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नीलामी: 1983 वर्ल्डकप की ट्रॉफी हुई नीलाम, एहसान मोरवेज नाम के व्यक्ति ने महंगी कीमत देकर खरीदा
Fri, 08 Oct 2021 10:27 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 08 Oct 2021 10:27 PM IST
सार
यह ट्रॉफी एनएफटी प्लेटफॉर्म पर बेची गई है। यहां पर ऐतिहासिक चीजों को डिजिटल फॉर्म में बदला जाता है, जिसे कॉपी नहीं किया जा सकता। इस नीलामी में पहले घंटे में 1.38 करोड़ की कमाई हुई है।
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1983 वर्ल्डकप की ट्रॉफी कई मायनों में भारतीयों के लिए खास है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
1983 वर्ल्डकप की ट्रॉफी की रेप्लिका को नीलाम कर दिया गया है। एहमान मोरवेज नाम के व्यक्ति ने करीबन 80 लाख रुपये देकर इसे खरीदा है। छह अक्तूबर को दुनिया के पहले ऑगमेंटेड रियलिटी क्रिकेट एनएफटी प्लेटफॉर्म- क्रिकफ्लिक्स के पहले दिन ही यह ट्रॉफी बेची गई है। इसके साथ ही 1983 वर्ल्ड कप विजेता में टीम इंडिया के खिलाड़ियों की साइन की हुई टी-शर्ट और मुथैया मुरलीधरन के आखिरी टेस्ट मैच की बॉल भी नीलाम हुई है। नीलामी के पहले दिन सिर्फ एक घंटे में 1.38 करोड़ रुपये की चीजें बेची गई।
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क्या है ट्रॉफी की खासियत
इस ट्रॉफी की खास बात यह है कि इसमें हीरों के साथ-साथ कई बहुमूल्य रत्न लगाए गए थे और इस ट्रॉफी को चांदी से बनाया गया था। 1983 में भारत ने वेस्टइंडीज की टीम को 43 रन से हराकर पहली बार वर्ल्डकप जीता था। इस लिहाज से भी यह ट्रॉफी भारतीयों के लिए खास थी। लॉर्ड्स में खेले गए इस मैच में भारतीय ऑलराउंडर लाला अमरनाथ प्लेयर ऑफ द मैच बने थे।
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नीलाम हुई कई अहम चीजें
इस नीलामी में मुथैया मुरलीधरन के आखिरी टेस्ट मैच की गेंद को दाहम आरागाला ने करीब 30 लाख रुपये में खरीदा। वहीं 1983 में वर्ल्डकप जीतने वाले खिलाड़ियों की साइन की हुई जर्सी 3.75 लाख में बिकी। क्रिकफ्लिक्स में ये सभी चीजें बेची गई हैं। यह एक ऐसा प्लेफॉर्म है जहां ऐतिहासिक चीजों या कलाकृतियों को डिजिटर फॉर्म में बदला जाता है। इन चीजों को इस तरीके से बनाया जाता है कि देखने बिल्कुल असली लगते हैं। इसके बाद इन चीजों की नीलामी होती है। इन्हें कॉपी नहीं किया जा सकता है।