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IND vs ENG: 'बैजबॉल का अर्थ लापरवाह क्रिकेट..', इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी की रणनीति पर फूटा चैपल का गुस्सा
Wed, 06 Aug 2025 03:14 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Wed, 06 Aug 2025 03:14 PM IST
सार
लंदन में पांचवें टेस्ट के चौथे दिन सोमवार को इंग्लैंड ने 374 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय तीन विकेट पर 301 रन बना लिए थे लेकिन 26 वर्षीय ब्रूक के आउट होने से उसकी टीम लड़खड़ा गई और उसे छह रन से हार का सामना करना पड़ा।
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हैरी ब्रूक
- फोटो : ANI
विस्तार
आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने भारत के खिलाफ ड्रॉ हुई टेस्ट सीरीज के दौरान इंग्लैंड की आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने की रणनीति की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि, सकारात्मक क्रिकेट का मतलब लापरवाह क्रिकेट नहीं है। बता दें कि, भारत ने इंग्लैंड को आखिरी टेस्ट मैच में हराकर सीरीज 2-2 से बराबर कर दी थी। पांचवें दिन इंग्लैंड को जीत के लिए 35 रन चाहिए थे, जबकि भारत को चार विकेट की जरूरत थी। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके जिससे भारत यह मुकाबला छह रन से जीतने में सफल रहा था।
ब्रूक पर भड़के चैपल
चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइन्फो’ में अपने कॉलम में युवा भारतीय टीम की अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रशंसा की। हालांकि, उन्होंने इंग्लैंड के खिलाड़ियों विशेषकर हैरी ब्रूक की आलोचना की। उनका मानना है कि ब्रूक परिस्थितियों को समझने में विफल रहे। भारत के पूर्व मुख्य कोच चैपल ने कहा, 'इस सीरीज में इंग्लैंड का सफर उसके सामने चेतावनी पेश करता है। इसे प्रतिभाशाली लेकिन चंचल प्रकृति के हैरी ब्रुक ने मूर्त रूप दिया, जिनकी मैं पहले सार्वजनिक रूप से प्रशंसा कर चुका हूं।'
उन्होंने कहा, 'उनकी टाइमिंग बहुत अच्छी है। वह कई तरह के शॉट लगा सकते हैं। उनमें आत्मविश्वास है और बल्लेबाजी को सहज बनाने का दुर्लभ कौशल है। लेकिन क्रिकेट, विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट, केवल शॉट लगाने के बारे में नहीं है। यह निर्णय लेने के बारे में है। टेस्ट क्रिकेट में यह समझना जरूरी होता है कि कब आक्रामक होकर खेलना है और कब संयम बरतना है।'
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'सकारात्मक क्रिकेट का मतलब लापरवाह क्रिकेट नहीं'
लंदन में पांचवें टेस्ट के चौथे दिन सोमवार को इंग्लैंड ने 374 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय तीन विकेट पर 301 रन बना लिए थे लेकिन 26 वर्षीय ब्रूक के आउट होने से उसकी टीम लड़खड़ा गई और उसे छह रन से हार का सामना करना पड़ा। चैपल ने कहा, 'सकारात्मकता में कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन सकारात्मक क्रिकेट का मतलब लापरवाह क्रिकेट नहीं है। इसका मतलब है आत्मविश्वास से भरा, सोच-समझकर जोखिम उठाना।'
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ब्रूक पर भड़के चैपल
चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइन्फो’ में अपने कॉलम में युवा भारतीय टीम की अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रशंसा की। हालांकि, उन्होंने इंग्लैंड के खिलाड़ियों विशेषकर हैरी ब्रूक की आलोचना की। उनका मानना है कि ब्रूक परिस्थितियों को समझने में विफल रहे। भारत के पूर्व मुख्य कोच चैपल ने कहा, 'इस सीरीज में इंग्लैंड का सफर उसके सामने चेतावनी पेश करता है। इसे प्रतिभाशाली लेकिन चंचल प्रकृति के हैरी ब्रुक ने मूर्त रूप दिया, जिनकी मैं पहले सार्वजनिक रूप से प्रशंसा कर चुका हूं।'
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उन्होंने कहा, 'उनकी टाइमिंग बहुत अच्छी है। वह कई तरह के शॉट लगा सकते हैं। उनमें आत्मविश्वास है और बल्लेबाजी को सहज बनाने का दुर्लभ कौशल है। लेकिन क्रिकेट, विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट, केवल शॉट लगाने के बारे में नहीं है। यह निर्णय लेने के बारे में है। टेस्ट क्रिकेट में यह समझना जरूरी होता है कि कब आक्रामक होकर खेलना है और कब संयम बरतना है।'
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'सकारात्मक क्रिकेट का मतलब लापरवाह क्रिकेट नहीं'
लंदन में पांचवें टेस्ट के चौथे दिन सोमवार को इंग्लैंड ने 374 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय तीन विकेट पर 301 रन बना लिए थे लेकिन 26 वर्षीय ब्रूक के आउट होने से उसकी टीम लड़खड़ा गई और उसे छह रन से हार का सामना करना पड़ा। चैपल ने कहा, 'सकारात्मकता में कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन सकारात्मक क्रिकेट का मतलब लापरवाह क्रिकेट नहीं है। इसका मतलब है आत्मविश्वास से भरा, सोच-समझकर जोखिम उठाना।'