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IND vs SA Test: 'गुवाहाटी दोनों टीमों के लिए चुनौती', दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले बोले अश्विन
Wed, 15 Oct 2025 03:24 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 15 Oct 2025 03:24 PM IST
सार
अश्विन ने कहा कि वह नए मैदानों में खेलने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन देश में स्थायी टेस्ट केंद्रों की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भारतीय टीम में शायद ही किसी खिलाड़ी ने गुवाहाटी में लाल गेंद से प्रथम श्रेणी मैच खेला हो।
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रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में होने वाला आगामी टेस्ट मैच दोनों टीमों के लिए “विदेश में खेले जाने वाले मुकाबले” जैसा साबित हो सकता है। गुवाहाटी का बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम 22 से 26 नवंबर तक होने वाले इस मैच के साथ भारत का सबसे नया टेस्ट स्थल बनने जा रहा है। यह मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत खेला जाएगा।
अश्विन ने कहा कि वह नए मैदानों में खेलने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन देश में स्थायी टेस्ट केंद्रों की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भारतीय टीम में शायद ही किसी खिलाड़ी ने गुवाहाटी में लाल गेंद से प्रथम श्रेणी मैच खेला हो।
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अश्विन ने कहा कि वह नए मैदानों में खेलने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन देश में स्थायी टेस्ट केंद्रों की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भारतीय टीम में शायद ही किसी खिलाड़ी ने गुवाहाटी में लाल गेंद से प्रथम श्रेणी मैच खेला हो।
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'स्थायी टेस्ट केंद्र और अच्छी पिचें जरूरी'
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने कहा, 'दक्षिण अफ्रीका एक मजबूत टीम है, लेकिन उनका स्पिन विभाग उतना असरदार नहीं है। हालांकि हमें अपने टेस्ट केंद्रों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। हम अब ईडन गार्डन्स और गुवाहाटी में खेल रहे हैं, जबकि विराट कोहली ने वर्षों पहले कहा था कि भारत को मानक टेस्ट केंद्रों की जरूरत है।'
अश्विन ने आगे जोड़ा कि भारत को सिर्फ दर्शकों की संख्या के आधार पर टेस्ट आयोजन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह भीड़ जुटाने का मामला नहीं है, बल्कि परिस्थितियों की जानकारी और घरेलू लाभ से जुड़ा है। हमें पता होना चाहिए कि किसी विशेष समय पर पिच कैसा व्यवहार करेगी और गेंदबाजों या बल्लेबाजों को किस तरह की मदद मिलेगी।'
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने कहा, 'दक्षिण अफ्रीका एक मजबूत टीम है, लेकिन उनका स्पिन विभाग उतना असरदार नहीं है। हालांकि हमें अपने टेस्ट केंद्रों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। हम अब ईडन गार्डन्स और गुवाहाटी में खेल रहे हैं, जबकि विराट कोहली ने वर्षों पहले कहा था कि भारत को मानक टेस्ट केंद्रों की जरूरत है।'
अश्विन ने आगे जोड़ा कि भारत को सिर्फ दर्शकों की संख्या के आधार पर टेस्ट आयोजन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह भीड़ जुटाने का मामला नहीं है, बल्कि परिस्थितियों की जानकारी और घरेलू लाभ से जुड़ा है। हमें पता होना चाहिए कि किसी विशेष समय पर पिच कैसा व्यवहार करेगी और गेंदबाजों या बल्लेबाजों को किस तरह की मदद मिलेगी।'
'भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों के लिए अनजान हालात'
अश्विन ने कहा कि गुवाहाटी की परिस्थितियां दोनों टीमों के लिए नई होंगी। उन्होंने कहा, 'जब हम गुवाहाटी में टेस्ट खेलेंगे, तो यह दक्षिण अफ्रीका और भारत—दोनों के लिए विदेशी धरती जैसा होगा। भारतीय टीम के किसी भी खिलाड़ी ने यहां लाल गेंद से नहीं खेला है।' उन्होंने बताया कि भारत के पूर्वी हिस्से की पिचों में उछाल बहुत कम होता है, लेकिन विकेट खराब नहीं माने जाते। ऐसी परिस्थितियों में टीमों को अपनी रणनीति और टीम संयोजन पर विशेष ध्यान देना होगा।
अश्विन ने कहा कि गुवाहाटी की परिस्थितियां दोनों टीमों के लिए नई होंगी। उन्होंने कहा, 'जब हम गुवाहाटी में टेस्ट खेलेंगे, तो यह दक्षिण अफ्रीका और भारत—दोनों के लिए विदेशी धरती जैसा होगा। भारतीय टीम के किसी भी खिलाड़ी ने यहां लाल गेंद से नहीं खेला है।' उन्होंने बताया कि भारत के पूर्वी हिस्से की पिचों में उछाल बहुत कम होता है, लेकिन विकेट खराब नहीं माने जाते। ऐसी परिस्थितियों में टीमों को अपनी रणनीति और टीम संयोजन पर विशेष ध्यान देना होगा।
अश्विन की सलाह: दीर्घकालिक सोच अपनाएं
अश्विन ने कहा कि भारत को अब समय आ गया है कि वह स्थायी टेस्ट केंद्रों पर ध्यान केंद्रित करे और अच्छी गुणवत्ता वाली पिचें तैयार करे ताकि खिलाड़ियों को अनुकूल माहौल और निरंतरता मिल सके। उन्होंने कहा, 'भारत के हर कोने में अलग तरह की पिचें हैं। हमें अब यह समझना होगा कि टेस्ट क्रिकेट के लिए सही माहौल कैसे तैयार किया जाए।'
अश्विन ने कहा कि भारत को अब समय आ गया है कि वह स्थायी टेस्ट केंद्रों पर ध्यान केंद्रित करे और अच्छी गुणवत्ता वाली पिचें तैयार करे ताकि खिलाड़ियों को अनुकूल माहौल और निरंतरता मिल सके। उन्होंने कहा, 'भारत के हर कोने में अलग तरह की पिचें हैं। हमें अब यह समझना होगा कि टेस्ट क्रिकेट के लिए सही माहौल कैसे तैयार किया जाए।'