युवी की राह पर अब धोनी, खत्म नहीं हो रहा नाकामी का सिलसिला
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8 साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जब अपने घरेलू क्रिकेट खेलने उतरे तो उनकी भी नाकामी का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह जब टीम इंडिया से बाहर हुए तो वह देश में घरेलू क्रिकेट खेलने को मजबूर हुए तो उनके खराब फॉर्म को देखते हुए फिर से टीम इंडिया में धोनी ने शामिल होने नहीं दिया।
अब बारी धोनी की है। हालांकि धोनी खुद इस समय टीम इंडिया के वनडे टीम के कप्तान हैं लेकिन इस समय भारत में खेली जा रही घरेलू एकदिवसीय टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में उनका बल्ला चल नहीं रहा है। दूसरी ओर, युवराज इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं और 2 अर्धशतक ठोंक चुके हैं।
धोनी का बल्ला लंबे समय से नहीं चल रहा है और माना जा रहा था कि इस टूर्नामेंट में खेलकर वह फॉर्म हासिल कर सकते हैं। टीम उनकी अगुवाई में अगले साल की शुरुआत में वनडे सीरीज और टी-20 मैच खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना होगी। लेकिन कप्तान के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं।
धोनी की टीम ने लगाया जीत का 'चौका'
बंगलुरू में खेले गए एक मुकाबले में झारखंड में रेलवे को एकतरफा मुकाबले में 115 रनों से हराकर विजय हजारे टूर्नामेंट में अपनी चौथी जीत दर्ज जरूर करा ली लेकिन उसके सितारे बल्लेबाज धोनी का बल्ला चल ही नहीं रहा है।
रेलवे के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 30 गेंदों में 37 रनों की पारी खेली जिसमें एक चौके के अलावा 2 छक्के भी लगाए। हालांकि वह इस टूर्नामेंट में अभी एक भी फिफ्टी वाली पारी नहीं खेल सके हैं। पहले बल्लेबाजी करते हुए झारखंड ने 45-45 ओवर के मुकाबले में 45 ओवर में 5 विकेट पर 211 रन बनाए। सौरव तिवारी ने सबसे ज्यादा 49 रन बनाए।
212 रनों के लक्ष्य के जवाब में उतरी रेलवे की टीम को झारखंड के गेंदबाजों ने खूब छकाया और 37 ओवर में ही पूरी टीम को 96 रनों पर समेट दिया। सोनू कुमार सिंह ने 15 रन देकर 4 विकेट झटके। जबकि शहबाज नदीम और अंकित डबास को 2-2 विकेट मिले।
5 में से 4 जीत के साथ झारखंड अपने ग्रुप-बी में वह पहले पायदान पर बना हुआ है।
8 बल्लेबाज नहीं छू सके दहाई का आंकड़ा
बंगलूरू में लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल (19 रन पर 5 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत पूर्व चैंपियन कर्नाटक ने केरल को विजय हजारे ट्रॉफी ग्रुप-बी मुकाबले में 49 रन पर ढेर कर 9 विकेट से जीत हासिल की।
केरल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और उसकी टीम 22 ओवर में 49 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से कप्तान सचिन बेबी ने सबसे अधिक 12 रन बनाए जबकि एन सुरेंद्रन 11 रन बनाकर आउट हुए।
केरल के 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। कर्नाटक ने 50 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 265 गेंद शेष रहते एक विकेट के नुकसान पर 51 रन बनाए। करुण नायर 24 और लोकेश राहुल 19 रन पर नाबाद लौटे।