खेलों का नया युग: पीएम के प्रयासों से खेल शक्ति बनकर उभर रहा भारत, युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की ओर ले जाना मकसद
देश में खेलों को बढ़ावा देने में भी हमारे प्रधानमंत्री ने अद्वितीय भूमिका निभाई। खेलो इंडिया, खेल महाकुंभ जैसे स्पोर्ट्स इवेंट्स उनकी ही सोच हैं, जिनसेे आज युवा खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा को साबित करने के भरपूर अवसर मिल रहे हैं।
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युवा किसी भी देश का वर्तमान और भविष्य हैं। वो देश की नींव हैं, जिस पर देश की प्रगति और विकास निर्भर करता है। दुनिया में युवा शक्ति को रचनात्मक एवं सृजनात्मक दिशाओं में नियोजित करके ही नयी विश्व-संरचना बना सकते हैं, क्योंकि युवा क्रांति का प्रतीक है, ऊर्जा का स्रोत है, इसका समुचित उपयोग हो, इसी ध्येय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि युवाशक्ति का उपयोग विध्वंस में न होकर राष्ट्र के पुनर्निर्माण में हो। वे चाहते हैं कि आम-जनजीवन में भी युवाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित की जाए। 73 साल की उम्र में भी उनमें किसी युवा से ज्यादा जोश, ऊर्जा और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जूनून है।
यह नए अवसरों का समय
युवा देश की ‘अमृत पीढ़ी’ का प्रतिनिधित्व करते हैं जो एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेगी। भारत के युवाओं के लिए यह नए अवसरों का समय है। अब इस युवा शक्ति के सामर्थ्य से भारत को विश्व पटल पर अग्रणी बनाने का समय आ गया है। यही समय है, सही समय है। पिछले 9 वर्षों में भारत में खेलों का भी एक नया युग शुरू हुआ है। यह विश्व में भारत को एक खेल शक्ति बनाने का ही नहीं है बल्कि ये खेलों के माध्यम से समाज के सशक्तिकरण का भी नया दौर है।
हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पोर्ट्स को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाना प्रस्तावित है। देश की पहली राष्ट्रीय खेल यूनिवर्सिटी के निर्माण से इसे और मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देते हैं। वे हमारी जीत में तो खुश होते ही हैं, हार में भी हमें उनसे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। ऐसे कई उदाहरण हैं। वे खिलाड़ियों के लिए सच्चे अर्थों में प्रेरणास्रोत हैं।
प्रोत्साहन और सम्मान मिला
मुझे याद है, जब मैंने वर्षों तक क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद संन्यास लिया तो उन्होंने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में 26 जून 2022 को मेरी चर्चा की और मुझे भविष्य की शुभकामनाएं भी दी। कुछ दिनों बाद एक बार फिर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब मुझे उनका पत्र मिला। पीएम मोदी मुझ जैसे लाखों लोगों के लिए एक आदर्श और प्रेरणा हैं।
खुद को साबित करने का जज्बा जगा
देश में खेल को बढ़ावा देने में भी हमारे प्रधानमंत्री ने अद्वितीय भूमिका निभाई। खेलो इंडिया, खेल महाकुंभ जैसे स्पोर्ट्स इवेंट्स उनकी ही सोच है जिससे आज युवा खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा को साबित करने का भरपूर अवसर मिल रहा है। वे अपने लोकप्रिय गैर-राजनीतिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में अक्सर खेल और खिलाड़ियों की चर्चा करते हैं।