उत्तराखंड संकट टालने के लिए समय से पहले समाप्त हुआ संसद सत्र
- राष्ट्रपति शासन के कारण खर्च के लिए धन की जरूरत को पूरा करने के लिए ऐसा करना जरूरी।
- 25 अप्रैल को फिर से शुरू होना था सदन।
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विस्तार
गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में राष्ट्रपति से सत्रावसान की सिफारिश करने का अप्रत्याशित फैसला किया गया।
पिछले दिनों उत्तराखंड विधानसभा में विवादित परिस्थिति में स्पीकर द्वारा विनियोग विधेयक के पारित होने की घोषणा करने पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है।
25 अप्रैल से फिर शुरू होना था सत्र
संविधान के अनुच्छेद 357 (1) (सी) के तहत जब लोकसभा का सत्र नहीं चल रहा हो तो राष्ट्रपति राज्य के खर्च के लिए संसद की मंजूरी को निलंबित करते हुए समेकित निधि से धन जारी करने का प्राधिकार दे सकता है।
उत्तराखंड के बजट के लिए अब संसद की मंजूरी नहीं
इस तरह सत्रावसान होने के बाद केंद्र सरकार को उत्तराखंड के लिए धन जारी करने के लिए फिलहाल संसद की मंजूरी जरूरी नहीं होगी।
कैबिनेट समिति की बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलकर उन्हें इस फैसले की जानकारी दी। इसके बाद राष्ट्रपति ने मंगलवार देर रात में इस बारे में आदेश जारी कर दिया। अब सत्रावसान के बाद नए सिरे से सत्र आहूत की जाएगी।