रही थी। अभ्यास के बाद बातचीत में अमित ने कहा कि हमने चंडीमल के वीडियो देखे और हम निश्चित रूप से टीम बैठक में उनके बारे में चर्चा करेंगे।
उन्होंने कहा, "हम इस पर चर्चा करेंगे कि दिनेश ने अगर पहले टेस्ट की तरह रवैया अपनाया तो हमारी रणनीति क्या होगी। फील्डिंग की सजावट भी उसी हिसाब से की जाएगी और हम उन पर जितना हो सकेगा दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। हम उनके खिलाफ आक्रामक तेवर जारी रखेंगे।" उन्होंने कहा कि पहले टेस्ट में अप्रत्याशित हार के बावजूद टीम का मनोबल ऊंचा है। हम दूसरे टेस्ट में दुगने प्रयास करेंगे। हम चूंकि लंबे समय बाद टेस्ट खेल रहे थे इसलिए गाले में कुछ गलतियां हो गई लेकिन हम उन पर काम करेंगे और सुधार करेंगे।
विदेशी दौरों में भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने स्पिनरों को काफी विकेट दिए हैं। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरों में अगर मोइन अली और नाथन लियोन प्रभावी रहे थे तो यहां श्रीलंका में रंगना हेराथ और थारिंडू कौशल के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किलें पेश आ रही हैं मगर अमित का मानना है कि ऐसा नहीं है कि हमारे बल्लेबाजों में स्पिन को खेलने के कौशल की कमी है। उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता कि भारतीय बल्लेबाजों को स्पिनरों के खिलाफ मुश्किलें पेश आती हैं, दरअसल हमारे सभी बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ श्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल हैं। जब हम उन्हें नैट पर गेंदबाजी करते हैं तब भी यह झलकता है। होता यह है कि दबाव के बीच आप एक या दो विकेट खो देते हैं। दबाव में तो सभी गलती कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि स्पिन खेलने के कौशल में कमी है।"