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राखी केवल धागा नहीं है: इस बंधन को अपने आचरण में उतारना ही वास्तविक अर्थ, कलाई पर बंधी राखी के मायने समझना अहम

Fri, 28 Aug 2026 08:48 AM IST
ज्योति भास्कर श्री अरविंद
श्री अरविंद Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 28 Aug 2026 08:48 AM IST
सार

राखी का वास्तविक अर्थ तब शुरू होता है, जब हम इस बंधन को अपने आचरण में उतारते हैं। यदि हम किसी दूसरे के दुख से उदासीन हैं, उसके अधिकारों की रक्षा नहीं करते और संकट के समय उससे मुंह मोड़ लेते हैं, तो कलाई पर बंधी राखी का क्या अर्थ रह जाता है?

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Rakhi not merely thread embodying essence of bond truly matters understanding significance of Rakhi crucial
रक्षाबंधन के मायने - फोटो : Amar ujala

विस्तार

जब मैं राखी के धागे को देखता हूं, तो मुझे इसमें केवल भाई की कलाई पर बहन द्वारा बांधा गया एक सूत्र दिखाई नहीं देता। मेरे लिए इसका अर्थ इससे कहीं बड़ा है। यह धागा हमें उस बंधन की याद दिलाता है, जो मनुष्य के हृदय को दूसरे मनुष्य के हृदय से जोड़ता है। राखी कुछ दिनों में कलाई से उतर सकती है। धागा कमजोर हो सकता है और समय के साथ टूट भी सकता है। लेकिन, मैं जिस बंधन की बात कर रहा हूं, वह धागे का बंधन नहीं है। वह हृदयों का बंधन है। और यदि यह बंधन सच्चा हो, तो इसे समय की कोई शक्ति नहीं तोड़ सकती।

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मेरे सामने जब राखी बांधी जाती है, तो मैं उसमें केवल व्यक्तिगत प्रेम का प्रतीक नहीं देखता। मैं उसमें उस एकता का संकेत देखता हूं, जिसकी आवश्यकता हम सबको है। राखी का वास्तविक अर्थ तब शुरू होता है, जब हम इस बंधन को अपने आचरण में उतारते हैं। यदि हम किसी दूसरे के दुख से उदासीन हैं, उसके अधिकारों की रक्षा नहीं करते और संकट के समय उससे मुंह मोड़ लेते हैं, तो कलाई पर बंधी राखी का क्या अर्थ रह जाता है? मैं चाहता हूं कि यह सूत्र हमारे भीतर एक ऐसी भावना जगाए, जो केवल परिवार तक सीमित न रहे। यह हमें अपने समाज, अपने देश और अपने साथ रहने वाले प्रत्येक मनुष्य के प्रति अपने कर्तव्य का स्मरण कराए। राखी इसलिए महान है कि वह बहुत छोटे माध्यम से बहुत बड़ी बात कहती है। एक पतला-सा धागा हमें याद दिलाता है कि मनुष्य की वास्तविक शक्ति उसके अकेलेपन में नहीं, बल्कि उसके आपसी संबंधों में है।
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हम इस धागे को बांधें तो केवल रस्म के लिए नहीं, बल्कि एक संकल्प के साथ बांधें कि हम एक-दूसरे के साथ खड़े रहेंगे, एक-दूसरे के सम्मान की रक्षा करेंगे और अपने बीच ऐसी एकता बनाए रखेंगे, जिसे कोई बाहरी शक्ति कमजोर न कर सके। मेरे लिए यही राखी का सच्चा अर्थ है और सही मायने में राखी एक भाई की कलाई पर बहन द्वारा बांधा जाने वाला महज धागा भर नहीं है, यह तो हृदयों को जोड़ने वाली एक पवित्र गांठ है।

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