'मेरी भी दाढ़ी के बाल पक रहे हैं', कहीं कपिल को जवाब तो नहीं!
टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली अपने आलोचकों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जाने जाते हैं। पिछले साल दिसंबर में वह जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पहली बार टेस्ट कप्तान बनाए गए थे तो कई बार उन्होंने अपने कड़े तेवर दिखाए थे।
युवा कप्तान कोहली ने तब सीरीज के दौरान कई बार कंगारू खिलाड़ियों को अपने निशाने पर लिया था, हालांकि इस आक्रामक कप्तान के आक्रामक रुख पर भारत के कई पूर्व क्रिकेटरों ने जमकर आलोचना की थी। तब पुराने दिग्गजों ने उन्हें सुझाव दिया था कि आक्रामकता ठीक है लेकिन इसे बोलने के बजाए खेल में दिखाना चाहिए।
अब एक दिन पहले ही टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव ने धोनी और कोहली के बीच किसी तुलना से इनकार करते हुए इशारों में कहा कि बाप-बाप ही होता है और बेटा...बेटा। ऐसे में बाप को बाप ही रहने दो और बेटे को बेटा। उन्होंने कहा था कि बाप-बेटे के बीच बराबरी नहीं हो सकती, विराट बाद में बाप बन जाएंगे।
इस बयान के एक दिन बाद ही कोहली ने अपने ही अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि टेस्ट कप्तान बनने के बाद मेरी दाढ़ी के बाल भी सफेद हो गए हैं। जाहिर है कप्तान बनने के बाद धोनी की दाढ़ी के काफी बाल सफेद हो गए थे।
कोहली का यह बयान कहीं कपिल को जवाब तो नहीं
जयपुर में कपिल देव ने कप्तानी में महेंद्र सिंह धोनी को विराट कोहली से बेहतर बताया। उन्होंने कहा था कि धोनी की उपलब्धियों तक पहुंचने के लिए कोहली को अभी लंबी दूरी तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि कोहली अच्छे बल्लेबाज हैं और पूरा भरोसा है कि वह भारत के कप्तान के तौर पर भी बेहतर साबित होंगे।
मोहाली में टेस्ट मैच की पूर्वसंध्या पर कोहली ने कहा, "मैं पहली बार भारत में टेस्ट टीम की अगुवाई कर रहा हूं और इस दिन मेरा जन्मदिन भी है। यह मेरे लिए दोहरी खुशी वाला दिन होगा।" उन्होंने आगे कहा, " जब से मैं टेस्ट टीम का कप्तान बना हूं तब से मेरी दाढ़ी के बाल पक गए हैं।"
हो सकता है कि कोहली ने टेस्ट कप्तानी की मुश्कलभरी जिम्मेदारियों के बारे में यह बयान दिया हो लेकिन उनके बयान में कपिल पर पलटवार के लक्षण भी देखे जा सकते हैं। वह अपने आलोचकों को आसानी से नहीं छोड़ते हैं और जल्द ही पलटवार भी कर देते हैं। कम से कम पिछले एक साल में उनके दिए बयान के आधार पर यही समझा जा सकता है। वह जानते हैं कि कपिल बड़े क्रिकेटर हैं और खुलकर उनकी आलोचना नहीं की जा सकती है।
खैर, टीम इंडिया करीब 2 साल बाद अपने देश में कोई टेस्ट मैच खेलने जा रही है। भारत में पहली बार टेस्ट कप्तानी करने जा रहे कोहली ने आगे कहा, "जब आप दुनियभर में हर तरह की परिस्थितियों में मैच जीतते हो तभी आपको बेस्ट टीम के रूप में आंका जाता है।" कोहली ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और श्रीलंका में टेस्ट मैचों में कप्तानी करने के बाद भारत में कप्तानी करने जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा, "वह चाहते हैं कि हर किसी की जिम्मेदारी तय हो। मैं मानता हूं कि टीम के हर सदस्य को अपनी बात रखने की आजादी होनी चाहिए।"