भारतीय खेल प्रेमी सोच रहे होंगे कि क्रिस गेल को आउट कर लो तो मैच अपनी जेब में है जबकि वेस्टइंडीज टीम की निगाहें भी कोहली की तरफ होंगी। कोहली को आउट कर लिया तो धोनी को छोडकर बाकी बल्लेबाजों ने पिछले कुछ मैचों में कोई अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। लेकिन इन दो टॉप बल्लेबाजों में बेहतर कौन है? साथ ही ये तुलना कितनी सही है क्योंकि उम्र में नौ साल छोटे कोहली जहां अपने करियर के चरम पर हैं, वहीं गेल का करियर आगे कितना लंबा खिंचेगा, इस पर सवाल हैं।
भारत के पास क्रिस गेल को आउट करने के 10 तरीके
वर्ष 2012 में गेल टेस्ट मैच की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने आईपीएल में 30 गेंदों में शतक जड़ा और कुल 175 रन बनाए जो किसी भी टी-20 मैच का सर्वाधिक निजी स्कोर है। उधर कोहली ने जिस तरह पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बैटिंग करते हुए जीत दिलाई है, उन्हें वर्ल्ड का सबसे अच्छा फिनिशर कहा जा रहा है जो मुश्किल पलों में धैर्य नहीं खोता और टीम को जीत दिलाकर ही मैदान छोड़ता है। विनीत खरे ने दो वरिष्ठ क्रिकेट पत्रकारों अयाज मेमन और नीरू भाटिया से बात की और उनसे इन दोनों खिलाड़ियां की तुलना करने को कहा। साथ ही सवाल ये भी किया कि क्रिस गेल को कैसे आउट किया जाए?
भारत के पास क्रिस गेल को आउट करने के 10 तरीके
2013 में क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने क्रिकइन्फ़ो साइट पर लिखा था कि गेंदबाजों के लिए जरूरी है कि शुरुआत में क्रिस गेल को ऑफ स्टंप पर फुल लेंग्थ की बाहर जाती गेंदें फेंकी जाएं ताकि गेल को ड्राइव करने के लिए उकसाया जा सके। गेल कई बार ड्राइव करते हुए आउट हुए हैं। पिछले कुछ वक्त से गेल ने लंबी पारी खेलने के इरादे से शुरुआती गेंदों को छोड़ना शुरू किया है लेकिन उन्हें आउट करने की ये महत्वपूर्ण तकनीक है।
भारत के पास क्रिस गेल को आउट करने के 10 तरीके
आकाश ने लिखा कि गेंदबाजों ने गेल को शरीर पर तेज गेंदे फेंकनी शुरू की हैं ताकि उन्हें शॉट मारने की जगह न मिले और वो कुछ नया करने की कोशिश करें। इससे उनके जल्दी आउट होने की संभावना बढ़ जाती हैं। भारतीय गेंदबाजों को भी कुछ ऐसा ही करना होगा। क्रिकेट पत्रकार नीरू भाटिया के मुताबिक विराट कोहली की कमजोरी ऑफ स्टंप पर जाने वाली गेंदे रही हैं और पिछला इंग्लैंड दौरा इसी कारण खराब रहा था। वेस्टइंडीज की नजर कोहली की इस कमजोरी पर होगी।
भारत के पास क्रिस गेल को आउट करने के 10 तरीके
नीरू भाटिया कहती हैं, “कोहली इस खामी को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में वॉटसन ने ऑफ स्टंप पर रिझाने की बहुत कोशिश की लेकिन कोहली बहुत समझदारी से खेले। इंग्लैंड की तेज पिच पर आने वाला दौरा उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा।”