सट्टेबाजी: आमने सामने आए अनुराग ठाकुर और श्रीनिवासन
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की अंदरूनी लड़ाई ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया जब सचिव अनुराग ठाकुर ने आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन पर पलटवार करते हुए कहा कि दरअसल उन्हें सट्टेबाजों के संबंध में जानकारियां खुद अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ भी बांटनी चाहिए जिनकी सट्टेबाजी में भूमिका साबित हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले मीडिया में उस रिपोर्ट का जिक्र है जिसमें आईसीसी के सीईओ डेव रिचर्डसन की ओर से बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया को पत्र भेजा गया है जिसमें सचिव अनुराग ठाकुर चंडीगढ़ में हुए समारोह में एक संदिग्ध सट्टेबाज के साथ फोटो में दिखाई दे रहे हैं।
आईसीसी के ठाकुर को संदिग्ध सट्टेबाजों से दूर रहने के परामर्शी पत्र के बाद बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने एक पत्र में श्रीनिवासन को लिखा है कि बीसीसीआई को आईसीसी से आपके दिशा-निर्देशन में यह सूचना मिली है कि मैं एक शख्स से दूर रहूं जो संदिग्ध सट्टेबाज है।
हालांकि इस सूचना को आगे गैर-सत्यापित भी बताया गया है। मैं आपके बोर्ड अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान संयुक्त सचिव था और अब सचिव हूं। आपको गैर सत्यापित संदिग्ध सट्टेबाजों की सूची मुझसे और बाकी सदस्यों से बांटनी चाहिए थी ताकि हम इन लोगों को पहचान सकें और इनसे दूर रहें।
पढ़िए क्या लिखा है अनुराग ठाकुर ने
पत्र में जिस संदिग्ध सट्टेबाज का जिक्र है उसके बारे में अनुराग ठाकुर ने कहा है कि मैं उस शख्स को जानता हूं जो पंजाब और नजदीकी राज्यों में राजनीतिक और क्रिकेट की गतिविधियों में सक्रिय हैं और बाकी उनके संदिग्ध सट्टेबाज के तौर पर गतिविधियों के बारे में मुझे कोई जानकारी या सुराग नहीं है।
ठाकुर ने पत्र में इस बात को जिज्ञासापूर्ण बताया है कि आईसीसी को जिस शख्स ने संदिग्ध सट्टेबाज के बारे में यह सूचना दी है वो आपका दोस्त है और वो ही दिल्ली में मीडिया को बीसीसीआई में आपके आलोचकों के खिलाफ दस्तावेज मुहैया करा रहा है। वो आपके प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहा है। अनुराग ने आरोप लगाया कि गैर सत्यापित सूचना के आधार पर एक शिकायत या परामर्शी पत्र श्रीनिवासन के आदेश से बोर्ड की कार्यकारी समिति की बैठक की पूर्व संध्या पर प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा, "यह मेरे खिलाफ आक्रामक पलटवार है क्योंकि श्रीनिवासन मेरे बीसीसीआई सचिव बनने से खुश नहीं हैं।" अनुराग ने श्रीनिवासन से पत्र में आग्रह किया है कि कम से कम अब तो उन्हें मुझे और बीसीसीआई के सदस्यों से संदिग्ध सट्टेबाजों के बारे में सूचनाएं बांटनी चाहिएं ताकि हम उनसे दूर रह सकें और साथ ही यह जानकारी अपने पारिवारिक सदस्यों से भी बांटनी चाहिए जिनका सट्टेबाजी में शामिल होना साबित हो चुका है।
Mr N Srinivasan may also share this information with his family members, whose involvement in betting has been proved. (@BCCI)
— Anurag Thakur (@ianuragthakur) 27-अप्रैल-2015