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नगर निगम की टीम बिना आराम लगातार कर रही काम, अब टूट रही हिम्मत, की ये मांग
Wed, 29 Apr 2020 01:19 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 29 Apr 2020 01:19 PM IST
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नगर निगम लखनऊ
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन को एक महीने से अधिक हो गया। इस दौरान लगातार 14 से 16 घंटे ड्यूटी करने वाले उन कर्मचारियों और अधिकारियाें की मानसिक और शारीरिक स्थिति अब बिगड़ रही है जो कम्युनिटी किचन, सैनिटाइजेशन सहित अन्य प्रमुख कामों में लगे हैं। उनको न तो अब तक अवकाश मिला है और न ही ड्यूटी को लेकर कोई रोस्टर ही बना है।
कोरोना संकट के कारण ये लोग अपनी परेशानी खुलकर बता भी नहीं पा रहे। मगर अब समस्या को देखते हुए नगर निगम कर्मचारी संघ आगे आया है।
लॉकडाउन के बाद से नगर निगम की ओर से हर जोन में कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही संक्रमण को रोकने के लिए पूरे शहर में सैनिटाइजेशन का काम भी हो रहा है।
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कोरोना संकट के कारण ये लोग अपनी परेशानी खुलकर बता भी नहीं पा रहे। मगर अब समस्या को देखते हुए नगर निगम कर्मचारी संघ आगे आया है।
लॉकडाउन के बाद से नगर निगम की ओर से हर जोन में कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही संक्रमण को रोकने के लिए पूरे शहर में सैनिटाइजेशन का काम भी हो रहा है।
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...उधर कई कर्मचारी घरों में बैठे
संक्रमण के मामले सामने आने के बाद और हॉटस्पॉट बनाए जाने के बाद से सैनिटाइजेशन का काम और बढ़ा है। लगातार ड्यूटी और भागमभाग से यह अब मानसिक और शारीरिक रूप से टूट गए हैं। यह अपना दर्द एक दूसरे से तो बयां करते हैं, मगर कोरोना संकट के कारण खुलकर बोल भी नहीं पा रहे हैं।
सफाई कर्मचारियों को छोड़ नगर निगम में करीब तीन हजार अधिकारी-कर्मचारी हैं, लेकिन इनमें महज 500 से 600 कर्मचारी ही इस संकट के समय कम्युनिटी किचन, सैनिटाइजेशन से लेकर अन्य जरूरी काम कर रहे हैं।
शेष करीब 2500 कर्मचारी लॉकडाउन की आड़ लेकर घरों में बैठे हैं, जबकि नगर निगम आपात सेवा का विभाग है। ऐसे में जो काम कर रहे हैं वे लगातार कर रहे हैं और जो घरों में हैं वे निकल ही नहीं रहे। ऐसे में अब यह मांग हो रही है कि ऐसे कर्मचारियों की भी ड्यूटी रोस्टर के तहत लगाई जाए।
सफाई कर्मचारियों को छोड़ नगर निगम में करीब तीन हजार अधिकारी-कर्मचारी हैं, लेकिन इनमें महज 500 से 600 कर्मचारी ही इस संकट के समय कम्युनिटी किचन, सैनिटाइजेशन से लेकर अन्य जरूरी काम कर रहे हैं।
शेष करीब 2500 कर्मचारी लॉकडाउन की आड़ लेकर घरों में बैठे हैं, जबकि नगर निगम आपात सेवा का विभाग है। ऐसे में जो काम कर रहे हैं वे लगातार कर रहे हैं और जो घरों में हैं वे निकल ही नहीं रहे। ऐसे में अब यह मांग हो रही है कि ऐसे कर्मचारियों की भी ड्यूटी रोस्टर के तहत लगाई जाए।
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सप्ताह में एक या दो दिन का मिले अवकाश
नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा कहते हैं कि कर्मचारी-अधिकारी सभी यह समस्या झेल रहे हैं। इसे लेकर प्रशासन को रोस्टर सिस्टम बनाना चाहिए। अस्पतालों में यह सिस्टम चल भी रहा है।
वहां पर कोविड के काम में लगे लोगों की ड्यूटी रोस्टर से लगाई जा रही है। नगर निगम में भी यह व्यवस्था की जाए। कम से कम सप्ताह में एक या दो दिन का अवकाश उन अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया जाए जो हर दिन लगातार 14 से 16 घंटे तक काम कर रहे हैं।
बीच-बीच में मिले आराम
एक महीने से लगातार 16 घंटे की ड्यूटी करने वाले अफसर-कर्मचारी को बीच-बीच में रेस्ट दिया जाना जरूरी है। उसके लिए रोस्टर सिस्टम लागू किया जाए। नगर निगम प्रशासन से मांग की गई है और एक ज्ञापन भी दिया जा रहा है। - आनंद वर्मा, अध्यक्ष नगर निगम कर्मचारी संघ
वहां पर कोविड के काम में लगे लोगों की ड्यूटी रोस्टर से लगाई जा रही है। नगर निगम में भी यह व्यवस्था की जाए। कम से कम सप्ताह में एक या दो दिन का अवकाश उन अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया जाए जो हर दिन लगातार 14 से 16 घंटे तक काम कर रहे हैं।
बीच-बीच में मिले आराम
एक महीने से लगातार 16 घंटे की ड्यूटी करने वाले अफसर-कर्मचारी को बीच-बीच में रेस्ट दिया जाना जरूरी है। उसके लिए रोस्टर सिस्टम लागू किया जाए। नगर निगम प्रशासन से मांग की गई है और एक ज्ञापन भी दिया जा रहा है। - आनंद वर्मा, अध्यक्ष नगर निगम कर्मचारी संघ