पाकिस्तान के हवाई हमले में तीन अफगान क्रिकेटरों की मौत: अफगानिस्तान ने त्रिकोणीय सीरीज छोड़ी; राशिद-नबी भड़के
Afghanistan Cancel Pakistan Tour : अफगानिस्तान का यह फैसला खेल से ऊपर उठकर एक राष्ट्रीय गरिमा और संवेदना का प्रतीक बन गया है। राशिद खान, नबी और फारूकी जैसे खिलाड़ियों की आवाज से स्पष्ट है कि अफगानिस्तान अब केवल मैदान पर नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ भी मजबूती से खड़ा है।
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अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, 'अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पक्तिका प्रांत के उरगुन जिले के उन बहादुर क्रिकेटरों की शहादत पर गहरा शोक प्रकट करता है, जिन्हें पाकिस्तानी शासन द्वारा किए गए एक कायराना हमले में निशाना बनाया गया।' एसीबी के मुताबिक, मारे गए तीनों खिलाड़ी कबीर, सिबघतुल्लाह और हारून, शराना में एक फ्रेंडली मैच खेलने के बाद अपने घर लौट रहे थे, जब यह हमला हुआ। एसीबी ने कहा, 'इस दर्दनाक घटना में उरगुन जिले के तीन क्रिकेटरों समेत आठ लोगों की मौत हुई और सात घायल हुए। ये खिलाड़ी स्थानीय क्रिकेट मैच खेलकर लौट रहे थे, जब उन पर हमला हुआ।'
अफगानिस्तान ने यह भी पुष्टि की कि वह नवंबर 2025 में पाकिस्तान में होने वाली त्रिकोणीय टी20 सीरीज में हिस्सा नहीं लेगा। इस सीरीज में पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल थे। एसीबी ने कहा, 'पीड़ितों के प्रति सम्मान और संवेदना के प्रतीक के रूप में, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आगामी त्रिकोणीय सीरीज से हटने का फैसला किया है।' बोर्ड ने इस घटना को अफगान खेल जगत और क्रिकेट परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
Statement of Condolence
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) October 17, 2025
The Afghanistan Cricket Board expresses its deepest sorrow and grief over the tragic martyrdom of the brave cricketers from Urgun District in Paktika Province, who were targeted this evening in a cowardly attack carried out by the Pakistani regime.
In… pic.twitter.com/YkenImtuVR
उधर, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस घटना से पहले ही ICC को पत्र लिखकर कहा था कि अगर अफगानिस्तान टीम सीरीज से हटती है तो वैकल्पिक योजना तैयार रखी जाए। अब जब अफगानिस्तान ने आधिकारिक तौर पर नाम वापस ले लिया है, तो देखना यह होगा कि आईसीसी और पीसीबी कौन-सी टीम को इस त्रिकोणीय टूर्नामेंट में शामिल करते हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कुछ हफ्तों से सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ था। हाल ही में दोनों देशों ने दो दिन का युद्धविराम किया था, लेकिन पाकिस्तान के इस नए हमले ने शांति समझौते को तोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला उस समय हुआ जब तालिबान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था।
अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे मानवता के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे हाल ही में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों में निर्दोष नागरिकों की मौत की खबर से गहरा दुख हुआ है। इस त्रासदी में महिलाओं, बच्चों और उन युवा क्रिकेटरों ने अपनी जान गंवाई जो एक दिन देश का नाम रोशन करना चाहते थे।' उन्होंने कहा, 'यह हमला अमानवीय और क्रूर है। नागरिकों को निशाना बनाना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। मैं एसीबी के सीरीज से हटने के फैसले का समर्थन करता हूं। हमारे लोगों की गरिमा किसी भी टूर्नामेंट से बड़ी है।'
पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने कहा, 'युवा क्रिकेटरों की शहादत की खबर सुनकर मेरा दिल टूट गया है। यह केवल पक्तिका प्रांत नहीं बल्कि पूरे अफगान क्रिकेट परिवार के लिए त्रासदी है।' तेज गेंदबाज फजलहक फारूकी ने लिखा, 'निर्दोष नागरिकों और खिलाड़ियों की हत्या एक घृणित और अक्षम्य अपराध है। अल्लाह शहीदों को जन्नत में ऊँचा दर्जा दे और अपराधियों को सजा दे। यह सम्मान नहीं, बल्कि शर्म की बात है।'
नवंबर 17 से 29 तक रावलपिंडी और लाहौर में होने वाली इस त्रिकोणीय सीरीज में अब अफगानिस्तान की जगह कौन लेगा, इस पर आईसीसी और पीसीबी जल्द निर्णय लेंगे। फिलहाल, यह घटना सिर्फ खेल जगत के लिए नहीं बल्कि दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के लिए भी गहरी चोट साबित हुई है।