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Chappell Slams ICC: इवेंट मैनेजमेंट कंपनी', चैपल ने मजबूत देशों के खुद से कार्यक्रम बनाने पर आईसीसी को लताड़ा
Sun, 26 Jan 2025 02:40 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 26 Jan 2025 02:40 PM IST
सार
चैपल ने कहा कि अफगानिस्तान और आयरलैंड को टेस्ट क्रिकेट का आयोजन नहीं करना चाहिए क्योंकि वे सभी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं। चैपल ने स्वीकार किया कि क्रिकेट खेलने वाले छोटे देशों के लिए घरेलू सरजमीं पर प्रथम श्रेणी मैचों का आयोजन आसान नहीं होता क्योंकि इसमें खर्चा आता है और यही उन्हें टी20 मैच की ओर अधिक प्रेरित कर रहा है।
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इयान चैपल ने आईसीसी पर निशाना साधा
- फोटो : Twitter
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विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को 'इवेंट मैनेजमेंट कंपनी' करार देते हुए कहा कि वित्तीय रूप से मजबूत बोर्ड टेस्ट क्रिकेट के हितों को नुकसान पहुंचाते हुए अपना कार्यक्रम खुद तैयार कर रहे हैं। चैपल का यह भी मानना है कि टेस्ट क्रिकेट के लिए दो स्तरीय प्रणाली अब तक लागू हो जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिके को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए कुछ अन्य अहम मामले हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। चैपल ने 'ईएसपीएनक्रिकइंफो' में अपने कॉलम में लिखा, 'दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली के विषय पर वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने कहा है- अपनी सभी गलतियों के बावजूद, कम से कम फीफा फुटबॉल चलाता तो है। आईसीसी को भी क्रिकेट को चलाना चाहिए।'
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भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : ICC
'वित्तीय रूप से मजबूत देश खुद कार्यक्रम तैयार कर रहे'
चैपल ने लिखा, 'इसमें एक गंभीर मसला है। आईसीसी क्रिकेट नहीं चलाती है और जब तक इसमें परिवर्तन नहीं होता है, तब तक वित्तीय रूप से मजबूत देशों को अपने मन मुताबिक कार्यक्रम तैयार करने में कोई दिक्कत नहींं होगी।' हालांकि, चैपल स्वीकार करते हैं कि क्रिकेट में भारत का प्रभाव उनके योगदान के अनुपात में है। चैपल ने कहा, 'वित्तीय विभाजन का प्रमुख मुद्दा है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड सबसे धनी क्रिकेट देश होने के बावजूद क्रिकेट निकायों के बीच विभाजित धन के एक बड़े हिस्से का दावा करते हैं।'
चैपल ने लिखा, 'इसमें एक गंभीर मसला है। आईसीसी क्रिकेट नहीं चलाती है और जब तक इसमें परिवर्तन नहीं होता है, तब तक वित्तीय रूप से मजबूत देशों को अपने मन मुताबिक कार्यक्रम तैयार करने में कोई दिक्कत नहींं होगी।' हालांकि, चैपल स्वीकार करते हैं कि क्रिकेट में भारत का प्रभाव उनके योगदान के अनुपात में है। चैपल ने कहा, 'वित्तीय विभाजन का प्रमुख मुद्दा है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड सबसे धनी क्रिकेट देश होने के बावजूद क्रिकेट निकायों के बीच विभाजित धन के एक बड़े हिस्से का दावा करते हैं।'
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आईसीसी अध्यक्ष जय शाह
- फोटो : twitter
'आईसीसी में भारत की स्थिति मजबूत, उनका कोई रिप्लेसमेंट नहीं'
उन्होंने कहा, 'आईसीसी में भारत की मजबूत उपस्थिति क्रिकेट की आय में उनके योगदान के लगभग 70% के अनुपात में है। यह एक जटिल मुद्दा है जिसका क्रिकेट को कोई व्यावहारिक समाधान नहीं मिला है। टेस्ट क्रिकेट को दो संभागों में विभाजित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है जिससे कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के ज्यादा बड़े दांव वाले मैच खेले जा सकें।' हालांकि, इस तरह की प्रणाली छोटी टीमों को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जिसके परिणामस्वरूप उनके लिए कम टेस्ट हो सकते हैं और खेल में समावेशिता को भी खतरा हो सकता है।
उन्होंने कहा, 'आईसीसी में भारत की मजबूत उपस्थिति क्रिकेट की आय में उनके योगदान के लगभग 70% के अनुपात में है। यह एक जटिल मुद्दा है जिसका क्रिकेट को कोई व्यावहारिक समाधान नहीं मिला है। टेस्ट क्रिकेट को दो संभागों में विभाजित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है जिससे कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के ज्यादा बड़े दांव वाले मैच खेले जा सकें।' हालांकि, इस तरह की प्रणाली छोटी टीमों को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जिसके परिणामस्वरूप उनके लिए कम टेस्ट हो सकते हैं और खेल में समावेशिता को भी खतरा हो सकता है।
इयान चैपल
- फोटो : ICC
'दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली को पहले ही लागू करना चाहिए था'
ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक चैपल का मानना है कि पदोन्नति और रेलीगेशन की व्यवस्था कुछ मानदंडों के साथ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'वर्षों पहले दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली होनी चाहिए थी। असल में केवल सीमित टीमें ही पांच दिनों तक प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। वेस्टइंडीज ने दर्शकों को आकर्षित करने की अपनी क्षमता के साथ वित्तीय सहायता का अधिकार अर्जित किया और अब वह इसमें कहीं नहीं हैं।'
ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक चैपल का मानना है कि पदोन्नति और रेलीगेशन की व्यवस्था कुछ मानदंडों के साथ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'वर्षों पहले दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली होनी चाहिए थी। असल में केवल सीमित टीमें ही पांच दिनों तक प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। वेस्टइंडीज ने दर्शकों को आकर्षित करने की अपनी क्षमता के साथ वित्तीय सहायता का अधिकार अर्जित किया और अब वह इसमें कहीं नहीं हैं।'
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम
- फोटो : ACB
चैपल ने अफगानिस्तान और आयरलैंड पर साधा निशाना
चैपल ने कहा कि अफगानिस्तान और आयरलैंड को टेस्ट क्रिकेट का आयोजन नहीं करना चाहिए क्योंकि वे सभी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसी प्रणाली जिसमें प्रोमोशन और रेलीगेशन शामिल है संभव है, लेकिन टीम को टेस्ट दर्जा हासिल करने से पहले कुछ मानदंड जोड़ने होंगे। उनमें शामिल होना चाहिए- क्या उनके पास एक अच्छा प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट है? क्या उनके पास पांच दिवसीय मैच आयोजित करने के वैध आधार हैं? क्या मैदान में पर्याप्त सुविधाएं हैं? क्या वे आर्थिक रूप से स्थिर हैं? यदि कोई टीम उन मानदंडों को पूरा करती है और कई वर्षों तक खेल का उच्च स्तर बनाए रखती है, तो टेस्ट क्रिकेट का दर्जा देना वैध होगा। हालांकि, हाल ही में टेस्ट नियुक्त किए गए अधिकांश राष्ट्र किसी भी उचित मानदंड को पूरा करने के करीब नहीं आते हैं।'
चैपल ने कहा कि अफगानिस्तान और आयरलैंड को टेस्ट क्रिकेट का आयोजन नहीं करना चाहिए क्योंकि वे सभी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसी प्रणाली जिसमें प्रोमोशन और रेलीगेशन शामिल है संभव है, लेकिन टीम को टेस्ट दर्जा हासिल करने से पहले कुछ मानदंड जोड़ने होंगे। उनमें शामिल होना चाहिए- क्या उनके पास एक अच्छा प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट है? क्या उनके पास पांच दिवसीय मैच आयोजित करने के वैध आधार हैं? क्या मैदान में पर्याप्त सुविधाएं हैं? क्या वे आर्थिक रूप से स्थिर हैं? यदि कोई टीम उन मानदंडों को पूरा करती है और कई वर्षों तक खेल का उच्च स्तर बनाए रखती है, तो टेस्ट क्रिकेट का दर्जा देना वैध होगा। हालांकि, हाल ही में टेस्ट नियुक्त किए गए अधिकांश राष्ट्र किसी भी उचित मानदंड को पूरा करने के करीब नहीं आते हैं।'
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम
- फोटो : ICC
'आईसीसी को इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के रूप में जाना जाता है'
उन्होंने कहा, 'उदाहरण के तौर पर क्या अफगानिस्तान अपने संकटग्रस्त देश में टेस्ट सीरीज का आयोजन कर सकता है? क्या आयरलैंड के पास टेस्ट-मानक मैदानों की यथार्थवादी संख्या है? यहां तक कि तालिबान के महिलाओं के निंदनीय उपचार को अलग रखते हुए, उन सवालों का जवाब है- बिल्कुल नहीं। फिर उन्हें टेस्ट दर्जा क्यों मिला हुआ है?' चैपल ने कहा, 'क्योंकि टेस्ट दर्जे के बदले वे महत्वपूर्ण मसलों पर आईसीसी को बहुमूल्य वोट देते हैं। आईसीसी को व्यापक रूप से एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के रूप में माना जाता है। हालांकि, वह इवमें मैनेज करने में भी बहुच अच्छे नहीं हैं।' चैपल ने स्वीकार किया कि क्रिकेट खेलने वाले छोटे देशों के लिए घरेलू सरजमीं पर प्रथम श्रेणी मैचों का आयोजन आसान नहीं होता क्योंकि इसमें खर्चा आता है और यही उन्हें टी20 मैच की ओर अधिक प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'उदाहरण के तौर पर क्या अफगानिस्तान अपने संकटग्रस्त देश में टेस्ट सीरीज का आयोजन कर सकता है? क्या आयरलैंड के पास टेस्ट-मानक मैदानों की यथार्थवादी संख्या है? यहां तक कि तालिबान के महिलाओं के निंदनीय उपचार को अलग रखते हुए, उन सवालों का जवाब है- बिल्कुल नहीं। फिर उन्हें टेस्ट दर्जा क्यों मिला हुआ है?' चैपल ने कहा, 'क्योंकि टेस्ट दर्जे के बदले वे महत्वपूर्ण मसलों पर आईसीसी को बहुमूल्य वोट देते हैं। आईसीसी को व्यापक रूप से एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के रूप में माना जाता है। हालांकि, वह इवमें मैनेज करने में भी बहुच अच्छे नहीं हैं।' चैपल ने स्वीकार किया कि क्रिकेट खेलने वाले छोटे देशों के लिए घरेलू सरजमीं पर प्रथम श्रेणी मैचों का आयोजन आसान नहीं होता क्योंकि इसमें खर्चा आता है और यही उन्हें टी20 मैच की ओर अधिक प्रेरित कर रहा है।
दक्षिण अफ्रीका टी20 लीग
- फोटो : Twitter
'टेस्ट क्रिकेट की जगह टी20 क्रिकेट फल-फूल रहा'
उन्होंने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी तैयार करने के लिए चार दिवसीय प्रतियोगिता की जरूरत होती है। चार दिवसीय प्रतियोगिता चलाना बहुत महंगा है। यह एक कारण है कि टी20 क्रिकेट फल-फूल रहा है। एक सफल टी20 प्रतियोगिता चलाने से क्रिकेट निकाय की वित्तीय क्षमता में सुधार होता है। यह एक सफल टी20 प्रतियोगिता के आयोजन के साथ-साथ प्रथम श्रेणी कार्यक्रम में पैसा गंवाने की तुलना में कहीं अधिक स्वीकार्य है, जो अधिकांश क्रिकेट प्रशासकों की सोच पर हावी है। सक्षम आईसीसी द्वारा क्रिकेट का संचालन करना सपने की तरह है। इसलिए बढ़ता हुआ टी20 कैलेंडर और वर्तमान शेड्यूलिंग इस खेल को प्रभावित कर रहा है।'
उन्होंने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी तैयार करने के लिए चार दिवसीय प्रतियोगिता की जरूरत होती है। चार दिवसीय प्रतियोगिता चलाना बहुत महंगा है। यह एक कारण है कि टी20 क्रिकेट फल-फूल रहा है। एक सफल टी20 प्रतियोगिता चलाने से क्रिकेट निकाय की वित्तीय क्षमता में सुधार होता है। यह एक सफल टी20 प्रतियोगिता के आयोजन के साथ-साथ प्रथम श्रेणी कार्यक्रम में पैसा गंवाने की तुलना में कहीं अधिक स्वीकार्य है, जो अधिकांश क्रिकेट प्रशासकों की सोच पर हावी है। सक्षम आईसीसी द्वारा क्रिकेट का संचालन करना सपने की तरह है। इसलिए बढ़ता हुआ टी20 कैलेंडर और वर्तमान शेड्यूलिंग इस खेल को प्रभावित कर रहा है।'
कोंस्टास
- फोटो : cricket.com.au twitter
चैपल ने सैम कोंस्टास की पारी का दिया उदाहरण
चैपल ने एमसीजी में भारत के खिलाफ सैम कोंस्टास के टेस्ट डेब्यू का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, 'यह उस बिंदु पर पहुंच रहा है जहां टेस्ट को देखने आने वाले फैंस अधिक टी 20-शैली के शॉट्स देखने की उम्मीद करते हैं। एमसीजी में सैम कोंस्टास की पारी पर जो प्रतिक्रियाएं मिलीं, उससे पता चलता है कि यह पहले से ही हो रहा है। टेस्ट मैचों के नतीजों में काफी इजाफा हुआ है और गेंदबाजों का महत्व भी बढ़ा है। अब मनोरंजक क्रिकेट खेलने पर ज्यादा जोर दिया जाता है।
चैपल ने एमसीजी में भारत के खिलाफ सैम कोंस्टास के टेस्ट डेब्यू का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, 'यह उस बिंदु पर पहुंच रहा है जहां टेस्ट को देखने आने वाले फैंस अधिक टी 20-शैली के शॉट्स देखने की उम्मीद करते हैं। एमसीजी में सैम कोंस्टास की पारी पर जो प्रतिक्रियाएं मिलीं, उससे पता चलता है कि यह पहले से ही हो रहा है। टेस्ट मैचों के नतीजों में काफी इजाफा हुआ है और गेंदबाजों का महत्व भी बढ़ा है। अब मनोरंजक क्रिकेट खेलने पर ज्यादा जोर दिया जाता है।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : Twitter
'टेस्ट क्रिकेट अब भी प्रासंगिक, युवा क्रिकेटर करेंगे संघर्ष'
उन्होंने कहा, 'विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के बावजूद टेस्ट क्रिकेट ने प्रारूप को प्रासंगिक बनाए रखने का सराहनीय काम किया है। फिर भी, जब तक कुछ मुद्दों, जिसमें एक उचित कार्यक्रम और धीमी गति से खेल को आगे बढ़ाने को गंभीर रूप से संबोधित नहीं किया जाता है। ऐसे में टेस्ट क्रिकेट युवा दर्शकों को आकर्षित करने के लिए संघर्ष करेगा। क्रिकेट प्रशासन मुश्किल है। हालांकि, अगर टेस्ट क्रिकेट को व्यापक खेल जगत में अपनी प्रासंगिकता में सुधार करना है तो दो-स्तरीय टेस्ट प्रणाली तैयार करने के अलावा अन्य दबाव वाले और कई मामले हैं जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।'
उन्होंने कहा, 'विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के बावजूद टेस्ट क्रिकेट ने प्रारूप को प्रासंगिक बनाए रखने का सराहनीय काम किया है। फिर भी, जब तक कुछ मुद्दों, जिसमें एक उचित कार्यक्रम और धीमी गति से खेल को आगे बढ़ाने को गंभीर रूप से संबोधित नहीं किया जाता है। ऐसे में टेस्ट क्रिकेट युवा दर्शकों को आकर्षित करने के लिए संघर्ष करेगा। क्रिकेट प्रशासन मुश्किल है। हालांकि, अगर टेस्ट क्रिकेट को व्यापक खेल जगत में अपनी प्रासंगिकता में सुधार करना है तो दो-स्तरीय टेस्ट प्रणाली तैयार करने के अलावा अन्य दबाव वाले और कई मामले हैं जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।'