धोनी के गुरु देवल सहाय का 73 साल की उम्र में निधन, इन्हीं ने बदली थी माही की जिंदगी
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महेंद्र सिंह धोनी के मार्गदर्शक कहलाए जाने वाले देवल सहाय का 73 साल की उम्र में निधन हो गया। रांची में मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रहे देवल के कई अंग काम करना बंद कर चुके थे। वह पिछले कई माह से बीमार चल रहे थे। रांची क्रिकेट के भीष्म पितामह कहे जाने वाले देवल सहाय टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के मेंटर थे।
देवब्रत था असल नाम
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के कार्मिक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सहाय ने खेल प्रशासन में उल्लेखनीय योगदान दिया। खेल जगत में देवल दा के नाम से विख्यात सहाय मेकॉन, सीएमपीडीआई व सीसीएल में वरीय पदों पर रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्रिकेटरों की सीधी नियुक्ति की, उनकी देखरेख में दर्जनों क्रिकेटरों ने देश व राज्य का प्रतिनिधित्व किया, जिनमे महेंद्र सिंह धोनी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
बायोपिक में भी जिक्र
धोनी की असल जिंदगी पर बनी बॉलीवुड बायोपिक 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' देखने पर पता लगता है कि देवल दा ने किस तरह माही की मदद की। मूलत: इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रहे सहाय को ही रांची में टर्फ पिच लाने का श्रेय जाता है। धोनी के पिता पान सिंह मेकॉन में देवल दा के अंतर्गत ही काम करते थे, जहां से उन्होंने माही की प्रतिभा को निखारने का बीड़ा उठाया और लंबे बालों वाली धोनी की CCL में एंट्री करवाई।
अमेरिका में रहती है बेटी
देवल सहाय अपने पीछे भरा-पूर परिवार छोड़ गए। उनकी पत्नी, एक बेटी, बेटा समेत पूरा झारखंड खेल जगत गमजदा है। अमेरिका में रहने वाली बेटी मीनाक्षी भी इन दिनों रांची में ही थी। पुत्र अभिनव आकाश सहाय की माने तो, 'पिछले तीन माह से बीमार चल रहे देवल दा को अस्पताल से घर लाया गया था, लेकिन फिर तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोबारा भर्ती कराया गया, जहां परेशानी और बढ़ गई। तड़के तीन बजे के आसपास पिता जी ने दुनिया को अलविदा कहा।'