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भारतीय क्रिकेट के सबसे 'अनलकी' क्रिकेटर ने लिया संन्यास

Fri, 26 Sep 2014 03:43 PM IST
Updated Fri, 26 Sep 2014 03:43 PM IST
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Amol Muzumdar retires form first class cricket.
रणजी क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज ने अंततः अपने किकेट करियर को विराम दे दिया है।
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डेढ़ महीने बाद यानी 11 नवंबर को 40 साल के होने वाले अमोल मजूमदार ने भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से खेलने की मन में अधूरी हसरत लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

अपने 21 साल के क्रिकेट करियर में मजूमदार 15 साल मुंबई के लिए खेले। इसके बाद वह 2009 में असम चले गए और वहां से वह आंध्र टीम के लिए खेलने लगे। लेकिन उनके शानदार करियर का दुर्भाग्य यह था कि उन्हें भारतीय टीम के साथ एक बार भी खेलने का मौका नहीं मिला।
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मजूमदार 1994 में भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम के उपकप्तान रहे, साथ ही वह भारत-ए के लिए राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के साथ खेले थे।

रणजी में बनाए 11 हजार से ज्यादा रन

Amol Muzumdar retires form first class cricket.
बल्‍लेबाज अमोल मजूमदार रणजी क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्‍लेबाज रहे हैं। उन्होंने 171 प्रथम श्रेणी मैचों में 30 शतकों के साथ 11,167 रन बनाए हैं।

उनके संन्यास पर बीसीसीआई के सचिव संजय पटेल ने कहा, "मजूमदार देश के सबसे बेहतरीन बल्‍लेबाजों में से एक हैं।"

भारतीय क्रिकेट के सबसे 'अनलकी' क्रिकेटर कहे जाने वाले मजूमदार जिन्हें एक बार भी भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन व‌ह 2006-07 में मुंबई रणजी टीम की कप्तानी कर चुके हैं।

वह भले ही राष्ट्रीय टीम से नहीं खेल पाए हों लेकिन वह एक अंतरराष्ट्रीय टीम के बल्‍लेबाजी कोच के रूप में काम कर चुके हैं। वह नीदरलैंड्स क्रिकेट टीम के बल्‍लेबाजी कोच रहे हैं।

अपने पहले ही मैच लगाया था दोहरा शतक

Amol Muzumdar retires form first class cricket.
अमोल मजूमदार ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत 1993-94 में रणजी के प्री-क्वार्टर फाइनल में हरियाणा के खिलाफ बेहद धमाकेदार अंदाज में की। उन्होंने इस मैच में 260 रनों की दोहरी शतकीय पारी खेली। इसके बाद वह लगातार मुंबई के लिए रन बनाते रहे।

वह 2009 में रणजी क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्‍लेबाज बने लेकिन 2012 में वसीम जाफर ने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

मजूमदार ने लिस्ट-ए मुकाबले में 113 मैच खेले जिसमें 3 शतक और 26 अर्धशतक के साथ 3286 रन बनाए।
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मजूमदार की तरक्की में बाधक बने ‌तेंदुलकर!

Amol Muzumdar retires form first class cricket.
दाएं हाथ के बल्‍लेबाज अमोल मजूमदार सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली के बचपन के दोस्त रहे हैं। तीनों ने क्रिकेट करियर लगभग एक समय ही शुरू किया और तीनों के कोच भी एक ही थे रमाकांत आचरेकर।

साथ ही मजूमदार ही वही बल्‍लेबाज हैं जो शारदा आश्रम स्कूल में एक मैच के दौरान सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली के बीच 664 रनों की वर्ल्ड रिकॉर्डधारी पारी के दौरान ड्रेसिंग रूम में पैड पहनकर बैठे रहे।

तेंदुलकर और कांबली की पारी के दौरान उस दिन उन्हें स्टेडियम में पैड पहनकर बैठने को मजबूर होना पड़ा। बाद में तेंदुलकर समेत कई धुरंधर बल्‍लेबाजों की मौजूदगी ने मजूमदार के लिए टीम इंडिया का दरवाजा खुलने का मौका नहीं दिया।

वह मुंबई के 7 बार रणजी ट्रॉफी जीतने वाली टीम के सदस्य रहे। मध्य क्रम के इस बल्‍लेबाज को टीम इंडिया में कभी भी मौका इसलिए नहीं मिला क्योंकि उनके करियर के दौरान सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण भारतीय टीम के स्‍थापित बल्‍लेबाज थे।
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