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छारा अनाज मंडी में गेहूं उठान का संकट, आढ़तियों ने आत्महत्या की दी चेतावनी
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02jjrp03- डीसी से मिलने जाते छारा मंडी के आढ़ती। संवाद
झज्जर। छारा अनाज मंडी में गेहूं उठान की समस्या बढ़ती जा रही है। शनिवार को आढ़ती जिला उपायुक्त से जल्द समाधान की मांग की। मंडी आढ़तियों ने चेतावनी दी कि जल्द गेहूं उठान की व्यवस्था नहीं की गई तो वे मंडी में सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
आढ़तियों का आरोप है कि समय पर गेहूं का उठान नहीं होने के कारण मंडी में हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है जिससे बारिश के चलते भारी नुकसान हो रहा है। आढ़ती नरेंद्र ने बताया कि बारिश के कारण अब तक करीब 30 लाख रुपये से अधिक का गेहूं खराब हो चुका है। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई गई है जिससे नुकसान और बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि बार-बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। आढ़तियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एसडीएम को छोड़कर आज तक कोई बड़ा अधिकारी, मंत्री या जनप्रतिनिधि मंडी की स्थिति देखने नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि मंडी में किसानों और आढ़तियों दोनों की हालत खराब हो चुकी है।
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किसान अपनी फसल के भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं जबकि सरकार की ओर से भुगतान गेहूं गोदाम में पहुंचने के बाद ही किया जाता है। ऐसे में आढ़तियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंडी आढ़तियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द गेहूं उठान की व्यवस्था नहीं की गई तो वे मंडी में सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। इससे प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। अब वे चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री को भी पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे।
मांग की कि जो गेहूं मंडी में खराब हुआ है, उसका भुगतान सरकार या संबंधित ट्रांसपोर्टर करें। आढ़तियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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आढ़तियों का आरोप है कि समय पर गेहूं का उठान नहीं होने के कारण मंडी में हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है जिससे बारिश के चलते भारी नुकसान हो रहा है। आढ़ती नरेंद्र ने बताया कि बारिश के कारण अब तक करीब 30 लाख रुपये से अधिक का गेहूं खराब हो चुका है। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई गई है जिससे नुकसान और बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
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उन्होंने कहा कि बार-बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। आढ़तियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एसडीएम को छोड़कर आज तक कोई बड़ा अधिकारी, मंत्री या जनप्रतिनिधि मंडी की स्थिति देखने नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि मंडी में किसानों और आढ़तियों दोनों की हालत खराब हो चुकी है।
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किसान अपनी फसल के भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं जबकि सरकार की ओर से भुगतान गेहूं गोदाम में पहुंचने के बाद ही किया जाता है। ऐसे में आढ़तियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंडी आढ़तियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द गेहूं उठान की व्यवस्था नहीं की गई तो वे मंडी में सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। इससे प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। अब वे चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री को भी पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे।
मांग की कि जो गेहूं मंडी में खराब हुआ है, उसका भुगतान सरकार या संबंधित ट्रांसपोर्टर करें। आढ़तियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।