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IND vs SA: पहली परीक्षा में फेल रहे पंत के पास अब भी है धोनी बनने का मौका
Fri, 10 Jun 2022 03:29 PM IST
शक्तिराज सिंह
विनोद पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
विनोद पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 10 Jun 2022 03:29 PM IST
सार
धोनी और पंत में कई समानताएं हैं। दोनों अच्छे विकेटकीपर होने के साथ आक्रमक बल्लेबाज हैं। मिडिल ऑर्डर या निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं। अंतिम ओवर्स में मैच पलटने का माद्दा रखते हैं। मैच विनर खिलाड़ी हैं। हालांकि, धोनी जैसी चतुराई पंत में अभी नहीं दिखी है।
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ऋषभ पंत और महेन्द्र सिंह धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दिल्ली में भारत-दक्षिण अफ्रीका सीरीज के पहले टी-20 मुकाबले में क्रिकेट प्रेमी एक और महेंद्र सिंह धोनी ढूंढ रहे थे, लेकिन उन्हें निराशा मिली। पहली परीक्षा में नए कप्तान ऋषभ पंत फेल साबित हुए। पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने के बावजूद टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के सामने बौनी नजर आई। हालांकि, यह कहना बेहद जल्दबाजी होगा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का विकेटकीपर बल्लेबाज को कप्तानी देना गलत फैसला रहा। पंत के पास अब भी स्वयं को श्रेष्ठ कप्तान साबित करने के अवसर हैं। भारत को दक्षिण अफ्रीका से चार और टी-20 मैच खेलने हैं।
दरअसल, धोनी की सफलता के बाद विकेटकीपर बल्लेबाजों को टीम इंडिया में भरपूर मौके मिल रहे हैं। पिछले दो दशक में धोनी के अलावा दिनेश कार्तिक, ईशान किशन, संजू सैमसन, के.एल. राहुल, ऋषभ पंत जैसे विकेटकीपर बल्लेबाजों का उदय हुआ। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज की कमान भी बीसीसीआई ने विकेटकीपर बल्लेबाज के.एल. राहुल को सौंपी थी, लेकिन राहुल के अचानक चोटिल होकर सीरीज से बाहर होने के बाद यह मौका एक और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को ही दे दिया गया। बेहद युवा पंत को पहली बार टीम इंडिया की कप्तानी मिली। वो भारत में टीम की कमान संभालने वाले सबसे युवा कप्तान भी बन गए।
मूलतः उत्तराखंड के ऋषभ पंत दिल्ली से क्रिकेट खेलते हैं। धोनी और पंत में कई समानताएं हैं। दोनों अच्छे विकेटकीपर होने के साथ आक्रमक बल्लेबाज हैं। मिडिल ऑर्डर या निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं। अंतिम ओवर्स में मैच पलटने का माद्दा रखते हैं। मैच विनर खिलाड़ी हैं। हालांकि, धोनी जैसी चतुराई पंत में अभी नहीं दिखी है। फिर भी कई अवसरों पर पंत को धोनी की नकल करते देखा गया है। जहां तक उम्र की बात है तो धोनी के मुकाबले पंत ज्यादा युवा कप्तान हैं। जब धोनी को टी-20 कप्तान का दायित्व मिला था, तब उनकी उम्र 26 साल 68 दिन थी, जबकि पंत 24 साल 249 दिन के हैं।
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दरअसल, धोनी की सफलता के बाद विकेटकीपर बल्लेबाजों को टीम इंडिया में भरपूर मौके मिल रहे हैं। पिछले दो दशक में धोनी के अलावा दिनेश कार्तिक, ईशान किशन, संजू सैमसन, के.एल. राहुल, ऋषभ पंत जैसे विकेटकीपर बल्लेबाजों का उदय हुआ। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज की कमान भी बीसीसीआई ने विकेटकीपर बल्लेबाज के.एल. राहुल को सौंपी थी, लेकिन राहुल के अचानक चोटिल होकर सीरीज से बाहर होने के बाद यह मौका एक और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को ही दे दिया गया। बेहद युवा पंत को पहली बार टीम इंडिया की कप्तानी मिली। वो भारत में टीम की कमान संभालने वाले सबसे युवा कप्तान भी बन गए।
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मूलतः उत्तराखंड के ऋषभ पंत दिल्ली से क्रिकेट खेलते हैं। धोनी और पंत में कई समानताएं हैं। दोनों अच्छे विकेटकीपर होने के साथ आक्रमक बल्लेबाज हैं। मिडिल ऑर्डर या निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं। अंतिम ओवर्स में मैच पलटने का माद्दा रखते हैं। मैच विनर खिलाड़ी हैं। हालांकि, धोनी जैसी चतुराई पंत में अभी नहीं दिखी है। फिर भी कई अवसरों पर पंत को धोनी की नकल करते देखा गया है। जहां तक उम्र की बात है तो धोनी के मुकाबले पंत ज्यादा युवा कप्तान हैं। जब धोनी को टी-20 कप्तान का दायित्व मिला था, तब उनकी उम्र 26 साल 68 दिन थी, जबकि पंत 24 साल 249 दिन के हैं।
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अंडर-19 टीम इंडिया का हिस्सा रहे बाएं हाथ के बल्लेबाज पंत को सीनियर टीम में जल्द मौका मिल गया था। 20 वर्ष की आयु से पहले ही पंत ने 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच खेल लिया था। उन्हें टीम इंडिया का हिस्सा बने 5 वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं। छोटी सी आयु में पंत 30 टेस्ट, 24 वनडे और 43 टी-20 मैच खेल चुके हैं। टेस्ट में उनका औसत भी अच्छा है और वो 51 पारियों में 4 शतकों के साथ 1920 रन बना चुके हैं। वनडे में 715 रन तो टी-20 में 683 रन उनके खाते में हैं। जहां तक विकेटकीपिंग की बात है तो टेस्ट में पंत 107 कैच और 11 स्टंपिंग कर चुके हैं। वनडे में 19 कैच, 1 स्टंपिंग और टी-20 में 13 कैच, 1 स्टंपिंग उनके नाम है।
इंडियन प्रीमियर लीग में पंत दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हैं और बीते दो सीजन से टीम के कप्तान भी हैं। वैसे, पिछला सीजन न तो टीम के लिए अच्छा रहा और न बतौर बल्लेबाज पंत के लिए। दिल्ली कैपिटल्स 14 में से 7 मैच जीतकर पांचवें नंबर पर रही और क्वालिफाइंग राउंड में नहीं पहुंच सकी। पंत के बल्ले से 340 रन ही निकले और वो एक भी मैच में अर्द्धशतक तक नहीं पहुंच सके। हालांकि, बीते सात साल में आईपीएल में पंत ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 98 मैचों में कई विजयी पारियां खेली हैं। वर्ष 2018 में पंत की सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 63 गेंदों पर नाबाद 128 रनों की पारी को कौन भूल सकता है। उन्होंने आईपीएल में 2 शतक और 22 अर्द्धशतकों के साथ 2838 रन बनाए हैं। 93 कैच और 27 स्टंपिंग कर चुके हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग में पंत दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हैं और बीते दो सीजन से टीम के कप्तान भी हैं। वैसे, पिछला सीजन न तो टीम के लिए अच्छा रहा और न बतौर बल्लेबाज पंत के लिए। दिल्ली कैपिटल्स 14 में से 7 मैच जीतकर पांचवें नंबर पर रही और क्वालिफाइंग राउंड में नहीं पहुंच सकी। पंत के बल्ले से 340 रन ही निकले और वो एक भी मैच में अर्द्धशतक तक नहीं पहुंच सके। हालांकि, बीते सात साल में आईपीएल में पंत ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 98 मैचों में कई विजयी पारियां खेली हैं। वर्ष 2018 में पंत की सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 63 गेंदों पर नाबाद 128 रनों की पारी को कौन भूल सकता है। उन्होंने आईपीएल में 2 शतक और 22 अर्द्धशतकों के साथ 2838 रन बनाए हैं। 93 कैच और 27 स्टंपिंग कर चुके हैं।
पहले कयास यह लगाए जा रहे थे कि टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 का कप्तान बनाया जा सकता है। हार्दिक ने आईपीएल में नवोदित टीम गुजरात टाइटेन्स की कप्तानी की और पहले ही सीजन में कप जीताया। उनकी कप्तानी की चौतरफा तारीफ हुई, लेकिन केएल राहुल को कैप्टन बना दिया गया और जब वो चोटिल हुए तो हार्दिक के बजाय पंत को जिम्मेदारी सौंप दी गई। हार्दिक को पंत का डिप्टी यानी वाइस कैप्टन नियुक्त किया गया।
देखा जाए तो बीसीसीआई विगत कुछ वर्षों से भविष्य की टीम इंडिया के लिए कई प्रयोग करता आ रहा है। खासकर टी-20 फार्मेट में नियमित कप्तान विराट कोहली के होते हुए रोहित शर्मा को नेतृत्व दिया जाता रहा। अब रोहित टीम के कैप्टन हैं, लेकिन उन्हें आराम दे दिया गया है। पंत को जो टीम दी गई है, वो सीनियर-जूनियर खिलाड़ियों का मिश्रण है। दिनेश कार्तिक, भुवनेश्वर कुमार, यजुवेंद्र चहल, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा ऋतुराज गायकवाड़, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, उमरान मलिक को टीम में रखा गया है। खास बात यह है कि दिनेश कार्तिक, श्रेयस अय्यर, भुवनेश्वर कुमार तो आईपीएल में अपनी-अपनी टीमों की कप्तानी करते रहे हैं।
पहली परीक्षा में भले पंत फेल रहे हों, लेकिन आगे के मैचों में उनके पास भरपूर मौके हैं। टीम इंडिया के लिए तीनों फार्मेट में खेल रहे पंत दूसरे धोनी बन सकते हैं। बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग में तो वो स्वयं को साबित कर चुके हैं। जैसे पंत धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट या विकेट पर हाथ पीछे कर बॉल मारने को कॉपी करते हैं, वैसे ही कूल (शांत) रहकर सख्त निर्णय करना भी सीख लें। यदि दक्षिण अफ्रीका सीरीज के खिलाफ पंत का प्रयोग सफल रहा तो बीसीसीआई का कप्तान खोजो अभियान लंबे अर्से के लिए बंद हो सकता है। क्रिकेट प्रेमी भी आगामी आईसीसी टूर्नामेंट्स में कप की आस लगाएंगे। उम्मीद है, पंत आगे के मैचों में क्रिकेट प्रेमियों की आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे।
देखा जाए तो बीसीसीआई विगत कुछ वर्षों से भविष्य की टीम इंडिया के लिए कई प्रयोग करता आ रहा है। खासकर टी-20 फार्मेट में नियमित कप्तान विराट कोहली के होते हुए रोहित शर्मा को नेतृत्व दिया जाता रहा। अब रोहित टीम के कैप्टन हैं, लेकिन उन्हें आराम दे दिया गया है। पंत को जो टीम दी गई है, वो सीनियर-जूनियर खिलाड़ियों का मिश्रण है। दिनेश कार्तिक, भुवनेश्वर कुमार, यजुवेंद्र चहल, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा ऋतुराज गायकवाड़, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, उमरान मलिक को टीम में रखा गया है। खास बात यह है कि दिनेश कार्तिक, श्रेयस अय्यर, भुवनेश्वर कुमार तो आईपीएल में अपनी-अपनी टीमों की कप्तानी करते रहे हैं।
पहली परीक्षा में भले पंत फेल रहे हों, लेकिन आगे के मैचों में उनके पास भरपूर मौके हैं। टीम इंडिया के लिए तीनों फार्मेट में खेल रहे पंत दूसरे धोनी बन सकते हैं। बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग में तो वो स्वयं को साबित कर चुके हैं। जैसे पंत धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट या विकेट पर हाथ पीछे कर बॉल मारने को कॉपी करते हैं, वैसे ही कूल (शांत) रहकर सख्त निर्णय करना भी सीख लें। यदि दक्षिण अफ्रीका सीरीज के खिलाफ पंत का प्रयोग सफल रहा तो बीसीसीआई का कप्तान खोजो अभियान लंबे अर्से के लिए बंद हो सकता है। क्रिकेट प्रेमी भी आगामी आईसीसी टूर्नामेंट्स में कप की आस लगाएंगे। उम्मीद है, पंत आगे के मैचों में क्रिकेट प्रेमियों की आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे।