चेन्नई सुपरकिंग्स के सदस्य फाफ डुप्लेसिस का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी परंपरा से हटकर और बेहतरीन नेतृत्वकर्ता हैं, जिनकी सबसे बड़ी ताकत है मैदान पर स्थिति को बेहतरीन ढंग से भांपना है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान 2011 में इंडियन प्रीमियर लीग से जुड़े थे, जिसके बाद उन्होंने धोनी के साथ काफी समय बिताया है और वह टीम की सफल यात्रा का अहम हिस्सा रहे हैं। पैंतीस साल के खिलाड़ी ने कहा कि धोनी ने उस धारणा को बदल दिया है कि कप्तान कैसा होना चाहिए।
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फाफ डु प्लेसी
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डुप्लेसिस ने बांग्लादेश के वनडे कप्तान तमीम इकबाल के साथ फेसबुक लाइव सत्र में कहा, 'वह दूसरे खिलाड़ियों को बखूबी समझ लेता है और वह इसका इस्तेमाल मैदान पर तुरंत फैसले लेने में करता है। उसे खेल पर काफी अच्छा अनुभव है जिससे वह स्थितियों को भांप लेता है और यह उसकी सबसे बड़ी ताकत है।’
उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह काफी शानदार था कि एमएस बतौर कप्तान कितना अलग है। मुझे लगता था कि कप्तान को टीम बैठकों में पूरे समय बोलते रहना चाहिए आदि, लेकिन एमएस पूरी तरह अलग था।’
डुप्लेसिस ने कहा, 'वह काफी टीम बैठकों में विश्वास नहीं करता। वह काफी नैसर्गिक कप्तान है, उसे क्रिकेट की इतनी अच्छी समझ है कि वह मैदान पर सही फैसले करने में इन पर निर्भर रहता है।' धोनी ने भारत के लिए अंतिम मैच पिछले साल विश्व कप सेमीफाइनल में खेला था और उनके इंडियन प्रीमियर लीग से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की उम्मीद थी जिसे स्थगित कर दिया गया।
डुप्लेसिस ने कहा कि वह अभी तक जिनके साथ खेले हैं, उनमें धोनी सर्वश्रेष्ठ ‘फिनिशर’ हैं और कोई भी उनका अनुकरण नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, 'वह बहुत ही शांत है। मैं उनसे बेहतर फिनिशर के साथ नहीं खेला हूं। मैदान में उन्हें देखना शानदार है।’
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एमएस धोनी
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उन्होंने कहा, 'अगर कोई उनके जैसा बनने की कोशिश करता है तो वह ऐसा नहीं कर पाएगा। वह काफी अलग है जैसे वह गेंद को इतनी देर से हिट करता है, जो उनकी शांत प्रवृति को दिखाता है। वह अपने खेल को जानता है और वह गेंदबाज को मर्जी से हिट करता है।'