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विज्ञान: क्या जीवाश्म के डीएनए से डायनासोर को पैदा करना होगा संभव, वैज्ञानिक वास्तव में ऐसा कर सकते हैं?

Sun, 02 Jun 2024 06:01 AM IST
निर्मल कांत विलियम औसिच, ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में जीवाश्म विज्ञान के एमेरिटस प्रोफेसर
विलियम औसिच, ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में जीवाश्म विज्ञान के एमेरिटस प्रोफेसर Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 02 Jun 2024 06:01 AM IST
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सार
डीएनए डायनासोर सहित इस पृथ्वी पर रहने वाले हरेक जीव की कोशिकाओं में रहता है। हर किसी का डीएनए दूसरे से अलग होता है, जो उसकी कई विशेषताओं को निर्धारित करता है। जीवों के नरम हिस्सों, जैसे अंगों, रक्त वाहिकाओं, तंत्रिकाओं, मांसपेशियों एवं वसा में डीएनए को ढूंढना आसान है। लेकिन डायनासोर के नरम हिस्से बहुत पहले खत्म हो गए।
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Would it be possible to recreate dinosaurs from fossil DNA, could scientists really do it?
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

डायनासोर के जीवाश्म के डीएनए से उन्हें फिर से पैदा करना संभव है? जीवाश्म वैज्ञानिक होने के नाते मुझसे हमेशा यह सवाल पूछा जाता है। आखिरकार जुरासिक पार्क (बाद में जुरासिक वर्ल्ड) के वैज्ञानिकों ने दर्जनों डायनासोर का फिर से निर्माण करने के लिए डीएनए का इस्तेमाल तो किया ही था। उन फिल्मों में से किसी भी फिल्म को अगर आप देखते हैं, तो यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में वैज्ञानिक आज ऐसा कर सकते हैं?



डीएनए डायनासोर सहित इस पृथ्वी पर रहने वाले हरेक जीव की कोशिकाओं में रहता है। हर किसी का डीएनए दूसरे से अलग होता है, जो उसकी कई विशेषताओं को निर्धारित करता है। ध्यान रहे, जीवों के नरम हिस्सों, जैसे अंगों, रक्त वाहिकाओं, तंत्रिकाओं, मांसपेशियों एवं वसा में डीएनए को ढूंढना आसान है। लेकिन डायनासोर के नरम हिस्से बहुत पहले खत्म हो गए। वे या तो विघटित हो गए या दूसरे डायनासोर द्वारा खा लिए गए। डायनासोर के जीवाश्म उन प्रागैतिहासिक जानवरों के अवशेष हैं। ये जीवाश्म डायनासोर के कथित कठोर हिस्सों-हड्डियों, दांत एवं खोपड़ी से प्राप्त हुए हैं। पर्याप्त जीवाश्म से वैज्ञानिक डायनासोर का कंकाल तैयार कर सकते हैं, जिन्हें आप संग्रहालय में देख सकते हैं। लेकिन डायनासोर के जीवाश्म से जब वैज्ञानिक डीएनए प्राप्त करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें समस्या होती है। डीएनए के अणु अंततः नष्ट हो जाते हैं।


हाल के अध्ययनों में पाया गया कि सत्तर लाख वर्ष के बाद डीएनए खराब होकर अंततः विघटित हो जाते हैं। आखिरी डायनासोर क्रेटेशियस काल के अंत में मरा था। यह 6.5 करोड़ साल से भी ज्यादा पुरानी बात है। यानी आज अगर जीवाश्म से डायनासोर का डीएनए प्राप्त करने की कोशिश की जाए, तो वह बेकार होगा, क्योंकि वह काफी पहले नष्ट हो चुका होगा। यानी आज सर्वोत्तम तकनीक का उपयोग करके भी डीएनए से डायनासोर बनाना संभव नहीं है।

डायनासोर का डीएनए खोजने में काफी देर हो चुकी है, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने ऐसा कुछ प्राप्त किया है, जो उतना ही दिलचस्प है। उन्होंने निएंडरथल और अन्य प्राचीन स्तनधारियों, जैसे कि वूली मैमथ (मध्य प्लेइस्टोसिन युग के दौरान साइबेरिया में पाए जाने वाले रोएंदार हाथी) के जीवाश्मों में डीएनए के टुकड़े खोजे। कल्पना कीजिए कि भविष्य में कभी यदि शोधकर्ता किसी तरह डायनासोर के डीएनए के टुकड़े लेकर आ भी गए, तो क्या होगा? केवल डीएनए के टुकड़ों से वैज्ञानिक डायनासोर नहीं बना सकते हैं। उन्हें जीवित जीव का निर्माण करने के लिए उन टुकड़ों को आधुनिक पशु के डीएनए के साथ संयोजित करना होगा। (कन्वर्सेशन से )

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