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IND vs SA Analysis: श्रेयस अय्यर ने कैच छोड़कर की भारी गलती, युवा भारतीय टीम दबाव में बिखरी, जानें टर्निंग पॉइंट्स
Fri, 10 Jun 2022 08:48 AM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Fri, 10 Jun 2022 08:48 AM IST
सार
भारत को दक्षिण अफ्रीका ने पहले टी20 मैच में सात विकेट से हराकर यह साबित कर दिया है कि उनकी टीम कमजोर नहीं है। भारतीय युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत होकर वापसी करनी होगी।
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रसी वान डर डुसेन और डेविड मिलर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईपीएल के तुरंत बाद भारतीय युवा खिलाड़ियों को दक्षिण अफ्रीका ने तगड़ा झटका दिया है। उसने पांच टी20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में सात विकेट से हरा दिया। बेहतरीन बल्लेबाजी के बावजूद टीम इंडिया को हार मिली है। क्रिकेट में एक कहावत है 'कैच छोड़ो मैच हारो।' यह कहावत इस मैच में सही साबित हुई। श्रेयस अय्यर ने एक कैच छोड़कर भारी गलती कर दी। उनकी गलती का खामियाजा भारतीय टीम को भुगतना पड़ा।
भारत को अफ्रीकी कप्तान टेंबा बावुमा ने पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। टीम इंडिया ने 211 रन बनाए। जवाब में अफ्रीकी टीम ने तीसरे ओवर में कप्तान बावुमा का विकेट गंवा दिया। उनके बाद क्विंटन डिकॉक और ड्वेन प्रिटोरियस ने आक्रामक बल्लेबाजी की और टीम को 5.2 ओवर में 61 रन तक पहुंचाया। पहले प्रिटोरियस और 20 रन बाद डिकॉक आउट हो गए। 8.4 ओवर में तीन विकेट पर 81 रन के स्कोर से डेविड मिलर और रसी वान डुसेन ने मोर्चा संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 131 रनों की साझेदारी की। 212 रन के लक्ष्य को उन्होंने आसानी से हासिल कर लिया।
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भारत को अफ्रीकी कप्तान टेंबा बावुमा ने पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। टीम इंडिया ने 211 रन बनाए। जवाब में अफ्रीकी टीम ने तीसरे ओवर में कप्तान बावुमा का विकेट गंवा दिया। उनके बाद क्विंटन डिकॉक और ड्वेन प्रिटोरियस ने आक्रामक बल्लेबाजी की और टीम को 5.2 ओवर में 61 रन तक पहुंचाया। पहले प्रिटोरियस और 20 रन बाद डिकॉक आउट हो गए। 8.4 ओवर में तीन विकेट पर 81 रन के स्कोर से डेविड मिलर और रसी वान डुसेन ने मोर्चा संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 131 रनों की साझेदारी की। 212 रन के लक्ष्य को उन्होंने आसानी से हासिल कर लिया।
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भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका
- फोटो : अमर उजाला
मैच में टर्निंग पॉइंट्स
चहल और हार्दिक के ओवर: तीसरे ओवर में बावुमा के आउट होने के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने चौथे ओवर में युजवेंद्र चहल को बुलाया। चहल ने 16 रन दे दिए। प्रिटोरियस ने उनकी गेंद पर एक छक्का और डिकॉक ने दो चौके लगाए। पांचवें ओवर में हार्दिक पांड्या। उन्होंने 18 रन दे दिए। प्रिटोरियस ने उनकी गेंदों पर तीन छक्के लगाए। दो ओवर में 34 रन बन जाने के कारण अफ्रीकी टीम के ऊपर से दबाव हट गया और वो खुलकर बल्लेबाजी करने लगे।
मिलर का काउंटर अटैक: नौवें ओवर में चार विकेट गिर जाने के बाद अगले दो ओवर तक मिलर और डुसेन शांत रहे। 12वें ओवर में मिलर ने हाथ खोले और हर्षल की गेंद पर एक चौका और एक छक्का लगा दिया। इसके बाद वो कहां रुकने वाले थे। मिलर ने अगले ओवर में अक्षर पटेल की गेंद पर दो छक्के और एक चौका लगाया। इस ओवर में 19 रन बनने के बाद अफ्रीकी टीम मैच में हावी हो गई। मिलर ने अनुभवी भुवनेश्वर कुमार की गेंदों पर भी चौके-छक्के लगाए।
अय्यर का कैच छोड़ना: अय्यर ने 16वें ओवर की दूसरी गेंद पर रसी वान डर डुसेन का आसान कैच छोड़ दिया। आवेश खान की गेंद पर डुसेन ने मिड-विकेट की ओर शॉट खेला। वहां पर खड़े अय्यर के हाथों में गेंद चली भी गई, लेकिन वो उसे पकड़ नहीं पाए। अय्यर से आसान कैच छूट गया और भारत के हाथ से मैच फिसल गया। यहां पर डुसेन आउट हो जाते तो मैच पलट सकता था। डुसेन ने उस समय 30 गेंद पर 29 रन बनाए थे। कैच छूटने के बाद उन्होंने 16 गेंद पर 46 रन ठोक दिए।
चहल और हार्दिक के ओवर: तीसरे ओवर में बावुमा के आउट होने के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने चौथे ओवर में युजवेंद्र चहल को बुलाया। चहल ने 16 रन दे दिए। प्रिटोरियस ने उनकी गेंद पर एक छक्का और डिकॉक ने दो चौके लगाए। पांचवें ओवर में हार्दिक पांड्या। उन्होंने 18 रन दे दिए। प्रिटोरियस ने उनकी गेंदों पर तीन छक्के लगाए। दो ओवर में 34 रन बन जाने के कारण अफ्रीकी टीम के ऊपर से दबाव हट गया और वो खुलकर बल्लेबाजी करने लगे।
मिलर का काउंटर अटैक: नौवें ओवर में चार विकेट गिर जाने के बाद अगले दो ओवर तक मिलर और डुसेन शांत रहे। 12वें ओवर में मिलर ने हाथ खोले और हर्षल की गेंद पर एक चौका और एक छक्का लगा दिया। इसके बाद वो कहां रुकने वाले थे। मिलर ने अगले ओवर में अक्षर पटेल की गेंद पर दो छक्के और एक चौका लगाया। इस ओवर में 19 रन बनने के बाद अफ्रीकी टीम मैच में हावी हो गई। मिलर ने अनुभवी भुवनेश्वर कुमार की गेंदों पर भी चौके-छक्के लगाए।
अय्यर का कैच छोड़ना: अय्यर ने 16वें ओवर की दूसरी गेंद पर रसी वान डर डुसेन का आसान कैच छोड़ दिया। आवेश खान की गेंद पर डुसेन ने मिड-विकेट की ओर शॉट खेला। वहां पर खड़े अय्यर के हाथों में गेंद चली भी गई, लेकिन वो उसे पकड़ नहीं पाए। अय्यर से आसान कैच छूट गया और भारत के हाथ से मैच फिसल गया। यहां पर डुसेन आउट हो जाते तो मैच पलट सकता था। डुसेन ने उस समय 30 गेंद पर 29 रन बनाए थे। कैच छूटने के बाद उन्होंने 16 गेंद पर 46 रन ठोक दिए।
टेंबा बावुमा और ऋषभ पंत
- फोटो : BCCI
कप्तानी में पंत ने किया निराश
पंत ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तानी की। उनके ऊपर दबाव साफ तौर पर देखा जा रहा था। उन्होंने सही से गेंदबाजी में बदलाव नहीं किए। हार्दिक एक ओवर में महंगे साबित हुए तो बाद में उन्हें गेंदबाजी ही नहीं सौंपी। फील्डिंग जमाते समय भी पंत परेशान दिखे। कई बार उन्हें दिनेश कार्तिक खुद दौड़कर सलाह देने गए। यही हाल बावुमा की कप्तानी का भी रहा। जब भारतीय बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे तो उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किस फील्डर को कहां लगाए। बल्लेबाजी में बावुमा फेल रहे। उन्होंने आठ गेंदों पर 10 रन बनाए। वहीं, पंत ने 16 गेंद पर 29 रन बनाकर टीम के स्कोर में अहम योगदान दिया।
पंत ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तानी की। उनके ऊपर दबाव साफ तौर पर देखा जा रहा था। उन्होंने सही से गेंदबाजी में बदलाव नहीं किए। हार्दिक एक ओवर में महंगे साबित हुए तो बाद में उन्हें गेंदबाजी ही नहीं सौंपी। फील्डिंग जमाते समय भी पंत परेशान दिखे। कई बार उन्हें दिनेश कार्तिक खुद दौड़कर सलाह देने गए। यही हाल बावुमा की कप्तानी का भी रहा। जब भारतीय बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे तो उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किस फील्डर को कहां लगाए। बल्लेबाजी में बावुमा फेल रहे। उन्होंने आठ गेंदों पर 10 रन बनाए। वहीं, पंत ने 16 गेंद पर 29 रन बनाकर टीम के स्कोर में अहम योगदान दिया।
ईशान किशन
- फोटो : BCCI
भारत के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: बल्लेबाजी में सभी खिलाड़ियों ने अपना योगदान दिया। ऋतुराज गायकवाड़ और ईशान किशन ने 6.2 ओवर में 57 रन जोड़ मजबूत शुरुआत दी। गायकवाड़ 15 गेंद पर 23 रन बनाकर आउट हुए। उनके बाद किशन ने श्रेयस अय्यर के साथ पारी को संभाला। किशन ने 48 गेंद पर 158.33 की स्ट्राइक रेट 76 रन ठोक दिए। वहीं, अय्यर 27 गेंद पर 36 रन बनाकर आउट हुए। हार्दिक ने आखिरी ओवरों में 12 गेंदों पर 31 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। दिनेश कार्तिक को बल्लेबाजी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।
नकारात्मक पक्ष: गायकवाड़ ने भले ही टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन उन्हें बड़ा स्कोर बनाना होगा। वो जिस क्रम पर खेलते हैं वहां प्रतिस्पर्धा अधिक है। रोहित शर्मा और केएल राहुल की वापसी के बाद उन्हें टीम से भी बाहर किया जा सकता है। गायकवाड़ अभी ओपनिंग के लिए चौथी पसंद हैं। उन्हें अगर टीम में अपनी जगह बरकरार रखनी है तो बड़ी पारियां खेलनी होगी। वहीं, गेंदबाजी में सभी ने निराश किया। आवेश खान को छोड़कर भुवनेश्वर, हार्दिक, चहल, हर्षल और अक्षर ने 10 से ज्यादा की इकोनॉमी रेट से रन दिए। आवेश ने 8.80 की इकोनॉमी से रन लुटाए।
सकारात्मक पक्ष: बल्लेबाजी में सभी खिलाड़ियों ने अपना योगदान दिया। ऋतुराज गायकवाड़ और ईशान किशन ने 6.2 ओवर में 57 रन जोड़ मजबूत शुरुआत दी। गायकवाड़ 15 गेंद पर 23 रन बनाकर आउट हुए। उनके बाद किशन ने श्रेयस अय्यर के साथ पारी को संभाला। किशन ने 48 गेंद पर 158.33 की स्ट्राइक रेट 76 रन ठोक दिए। वहीं, अय्यर 27 गेंद पर 36 रन बनाकर आउट हुए। हार्दिक ने आखिरी ओवरों में 12 गेंदों पर 31 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। दिनेश कार्तिक को बल्लेबाजी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।
नकारात्मक पक्ष: गायकवाड़ ने भले ही टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन उन्हें बड़ा स्कोर बनाना होगा। वो जिस क्रम पर खेलते हैं वहां प्रतिस्पर्धा अधिक है। रोहित शर्मा और केएल राहुल की वापसी के बाद उन्हें टीम से भी बाहर किया जा सकता है। गायकवाड़ अभी ओपनिंग के लिए चौथी पसंद हैं। उन्हें अगर टीम में अपनी जगह बरकरार रखनी है तो बड़ी पारियां खेलनी होगी। वहीं, गेंदबाजी में सभी ने निराश किया। आवेश खान को छोड़कर भुवनेश्वर, हार्दिक, चहल, हर्षल और अक्षर ने 10 से ज्यादा की इकोनॉमी रेट से रन दिए। आवेश ने 8.80 की इकोनॉमी से रन लुटाए।
डेविड मिलर और रसी वान डर डुसेन
- फोटो : ट्विटर
दक्षिण अफ्रीका के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: डेविड मिलर और रसी वान डर डुसेन टीम की जीत के सूत्रधार रहे। दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की। मिलर ने काउंटर अटैक किया तो डुसेन ने क्रीज पर टिकने के बाद तेजी से रन बनाए। मिलर ने 31 गेंद पर नाबाद 64 रन की पारी खेली। उन्होंने चार चौके और पांच छक्के लगाए। मिलर का स्ट्राइक रेट 206. 45 का रहा। दूसरी ओर, डुसेन ने 46 गेंद पर 75 रन बनाए। उन्होंने सात चौके और पांच छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 163.04 का रहा। ड्वेन प्रिटोरियस ने 13 गेंद पर 29 रन बनाकर अपना काम बखूबी से किया। गेंदबाजी में वेन पार्नेल ने ही सिर्फ सही गेंदबाजी की। उन्होंने चार ओवर में 32 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया।
नकारात्मक पक्ष: गेंदबाजी में केशव महाराज, कगिसो रबाडा, एनरिच नोर्त्जे, तबरेज शम्सी और ड्वेन प्रिटोरियस महंगे साबित हुए। अनुभवी रबाडा ने 8.80 की इकोनॉमी से रन दिए। उन्हें सफलता भी नहीं मिली। बल्लेबाजी में बावुमा और डिकॉक को बड़ी पारी खेलनी होगी। हर मैच को मिलर फिनिश नहीं कर सकते। बावुमा को टेस्ट के अंदाज से बाहर निकलकर बल्लेबाजी करनी होगी। वो कप्तान भी हैं तो जिम्मेदारी उनके ऊपर ज्यादा है। डिकॉक अपने आईपीएल वाले फॉर्म को नहीं दिखा सके। उनसे अफ्रीकी टीम अगले मैचों में बड़ी पारी चाहेगी।
सकारात्मक पक्ष: डेविड मिलर और रसी वान डर डुसेन टीम की जीत के सूत्रधार रहे। दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की। मिलर ने काउंटर अटैक किया तो डुसेन ने क्रीज पर टिकने के बाद तेजी से रन बनाए। मिलर ने 31 गेंद पर नाबाद 64 रन की पारी खेली। उन्होंने चार चौके और पांच छक्के लगाए। मिलर का स्ट्राइक रेट 206. 45 का रहा। दूसरी ओर, डुसेन ने 46 गेंद पर 75 रन बनाए। उन्होंने सात चौके और पांच छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 163.04 का रहा। ड्वेन प्रिटोरियस ने 13 गेंद पर 29 रन बनाकर अपना काम बखूबी से किया। गेंदबाजी में वेन पार्नेल ने ही सिर्फ सही गेंदबाजी की। उन्होंने चार ओवर में 32 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया।
नकारात्मक पक्ष: गेंदबाजी में केशव महाराज, कगिसो रबाडा, एनरिच नोर्त्जे, तबरेज शम्सी और ड्वेन प्रिटोरियस महंगे साबित हुए। अनुभवी रबाडा ने 8.80 की इकोनॉमी से रन दिए। उन्हें सफलता भी नहीं मिली। बल्लेबाजी में बावुमा और डिकॉक को बड़ी पारी खेलनी होगी। हर मैच को मिलर फिनिश नहीं कर सकते। बावुमा को टेस्ट के अंदाज से बाहर निकलकर बल्लेबाजी करनी होगी। वो कप्तान भी हैं तो जिम्मेदारी उनके ऊपर ज्यादा है। डिकॉक अपने आईपीएल वाले फॉर्म को नहीं दिखा सके। उनसे अफ्रीकी टीम अगले मैचों में बड़ी पारी चाहेगी।