IND vs AUS Playing-11: लगातार चौथी बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने उतरेगा भारत, दिल्ली में आज से दूसरा टेस्ट
दिल्ली टेस्ट को जीतने पर भारत की बढ़त 2-0 हो जाएगी और उसके चार टेस्ट मैचों की सीरीज हारने की सारी संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। अगर सीरीज ड्रॉ भी रहती है तब भी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर भारत का कब्जा रहेगा।
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दिल्ली टेस्ट को जीतने पर भारत की बढ़त 2-0 हो जाएगी और उसके चार टेस्ट मैचों की सीरीज हारने की सारी संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। अगर सीरीज ड्रॉ भी रहती है तब भी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर भारत का कब्जा रहेगा। 1996 से शुरु हुई इस ट्रॉफी के शुरू होने के बाद आज तक दोनों ही टीमों ने लगातार चार बार इस पर कब्जा जमाकर नहीं रखा है। हालांकि, सीरीज ड्रॉ रहने की स्थिति में भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए नुकसान उठाना होगा। उसे फाइनल में पहुंचने के लिए बाकी बचे तीन टेस्ट में से दो जीतने जरूरी हैं। एक हार उसके फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच होने वाले दो टेस्ट की सीरीज पर निर्भर कर देगी। वहीं, एक जीत या ड्रॉ ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में पहुंचने की दौड़ में बनाए रखेगी।
सूत्रों की मानें तो कोटला की पिच को आईपीएल के लिए तैयार किया गया था, जिसे बल्लेबाजों को ध्यान में रखकर बनाया गया, लेकिन बीते तीन दिन से इस पर पानी की एक बूंद नहीं डाली गई है। कोच द्रविड़, चेतेश्वर पुजारा और कप्तान रोहित शर्मा और पैट कमिंस पिच का कई बार निरीक्षण कर चुके हैं। कमिंस ने गुरुवार को कहा कि उन्हें पिच सूखी हुई लग रही है और यह भी नागपुर की तरह व्यवहार करेगी। अब देखना है कि कैसा विकेट मिलेगा। मैच मध्य की बजाय किनारे की पिच पर खेला जाएगा, जहां एक ओर की बाउंड्री सिर्फ 60 मीटर रह गई है।
टेस्ट से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट को भी कई सवालों से जूझना पड़ रहा है। खासतौर पर केएल राहुल का नहीं चलना और टीम में वापसी कर रहे श्रेयस अय्यर, शुभमन गिल का फॉर्म में होना, अंतिम एकादश को लेकर प्रबंधन को माथा पच्ची कराएगा। द्रविड़ के बयान से लगता है की सूर्यकुमार की जगह श्रेयस को मौका दिया जा सकता है, लेकिन वह काफी समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेले हैं। ऐसे में इतने महत्वपूर्ण टेस्ट में उतारना जोखिम भरा हो सकता है। चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली का बल्ला भी नहीं चल रहा है। पिछले कई टेस्ट मैचों में टॉप ऑर्डर की विफलता के बाद मध्य और निचले क्रम ने भारतीय टीम को उबारा है। पिछले टेस्ट में कप्तान रोहित का शतक टीम को राहत देने वाला है।
— BCCI (@BCCI) February 16, 2023
चयन को लेकर ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट में माथा-पच्ची चल रही है। डेविड वॉर्नर को लेकर संशय है, लेकिन कमिंस का कहना है कि वह चयनकर्ता नहीं है, लेकिन बतौर कप्तान वह उन्हें टीम में खिलाना चाहेंगे। हालांकि, उन्हें इसके लिए अपना नैसर्गिक खेल खेलना होगा। वहीं, मिचेल स्टार्क पर भी अंगुली की चोट से पूरी तरह नहीं उबरने के बावजूद अभ्यास कर रहे हैं। उन्हें स्कॉट बोलैंड की जगह आजमाया जा सकता है। बाएं हाथ के स्पिनर एस्टन अगर और मिचेल स्वेप्सन की जगह बुलाए गए मैट कुहेनमैन में से एक को भी खिलाए जाने की चर्चा है।
मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने कहा- मुझे यह स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं है कि मेरी टीम के स्पिनर यहां की पिचों के निचले बाउंस से सामंजस्य बिठाने में संघर्ष कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में इस तरह की परिस्थितियां नहीं होती हैं। हमारे स्पिनर यहां की परिस्थितियों से अभी तालमेल बिठा रहे हैं।
सौवां टेस्ट खेलने से पहले चेतेश्वर पुजारा ने कहा- मैं अपना खेल पूरी तरह से परिवर्तित नहीं कर सकता, लेकिन मैं अब परिवर्तन के लिए खुले दिमाग से सोचता हूं। टेस्ट मैच में खेलने के लिए अब मैंने अपने शॉट के चयन में कुछ लचीलापन दिखाया है। सौराष्ट्र और ससेक्स के लिए सफेद गेंद के प्रारूप में खेलते हुए उन्होंने तेज गेंदबाजों पर स्वीप शॉट और पैडल स्कूप लगाए हैं, जिसका उन्हें फायदा मिला है।
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, रवींद्र जडेजा, केएस भरत (विकेटकीपर), आर अश्विन, अक्षर पटेल, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज।
ऑस्ट्रेलिया: डेविड वॉर्नर, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रैविस हेड/मैट रेनशॉ, पीटर हैंड्सकॉम्ब/कैमरन ग्रीन, एलेक्स केरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड/मिचेल स्टार्क, टॉड मर्फी, नाथन लियोन।