भारतीय ओपनर प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद टीम मैनेजमेंट ने अचानक शेफाली को सेमीफाइनल में मौका दिया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में वह कुछ खास नहीं सकीं, लेकिन उनके शॉट्स में आत्मविश्वास दिखा। हालांकि, फाइनल में शेफाली ने दिखा दिया कि वो अब भी टीम की ‘एक्स फैक्टर’ खिलाड़ी हैं।
भारत ने वनडे विश्व कप का खिताब जीत लिया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 298 रन बनाए और जवाब में दक्षिण अफ्रीका को 246 रन पर समेट दिया। भारत की इस ऐतिहासिक जीत पर हरियाणा के रोहतक में भी जश्न का महौल है। यहां पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। रोहतक की शेफाली वर्मा के घर पर भी जश्न का माहौल है। शहरवासी उनके घर के बाहर पहुंच गए हैं और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियां मनाई जा रही हैं और मिठाई बांटी जा रही है।
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शेफाली वर्मा विश्व कप के फाइनल मैच में मैन ऑफ दा प्लेयर रहीं। शेफाली वर्मा ने 78 गेंद में 87 रन बनाए और दो महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किए। शेफाली वर्मा के पिता संजीव वर्मा का कहना कि माता मनसा देवी के आशीर्वाद से बेटी ने ये मुकाम हासिल किया है।
रोहतक में शेफाली वर्मा के कोच बबलू नायक ने कहा काफ़ी लंबा संघर्ष रहा। शेफाली और उसके पिता दोनों ने काफ़ी मेहनत की है। यह जीत आगे आने खिलाड़ियो के लिए प्रेरणा साबित होगी। खिलाड़ियो के परिवारों को भी प्रेरणा देगी उन्हें मोटीवेट करेगी की हमारी लड़किया भी क्रिकेट में अच्छा कर सकती हैं। इस जीत ने युवा खिलाड़ियो के लिए द्वार खोल दिए हैं।