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AUS vs NZ FINAL: आंकड़ों में टी-20 विश्व कप का ग्रैंड फाइनल, जानें तेज गेंदबाज या स्पिनर, किसका रहेगा बोलबाला

Sun, 14 Nov 2021 08:37 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sun, 14 Nov 2021 08:37 AM IST
सार

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमों ने सुपर-12 में अच्छे प्रदर्शन के बाद सेमीफाइनल में बड़ी टीमों को हराया है। ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को शिकस्त दी। दोनों ने आखिरी कुछ ओवरों में मैच पलटा और जीत दर्ज की।

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AUS vs NZ FINAL: Statistical preview of Grand final between Australia and New Zealand in T20 World Cup; Know fast bowler or spinner, who will dominate
न्यूजीलैंड vs ऑस्ट्रेलिया फाइनल - फोटो : twitter @ icc

विस्तार

44 मैचों के बाद आईसीसी टी-20 विश्व कप 2021 अपने अंजाम तक पहुंचने वाला है। आज फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना न्यूजीलैंड से होगा। टी-20 को सात साल बाद नया चैंपियन मिलेगा। इससे पहले 2007 में भारत, 2009 में पाकिस्तान, 2010 में इंग्लैंड, 2012 और 2016 में वेस्टइंडीज और 2014 में श्रीलंका चैंपियन बन चुका है।
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ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमों ने सुपर-12 में अच्छे प्रदर्शन के बाद सेमीफाइनल में बड़ी टीमों को हराया है। ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को शिकस्त दी। दोनों ने आखिरी कुछ ओवरों में मैच पलटा और जीत दर्ज की। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं, आकड़ों में इस मैच में क्या-क्या अहम कड़ी हो सकती है...
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AUS vs NZ FINAL: Statistical preview of Grand final between Australia and New Zealand in T20 World Cup; Know fast bowler or spinner, who will dominate
टी-20 विश्व कप - फोटो : अमर उजाला
टॉस जीतना चाहेंगे दोनों कप्तान
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरॉन फिंच और केन विलियमसन अब तक इस विश्व कप में बल्ले से अपनी टीम के लिए कुछ खास नहीं कर पाए हैं। हालांकि, उनके पास रविवार को टॉस जीतकर अपनी-अपनी टीम को फायदा पहुंचाने का मौका होगा। इसके पीछे कारण यह है कि इस विश्व कप में टॉस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जिस कप्तान ने टॉस जीता है, ज्यादातर मैच उसकी टीम ने ही जीते हैं। मैच शाम में होना है, वैसे में ओस ने लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को जमकर फायदा पहुंचाया है। अब तक दुबई में हुए 12 मैचों में 11 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीती है। 

रात में खेले गए नौ में से नौ मुकाबले लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीती है। दुबई में पिछले 17 नाइट मैचों में 16 मैच उन टीमों ने जीता, जिसने लक्ष्य का पीछा किया। इसमें इकलौता अपवाद आईपीएल फाइनल है। जिसमें चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जीत हासिल की थी।

ऑस्ट्रेलिया ने इस विश्व कप में छह में से पांच मैच जीते हैं। यह पांचों मैच कंगारू ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जीता। कप्तान फिंच इंग्लैंड के खिलाफ टॉस हारे थे और पहले बल्लेबाजी करते हुए मैच भी हार गए थे। 

वहीं, न्यूजीलैंड की टीम ने इस विश्व कप में छह में से दो बार पहले बल्लेबाजी की है। हालांकि, यह दोनों मैच दिन वाले मैच थे। टूर्नामेंट में कीवी टीम ने सिर्फ एक मैच गंवाया है। पाकिस्तान के खिलाफ यह मैच रात में खेला गया था और न्यूजीलैंड ने इसमें पहले बल्लेबाजी की थी। ऐसे में दोनों कप्तान चाहेंगे कि फाइनल में सिक्का उनके पक्ष में फैसला सुनाए। लक्ष्य का पीछा करना आसान है और दोनों टीमें इसका फायदा उठाना चाहेंगी। 

AUS vs NZ FINAL: Statistical preview of Grand final between Australia and New Zealand in T20 World Cup; Know fast bowler or spinner, who will dominate
टी-20 विश्व कप - फोटो : अमर उजाला
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी vs न्यूजीलैंड की गेंदबाजी
ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट में गेंदबाजों को तवज्जो देने की बजाय बल्लेबाजों पर ध्यान दिया है। इस वजह से उन्होंने एक गेंदबाजी ऑलराउंडर की जगह बैटिंग ऑलराउंडर को मौका दिया है। उन्होंने एश्टन एगर की जगह मिचेल मार्श को खिलाया। कंगारू टीम को एकमात्र हार तब मिली थी, जब उन्होंने एगर को इंग्लैंड के खिलाफ मौका दिया था। 

वहीं, न्यूजीलैंड की बात करें तो उसने टीम में गेंदबाजों को ज्यादा तरजीह दी है। टीम ने पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को मौका दिया। इसमें से सिर्फ मिचेल सैंटनर को ही ऑलराउंडर की श्रेणी में डाला जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया को हार तभी मिली, जब उन्होंने एक गेंदबाज की जगह एक एक्स्ट्रा बल्लेबाज खिलाया। यानी पाकिस्तान के खिलाफ मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान विलियमसन ने एडम मिल्ने की जगह टिम सीफर्ट को खिलाया था और कीवी टीम हार गई थी।
 
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AUS vs NZ FINAL: Statistical preview of Grand final between Australia and New Zealand in T20 World Cup; Know fast bowler or spinner, who will dominate
टी-20 विश्व कप - फोटो : अमर उजाला
विश्व कप में पावरप्ले का अहम किरदार
आंकड़ों पर ध्यान दिया जाए तो इस विश्व कप में पावरप्ले जीतने वाली टीमों ने मैच जीता है। सुपर-12 के बाद हुए 32 मैचों में से सिर्फ दो बार ऐसा हुआ कि पावरप्ले में बहुत अच्छा करने वाली टीम मैच हारी हो। दुबई में रात में हुए मुकाबलों में तेज गेंदबाजों को पहली पारी में पिच से काफी मदद मिली है। वहीं, दूसरी पारी में पहली पारी की तुलना में गेंद बल्ले पर अच्छे से पहुंच रही है। 

ऑस्ट्रेलिया पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर है। उसने छह मैचों में पहले छह ओवर में कुल 11 विकेट निकाले हैं। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम पावरप्ले में रन देने के मामले में दूसरी सबसे अच्छी टीम रही है।

उसने पावरप्ले में 5.89 की इकोनॉमी से रन दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया पावरप्ले में रन बनाने के मामले में भी शानदार रहा है। उसने छह में से चार मुकाबलों में पावरप्ले में 50 से ज्यादा रन बनाए हैं। एरॉन फिंच का टिम साउदी और ट्रेंट बोल्ट दोनों के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार रहा है। 

AUS vs NZ FINAL: Statistical preview of Grand final between Australia and New Zealand in T20 World Cup; Know fast bowler or spinner, who will dominate
टी-20 विश्व कप - फोटो : अमर उजाला
मिडल ओवर्स और स्पिन के बीच देखने को मिलेगी जंग
यह देखने वाली बात होगी कि एशिया के बाहर की दो टीमों के बीच स्पिनर्स क्या रोल अदा करते हैं। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दोनों टीमों ने सुपर-12 और सेमीफाइनल में विपक्षी टीमों के स्पिनर्स को बेहतर तरीके से हैंडल किया है। दुबई में स्पिनर्स को मदद मिलती है।

ऐसे में दोनों ही टीमों के बल्लेबाजों को संभल कर रन बनाने होंगे। ऑस्ट्रेलिया के पास एडम जाम्पा और ग्लेन मैक्सवेल के रूप में दो स्पिनर्स हैं। वहीं, न्यूजीलैंड के पास ईश सोढ़ी और मिचेल सैंटनर हैं। ग्लेन फिलिप्स भी पार्ट टाइम स्पिन गेंदबाजी कर लेते हैं।

इस विश्व कप में ऑस्ट्रेलियाई टीम स्पिन के खिलाफ थोड़ी परेशानी में दिखी है। डेविड वार्नर को छोड़कर बाकी छह बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ 100 के स्ट्राइक रेट से भी रन नहीं बना पाए हैं। ऐसे में उन्हें सोढ़ी और सैंटनर परेशानी में डाल सकते हैं। सोढ़ी और सैंटनर दोनों का दाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार रहा है।

पिछले दो मैचों में सैंटनर ने मिडिल ओवर्स में सिर्फ तीन ओवर फेंके हैं, क्योंकि विपक्षी टीमों के पास काउंटर के लिए बाएं हाथ का बल्लेबाज मौजूद था। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम वार्नर का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकती है।
 



ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर-12 राउंड से एडम जाम्पा मिडिल ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। वह न्यूजीलैंड के मध्यक्रम पर भी दबाव डालने में कामयाब हो सकते हैं। डेवोन कॉन्वे की गैरमौजूदगी कीवी टीम के लिए भारी पड़ी सकती है। यह देखने वाली बात होगी कि कॉन्वे को कौन रिप्लेस करता है।

उनकी जगह एक और बाएं हाथ के बल्लेबाज मार्क चैपमैन स्क्वॉड में है, लेकिन क्या कीवी टीम पहली बार विश्व कप में उन्हें उतारने का जोखिम उठाएगी? या टीम अनुभवी बल्लेबाज टिम सीफर्ट के साथ जाएगी, यह देखने वाली बात होगी। 

विलियमसन कीवी टीम में स्पिन को खेलने वाले सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं, लेकिन विश्व कप में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है। स्पिन के खिलाफ इस टूर्नामेंट में उन्होंने 81.42 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। जाम्पा और मैक्सवेल के खिलाफ भी उनका रिकॉर्ड खराब रहा है।

जाम्पा के खिलाफ टी-20 में विलियमसन ने 38 गेंदें खेली हैं। इसमें उन्होंने 37 रन बनाए हैं और दो बार आउट हुए हैं। वहीं, मैक्सवेल के खिलाफ 10 गेंदें खेली हैं। इसमें विलियमसन ने छह रन बनाए हैं और दो बार आउट हुए हैं।

AUS vs NZ FINAL: Statistical preview of Grand final between Australia and New Zealand in T20 World Cup; Know fast bowler or spinner, who will dominate
टी-20 विश्व कप - फोटो : अमर उजाला
फाइनल में ओस की भूमिका महत्वपूर्ण
दोनों सेमीफाइनल मुकाबले में नतीजे डेथ ओवर यानी आखिरी कुछ ओवर्स में आए। न्यूजीलैंड को इंग्लैंड के खिलाफ पांच ओवर में 60 रन और ऑस्ट्रेलिया को आखिरी पांच ओवर में 62 रन की जरूरत थी। दोनों ही टीमों ने एक ओवर रहते इतने रन बना लिए और मैच जीत लिया।

यूएई में शारजाह, अबू धाबी और दुबई की तुलना करें, तो दुबई में ओस की भूमिका सबसे ज्यादा रही है। दूसरी पारी में इससे बल्लेबाजी काफी आसान हो जाती है। रात में हुए मुकाबलों में दूसरी पारी में तेज गेंदबाजी पर काफी रन बनते हैं। उन्होंने 16 से 20 ओवर के बीच 12.83 की इकोनॉमी से रन लुटाए हैं। वहीं, पहली पारी में ये इकोनॉमी 9.44 का रहता है।

ऑस्ट्रेलिया ने अब तक रात के मैच में दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं की है। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम ने सिर्फ एक बार दुबई में दूसरी पारी में गेंदबाजी की है। पाकिस्तान के खिलाफ कीवी गेंदबाजों ने 3.4 ओवर में 44 रन लुटाए थे। इसके अलावा एक और फैक्टर अहम रोल अदा कर सकता है और वह है तेज गेंदबाजों की लाइन-लेंथ। सेमीफाइनल मैचों में दिखा है कि पिच के मुताबिक गेंदबाजी करना ज्यादा फायदेमंद रहा है, बगैर यॉर्कर डालने के। यॉर्कर गलत जगह पड़ने पर सामने वाली टीमों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है।

शाहीन अफरीदी की गेंदों को मैथ्यू वेड ने स्कूप कर छक्का घुमाया था। ओस के कारण कभी कभी गेंद हाथ से छूटकर यॉर्कर की जगह फुल टॉस चली जाती है। कुछ मिलाकर दोनों ही टीमों के बीच जंग दिलचस्प होने वाली है। दुनिया एक नए चैंपियन का स्वागत करने के लिए तैयार है।
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