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चैंपियन बेटियों के घर मना जश्न: दादी के आशीर्वाद से अमनजोत ने किया कमाल, हरमन के शहर मोगा में बजे ढोल नगाड़े
Mon, 03 Nov 2025 01:25 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 03 Nov 2025 01:25 PM IST
सार
इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत की बेटियों ने न सिर्फ क्रिकेट इतिहास रचा, बल्कि करोड़ों दिलों को भी जीत लिया। यह उन परिवार वालों की जीत है जिन्होंने अपनी बेटियों को सपने देखने की आजादी दी।
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विश्व विजेता - भारतीय महिला क्रिकेट टीम
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार खिताब जीतने वाली टीम इंडिया की हर खिलाड़ी के घर में अब जश्न का माहौल है। किसी के घर मिठाइयां बंट रहीं हैं तो कहीं ढोल-नगाड़े बज रहे हैं।
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सबसे भावुक नजारा अमनजोत कौर के घर देखने को मिला। इस जीत के पीछे चंडीगढ़ की बेटी अमनजोत कौर की भूमिका निर्णायक रही। फाइनल से पहले अमनजोत ने अपनी दादी भगवंती कौर से फोन पर आशीर्वाद लिया था। और सच में, दादी का आशीर्वाद रंग लाया। जैसे ही भारत ने जीत दर्ज की अमनजोत के घर में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार ने मिठाइयां बांटीं, मोहाली के फेज-5 में स्थित उनके घर के बाहर लोगों का हुजूम लग गया। अमनजोत ने इस जीत में बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया।
Women's World Cup: दादी का आशीर्वाद लाया वर्ल्ड कप... अमनजोत ने पकड़ा वो कैच, जिसने दिलाई भारत को ऐतिहासिक जीत
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वहीं, कप्तान हरमनप्रीत कौर के शहर मोगा में रातभर ढोल-नगाड़े बजे। उनके स्कूल और मोहल्ले में लोगों ने पटाखे फोड़े और लड्डू बांटे। स्थानीय लोगों ने कहा, 'जब बेटी ने 2017 में आंसू बहाए थे, तब हमने कहा था अगली बार ट्रॉफी घर लाएगी और उसने वादा निभाया।' जिस मैदान से हरमनप्रीत ने क्रिकेट की शुरुआत की थी, वहां सोमवार सुबह से ही लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर जीत का जश्न मनाया। मोहल्लों और गलियों में बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। मोगा के खेलप्रेमियों ने कहा कि हरमनप्रीत कौर ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से छोटे शहरों की बेटियां भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
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भारत की इस ऐतिहासिक जीत पर हरियाणा के रोहतक में भी जश्न का महौल है। यहां पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। रोहतक की शेफाली वर्मा के घर पर भी जश्न का माहौल है। शहरवासी उनके घर के बाहर पहुंच गए हैं और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियां मनाई जा रही हैं और मिठाई बांटी जा रही है। शेफाली वर्मा विश्व कप के फाइनल मैच में मैन ऑफ दा प्लेयर रहीं। शेफाली वर्मा ने 78 गेंद में 87 रन बनाए और दो महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किए। शेफाली वर्मा के पिता संजीव वर्मा का कहना कि माता मनसा देवी के आशीर्वाद से बेटी ने ये मुकाम हासिल किया है।
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाकर देश और जिले का नाम रोशन करने वाली मध्य प्रदेश के छतरपुर की क्रांति गौड़ के घर घुवारा गांव में उत्सव जैसा माहौल है। एक छोटे से गांव की बेटी को खेलते देख लोगों में भारी खुशी देखने को मिली। क्रांति गौड़ के घर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामवासी और नगरवासी इकट्ठा होकर मैच का आनंद लिया और मिठाइयां बांटी गईं और घर के बाहर रंगोली और झंडियों से सजावट की गई। भारत की जीत के बाद क्रांति के पिता और परिवारजन गर्व से भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि क्रांति बचपन से ही क्रिकेट के प्रति बेहद जुनूनी थी। अब जब वह भारतीय टीम का हिस्सा बनी है तो यह हमारे परिवार के साथ पूरे छतरपुर जिले के लिए गर्व का दिन है।
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इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत की बेटियों ने न सिर्फ क्रिकेट इतिहास रचा, बल्कि करोड़ों दिलों को भी जीत लिया। यह जीत सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि हर उस मां-बाप और दादी-नानी की भी है जिन्होंने अपनी बेटियों को सपने देखने की आजादी दी।