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एक गलती से खत्म हो चुका था करियर, दमदार वापसी से ऋधिमान साहा बने दुनिया के नंबर 1 विकेटकीपर

Thu, 24 Oct 2019 10:18 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Thu, 24 Oct 2019 10:18 AM IST
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How Wriddhiman Saha fought back after career threatening injury and become worlds best wicketkeeper
ऋधिमान साहा - फोटो : ट्विटर

क्या वह कोई पक्षी था? नहीं-नहीं हवाई-जहाज। न सुपरमैन। कुछ ऐसी है बातें पुणे टेस्ट के दौरान मैदान समेत पूरे स्टेडियम में गूंज रही थी। विकेट के पीछे जिस फुर्ती और चपलता के साथ साहा अपना काम कर रहे थे, उसे देखकर कोई सोच तक नहीं सकता था कि अब से कुछ माह पहले तक इस खिलाड़ी का करियर ही खतरे में पड़ चुका था। 24 अक्टूबर 1984 को बंगाल के सिलीगुड़ी में जन्में साहा आज अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं।

एक छोटी सी चोट उसके बाद किसी दूसरे की बहुत बड़ी भूल ने ऋधिमान को मैदान से 20 महीने के लिए बाहर कर दिया। आलोचकों ने कहा कि अब इस खिलाड़ी का करियर खत्म हो गया। वैसे भी ऋधि वन-डे और टी-20 में टीम मैनेजमेंट की कभी पहली पसंद नहीं थे, लेकिन धोनी के संन्यास लेने के बाद बंगाल का यह क्रिकेटर ही टेस्ट मैच में दस्ताने पहुंचकर देश की सेवा करता आया था। मगर साहा ने अपनी दमदार वापसी से बता दिया कि उन्हें यूं ही दुनिया के बेहतरीन विकेटकीपर कहलाते हैं।

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ऋधिमान साहा

बोर्ड की गलती पड़ी भारी

दरअसल, भारतीय टीम ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था। एक कैच लेते वक्त साहा को कंधे में चोट लग गई। यह चोट गंभीर होती गई। इसके बावजूद साहा खेलते रहे। उन्हें दूर से थ्रो करने में भी दिक्कत हो रही थी। सारे दुखों को नजरअंदाज करते हुए साहा ने 2018 का आईपीएल भी खेला।

इस बीच आईपीएल 2018 में साहा अपना अंगूठा भी चोटिल कर बैठे। शुरू में इसे साधारण चोट माना गया। उन्हें रिहैबिलटेशन के लिए नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) भेजा गया। यहां मौजूद सीनियर फिजियो भी साहा की चोट का सही अंदाजा नहीं लगा सके। 

कहा ये जा रहा था कि अंगूठे की चोट के चलते साहा टीम से बाहर हैं, लेकिन जिस चोट को सिर्फ अंगूठे की माना जा रहा था, वास्तव में वह कंधे की थी। पहले कहा गया कि साहा की चोट 5 से 6 सप्ताह में उबर जाएगी। मगर अंत में इंग्लैंड में उनकी बीसीसीआई ने सर्जरी करवाई।

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पंत/साहा - फोटो : social media

क्या एनसीए में लापरवाही हुई?

बीसीसीआई के इस अफसर के मुताबिक- साहा को लगा होगा कि एनसीए में रिहैब के बाद वे इंग्लैंड दौरे के लिए फिट हो जाएंगे। वहां सीनियर फिजियो की देखरेख में उन्होंने जो ट्रेनिंग की उससे चोट ज्यादा गंभीर हो गई। अब सवाल ये था कि क्या इस फिजियो ने साहा की चोट के बारे में बोर्ड को सही रिपोर्ट दी?

बोर्ड के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी और चयनकर्ताओं को भी एनसीए ने साहा की फिटनेस पर जानकारी नहीं दी। क्या मामूली फ्रैक्चर को ठीक होने में दो महीने लगते हैं? सही बात तो ये है कि किसी ने भी वास्तविक कारण जानने की कोशिश नहीं की।

साहा इसके बाद न इंग्लैंड दौरे पर जा पाए और न ही ऑस्ट्रेलिया दौरे में वह टीम का हिस्सा रहे। अपनी इस चोट से जूझते हुए साहा बेहद बुरे दौर से भी गुजरे। मगर हिम्मत नहीं हारी। इसी दौरान ऋषभ पंत को टीम इंडिया में आने का मौका मिला और वे प्रभावित करने में भी सफल रहे, लेकिन हाल ही में पंत के प्रदर्शन में गिरावट आई और साहा को फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौका मिला।

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ऋधिमान साहा - फोटो : bcci

उतार चढ़ाव भरा रहा करियर

साहा के करियर की बात करें तो साहा ने अब तक 35 टेस्ट और 9 वनडे मैच खेले हैं। टेस्ट में उन्होंने 48 पारियों में 1209 रन ही बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और पांच अर्धशतक शामिल है, वे एक स्थापित बल्लेबाज माने जाते हैं, लेकिन उन्हें उनकी विकेटकीपिंग स्किल्स के लिए ज्यादा जाना जाता है। उन्होंने इन 35 मैचों में 86 कैच और 11 स्टंपिंग की हैं, वहीं वनडे में वे 17 कैच ले चुके हैं। रिकॉर्ड भले ही ज्यादा कुछ न कहे लेकिन जिस दिग्गज ने भी साहा को मैदान पर कीपिंग करते हुए देखा है. उन्हें दुनिया के बेस्ट विकेटकीपर में शुमार करने से गुरेज नहीं किया है।

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ऋधिमान साहा - फोटो : BCCI

सबसे पहले बनाया यह रिकॉर्ड

साहा पहले ऐसे भारतीय विकेटकीपर हैं जिन्होंने भारत और विदेश (एशिया से बाहर) दोनों जगह शतक लगाए हैं। वे भारत में दो और वेस्टइंडीज में एक शतक लगा चुके हैं, हालांकि इस सूची में अब ऋषभ पंत भी हैं, जिन्होंने भारत और इंग्लैंड दोनों जगह शतक लगा चुके हैं। साहा वैसे तो निर्विवाद रूप से भारत के टेस्ट विकेटकीपर हैं।

वैसे पंत को ताबड़तोड़ बल्लेबाजी में बेहतर माना जाता है यही वजह है कि धोनी के रहते भी पंत वनडे और टी-20 टीम इंडिया में खेलते दिखाई देते हैं, वे उन गिने चुने विकेटकीपर में से एक हैं जिनका प्रति पारी खिलाड़ी आउट करने का औसत 1.5 से कम है। साहा की विकेटकीपिंग की तारीफ करने वालों में विराट कोहली, सौरभ गांगुली, रवि शास्त्री शामिल हैं।

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