{"_id":"63999d13daa2e51a9f0c1e67","slug":"arjun-tendulkar-on-path-of-father-sachin-tendul-scored-century-on-ranji-trophy-debut-for-goa","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Arjun Tendulkar: पिता की राह पर अर्जुन तेंदुलकर, रणजी डेब्यू पर जड़ा शतक, सचिन ने 1988 में किया था यह कमाल","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Arjun Tendulkar: पिता की राह पर अर्जुन तेंदुलकर, रणजी डेब्यू पर जड़ा शतक, सचिन ने 1988 में किया था यह कमाल
Wed, 14 Dec 2022 09:32 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पोर्वोरिम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पोर्वोरिम
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 14 Dec 2022 09:32 PM IST
सार
सचिन ने 1988 में अपने रणजी डेब्यू पर शतक जड़ा था। अब 34 साल बाद अर्जुन ने भी यह कमाल किया है। 23 साल के अर्जुन तेंदुलकर ने इसी साल मुंबई को छोड़कर गोवा से खेलने का फैसला लिया था।
विज्ञापन
अर्जुन तेंदुलकर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने रणजी डेब्यू पर गोवा की ओर से शतक जड़ा है। अर्जुन सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे और 120 रन बनाकर आउट हुए। अर्जुन ने पिता जैसा कमाल किया है। सचिन ने 1988 में अपने रणजी डेब्यू पर शतक जड़ा था। अब 34 साल बाद अर्जुन ने भी यह कमाल किया है। 23 साल के अर्जुन तेंदुलकर ने इसी साल मुंबई को छोड़कर गोवा से खेलने का फैसला लिया था, क्योंकि उन्हें मुंबई से रणजी खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था। अब गोवा की टीम से रणजी डेब्यू करते ही अर्जुन ने कमाल कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोवा और राजस्थान के बीच मैच में राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। गोवा ने सुमिरन अमोनकर का विकेट जल्द ही गंवा दिया। उन्हें कमलेश नागरकोटी ने आउट किया। दूसरे ओपनर अमोघ सुनील देसाई अपनी 27 रन की पारी में अच्छे दिखे, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बना पाए। उन्हें अराफात खान ने आउट किया। 59 रन पर दो विकेट गिर जाने के बाद सुयश प्रभुदेसाई और स्नेहल सुहास कौतनकर ने मोर्चा संभाला।
सुयश के साथ मिलकर अर्जुन की शानदार बल्लेबाजी
सुयश और स्नेहल ने तीसरे विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी की। स्नेहल 104 गेंद पर 59 रन बनाकर आउट हुए। सिद्धेश लाड 48 गेंद पर 17 और विकेटकीपर एकनाथ केरकर 15 गेंद पर तीन रन बनाकर पवेलियन लौटे। सुयश प्रभुदेसाई 209 गेंद पर 81 और अर्जुन तेंदुलकर 13 गेंद पर चार रन बनाकर नाबाद रहे थे। आज संभलकर बल्लेबाजी करते हुए दोनों ने शतक जड़ा। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक गोवा ने आठ विकेट गंवाकर 493 रन बना लिए हैं। अर्जुन 207 गेंदों में 16 चौके और दो छक्के की मदद से 120 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने छठे विकेट के लिए सुयश के साथ 221 रन की साझेदारी निभाई। सुयश ने दोहरा शतक लगाया और 416 गेंदों में 29 चौके की मदद से 212 रन की पारी खेली।
मुंबई इंडियंस का हिस्सा हैं अर्जुन तेंदुलकर
अर्जुन आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम का हिस्सा हैं। वह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज भी हैं। ऐसे में उनके इस प्रदर्शन के बाद मुंबई की टीम उन्हें मौका दे सकती है। अर्जुन आईपीएल में भी डेब्यू नहीं कर सके हैं। उन्होंने अब तक नौ टी20 मैचों में 12 विकेट लिए हैं। उनका 10 रन देकर 4 विकेट बेस्ट प्रदर्शन रहा है। जबकि लिस्ट ए क्रिकेट में 7 मैचों में 8 विकेट ले चुके हैं। 32 रन देकर 2 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन है।
सुयश आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम का हिस्सा हैं
सुयश आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम का हिस्सा हैं
सचिन ने 1988 में किया था कमला
सचिन ने भी दिसंबर, 1988 में मुंबई की ओर से 15 साल की उम्र में गुजरात के खिलाफ रणजी डेब्यू किया था। तब सचिन ने 100 रन की नाबाद पारी खेली थी। इसके साथ ही सचिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे कम उम्र में शतक जमाने वाले भारतीय बल्लेबाज बने थे। सचिन ने बाद में दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी में भी डेब्यू मैच में शतक जमाया था। अर्जुन द्वारा किया गया यह कमाल इसलिए भी आसान नहीं था क्योंकि राजस्थान की टीम दो बार की रणजी चैंपियन है। टीम में अनिकेत चौधरी, कमलेश नागरकोटी और महिपाल लोमरोर जैसे स्टार गेंदबाज हैं।
सचिन ने भी दिसंबर, 1988 में मुंबई की ओर से 15 साल की उम्र में गुजरात के खिलाफ रणजी डेब्यू किया था। तब सचिन ने 100 रन की नाबाद पारी खेली थी। इसके साथ ही सचिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे कम उम्र में शतक जमाने वाले भारतीय बल्लेबाज बने थे। सचिन ने बाद में दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी में भी डेब्यू मैच में शतक जमाया था। अर्जुन द्वारा किया गया यह कमाल इसलिए भी आसान नहीं था क्योंकि राजस्थान की टीम दो बार की रणजी चैंपियन है। टीम में अनिकेत चौधरी, कमलेश नागरकोटी और महिपाल लोमरोर जैसे स्टार गेंदबाज हैं।