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Hardik Pandya: मांकडिंग के सवाल पर बोले हार्दिक पांड्या- मुझे खेल भावना से मतलब नहीं, मैं तो आउट करूंगा

Tue, 25 Oct 2022 09:09 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Tue, 25 Oct 2022 09:09 PM IST
सार

मांकडिंग के सवाल पर हार्दिक पांड्या ने कहा है कि यह नियमों के तहत है और उन्हें खेल भावना से फर्क नहीं पड़ता है। अगर वह क्रीज छोड़ते हैं तो उन्हें भी आउट किया जा सकता है और उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होगी। 
 

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Hardik Pandya on mankading- To Hell With Spirit Of The Game i will do it
हार्दिक पांड्या - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ हार्दिक पांड्या ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले उन्होंने तीन अहम विकेट लिए। इस वजह से पाकिस्तान की टीम आखिरी ओवरों में तेजी से रन नहीं बना पाई और इसके बाद उन्होंने विराट कोहली के साथ शतकीय साझेदारी कर मैच में भारत की वापसी कराई। हालांकि, हार्दिक बल्ले के साथ मैच खत्म नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने कोहली का भरपूर साथ दिया और अपनी टीम को जीत दिलाई। 
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इसके बाद हार्दिक ने आईसीसी के लिए एक वीडियो में मांकडिंग को लेकर अपने विचार रखे हैं। उन्होंने कहा कि अगर गेंदबाज के हाथ से गेंद निकलने से पहले ही बल्लेबाज क्रीज छोड़कर काफी आगे निकल रहा है तो मांकड़िंग में कोई समस्या नहीं है। 
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हार्दिक ने कहा "हमें नॉन-स्ट्राइकर को आउट करने के बारे में हंगामा करना बंद करने की जरूरत है। यह एक नियम है। खेल की भावना से मुझे मतलब नहीं, अगर यह है, तो यह है। व्यक्तिगत रूप से मुझे इससे कोई समस्या नहीं है। अगर मैं अपनी क्रीज से बाहर हूं, और कोई मुझे रन आउट करता है, तो यह ठीक है। यह मेरी गलती है।"

हार्दिक ने आगे कहा कि दो खिलाड़ियों के बीच की भिड़ंत टी20 में मायने नहीं रखती है। उन्होंने कहा "मैचअप मेरे लिए काम नहीं करता है, देखें कि मैं कहां बल्लेबाजी करता हूं और जिस स्थिति में मैं आता हूं, मुझे मैचअप का विकल्प नहीं मिलता है। आप देखते हैं कि मैचअप उन लोगों के लिए अधिक हैं जो शुरुआती तीन या चार स्थानों में बल्लेबाजी कर रहे हैं। मेरे लिए, यह बस यह स्थिति होती है कि कई बार मैं किसी गेंदबाज के खिलाफ बड़े शॉट खेलना चाहता हूं, लेकिन अगर स्थिति इसकी मांग नहीं करती है, तो मैं वह जोखिम नहीं लेता, क्योंकि यह मेरी टीम को नुकसान होगा।"

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"मैचअप में मैं यकीन नहीं करता। यह ओवर-रेटेड है। मुझे यह कहने में कोई फर्क नहीं पड़ता, टी 20 क्रिकेट में, यह ओवर-रेटेड है। वनडे और टेस्ट में, यह काम कर सकता है, लेकिन टी 20 में ऐसा नहीं है। हां, मैंने विश्व कप नहीं जीता है, लेकिन मैंने अन्य टूर्नामेंट जीते हैं और मुझे नहीं लगता कि मुझे कभी भी मैचअप के बारे में चिंता हुई है।"

अंत में हार्दिक ने कहा "जब से मैंने वापसी की है, तब से मैं खुद को और बेहतर करना चाहता हूं। मैं महानता की ओर नहीं बल्कि उत्कृष्टता की ओर दौड़ रहा हूं। अगर मुझे कुछ हासिल करना है, तो मुझे लगता है कि यह उत्कृष्टता होगी, प्रदर्शन नहीं। अपने करियर के अंत में, अगर मैं खुद से कह सकता हूं, तो आप जानते हैं कि हार्दिक क्या है, आपने एक समय में उत्कृष्टता हासिल की थी। यह बहुत अच्छा होगा।"
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