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टी-20 वर्ल्ड कप: युवा गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने भी निभाई गेम चेंजर की भूमिका
सार
टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को जब 12 गेंदों पर मात्र 20 रनों की जरूरत थी तो कप्तान रोहित शर्मा ने गेंद अर्शदीप सिंह के हाथों में थमाई। उस समय डेविड मिलर भी एक छोर पर खड़े थे, लेकिन अर्शदीप सिंह की पैनी गेंदों ने दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और डेविड मिलर को कोई मौका नहीं दिया।
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अर्शदीप सिंह।
- फोटो : BCCI
विस्तार
टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने में भारत के गेंदबाजों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह तो मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने। हर ओर उनके नाम की चर्चा है। बुमराह का डंका बज रहा है, लेकिन बुमराह की चकाचौंध में उनके साथी गेंदबाज अर्शदीप सिंह का योगदान कहीं खो सा गया है।
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अर्शदीप सिंह टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए गेंदबाजी की शुरुआत कर रहे थे। वर्ल्ड कप में उन्होंने सर्वाधिक 17 विकेट भी लिए। हालांकि, जसप्रीत बुमराह के मुकाबले वो थोड़े महंगे साबित हुए, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कांटे के मुकाबले में अर्शदीप सिंह ने गेम चेंजर की भूमिका निभाई है। पूर्व फौजी के बेटे अर्शदीप सिंह के आगे एक लंबी पारी है।
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19वें ओवर में अर्शदीप का कमाल
टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को जब 12 गेंदों पर मात्र 20 रनों की जरूरत थी तो कप्तान रोहित शर्मा ने गेंद अर्शदीप सिंह के हाथों में थमाई। उस समय डेविड मिलर भी एक छोर पर खड़े थे, लेकिन अर्शदीप सिंह की पैनी गेंदों ने दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और डेविड मिलर को कोई मौका नहीं दिया। 19वें ओवर में मात्र चार रन दक्षिण अफ्रीका बना सका।
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यदि अर्शदीप का यह ओवर यदि महंगा साबित होता तो टीम इंडिया के लिए बेहद मुश्किल हो जाती। फाइनल में अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में मात्र 20 रन देकर दो विकेट लिए। ये दोनों विकेट ही बेहद अहम थे। मैच के तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह ने दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एडन मार्करम और 13वें ओवर में खतरनाक दिख रहे क्विंटन डी कॉक को पवेलियन भेजा।
अर्शदीप के जीवन पर एक नजर
5 फरवरी 1999 को मध्य प्रदेश के गुना शहर में जन्मे अर्शदीप सिंह के पिता केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में कार्यरत थे। 25 साल सीआईएसएफ में सर्विस करने के बाद वो परिवार के साथ चंडीगढ़ के करीब पंजाब में खरड़ चले आए। यहां अर्शदीप ने पड़ोस के बच्चों के साथ गली क्रिकेट खेलना शुरू किया। 16 साल की आयु में पिता ने उन्हें चंडीगढ़ की जसवंत राय क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिला दिया।
अर्शदीप भी अपने पिता के अरमानों पर खरे उतरे और उनका वर्ष 2018 में भारत की अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप टीम में सिलेक्शन हुआ। उस वर्ष भारत में यह वर्ल्ड कप जीता था। वर्ष 2018 में वो पंजाब के लिए अंडर-19 क्रिकेट टीम में भी सिलेक्ट हुए और सीके नायडू ट्रॉफी में खेले। राजस्थान अंडर-19 टीम के खिलाफ उन्होंने एक पारी में 8 विकेट लिए, जिसमें एक हैट्रिक भी शामिल थी। अर्शदीप की प्रतिभा को पहचाते हुए वर्ष 2019 में उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम किंग्स इलेवन पंजाब ने 20 लाख रुपए में खरीद लिया।
नवंबर 2022 में वनडे मैच खेला
अर्शदीप सिंह अधिक दिनों तक टीम इंडिया के सिलेक्टर्स की नजरों से बच नहीं सके। जुलाई 2022 में उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच खेलने का मौका मिला और जल्द उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर 2022 में वनडे मैच खेल लिया। अर्शदीप सिंह अब तक छह वनडे इंटरनेशनल मैचों में 10 विकेट ले चुके हैं और टी-20 में उन्होंने 52 मैचों में 79 विकेट लिए हैं। अभी समाप्त हुए टी-20 वर्ल्ड कप में अर्शदीप सिंह ने इंग्लैंड को छोड़कर सभी टीमों के खिलाफ विकेट लिए हैं। टी-20 वर्ल्ड कप में उनके सर्वाधिक 17 विकेट हैं।
अर्शदीप सिंह के टीम इंडिया में आने से जसप्रीत बुमराह को एक अच्छा सहयोगी मिल गया है। खासकर सीमित ओवर्स में अर्शदीप सिंह बेहद प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। मात्र 25 वर्षीय अर्शदीप सिंह के आगे लंबा करियर है और उनके लिए अच्छी बात है कि वो थोड़ा बल्ला भी चला लेते हैं। टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 119 रनों में 9 रन अर्शदीप के भी थे।
यदि अपनी बल्लेबाजी को वो थोड़ा सा सुधार लें तो अच्छे ऑलराउंडर साबित हो सकते हैं। अभी उन्हें भारत की वनडे और टी-20 टीम में ही मौका मिला है। जिस रफ्तार से अर्शदीप सिंह की काबिलियत उभरकर सामने आ रही है तो हम उन्हें बहुत जल्द भारतीय टेस्ट टीम में देख सकते हैं। साफ है, यह सरदार टीम इंडिया के लिए बेहद असरदार साबित होने जा रहा है।
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