रुड़कीः हड़ताल कर निगमकर्मियों ने घेरी कोतवाली, सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम में किया प्रदर्शन
- फर्जी दस्तावेज मामले में दो कर्मचारियों को हिरासत में लेने पर भड़के
- निगम में किया प्रदर्शन, कोतवाली में पहुंचकर पुलिस का किया घेराव
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फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले में दो कर्मचारियों को हिरासत में लेने नगर निगम पहुंची पुलिस को अन्य कर्मचारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हिरासत में लेने से नाराज कर्मचारियों ने तालाबंदी कर हड़ताल कर दी और प्रदर्शन भी किया। बाद में उन्होंने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को घेराव कर कर्मचारियों को बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। किसी को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा।
रुड़की के कानून गोयान निवासी पंकज सिंघल के पुश्तैनी मकान में एक किराएदार रहता था। उसने फर्जी दस्तावेज बनाकर नगर निगम के अभिलेखों में अपना नाम चढ़वाकर मकान अपने नाम करवा लिया था। मामले में नगर निगम के क्लर्क की भी संलिप्तता सामने आई थी। मामले की शिकायत पंकज सिंघल ने नगर निगम और पुलिस अधिकारियों से की थी। जांच के बाद क्लर्क शिव कुमार को निलंबित कर दिया गया था। वहीं, पंकज की तहरीर पर सिविल लाइंस कोतवाली में क्लर्क शिव कुमार और किराएदार सुरेश कुमार गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
पुलिस ने कुछ दिन पूर्व क्लर्क शिव कुमार और सुरेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग पर पंकज सिंघल की दादी का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में चार कर्मचारियों की संलिप्तता का आरोप लगा था। लिहाजा बृहस्पतिवार को नगर निगम पहुंचकर पुलिस ने दो कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
अन्य कर्मचारियों ने इसके विरोध में कार्यालयों में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। साथ ही जानकारी पूर्व मेयर यशपाल राणा को दी। पूर्व मेयर कर्मचारियों के साथ सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने पुलिस का घेराव कर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। पुलिस ने किसी तरह कर्मचारियों को समझाया। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने आश्वासन दिया कि जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। इसके बाद कर्मचारी लौट गए।
सेवा बहाली को एसएनए के आगे हाथ जोड़ती रहीं महिला कर्मचारी
मोहल्ला स्वच्छता समिति के तहत रखी गईं महिला सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होने पर उनमें नाराजगी है। इन महिलाओं ने सेवा बहाली के लिए बृहस्पतिवार को नगर निगम परिसर में धरना, प्रदर्शन किया। साथ ही एसएनए के आगे हाथ जोड़कर सेवाएं बहाल करने की मांग करती रहीं। एसएनए ने उनका मामला शासन को भेजकर बहाली कराने की कोशिश का भरोसा दिलाया।
नगर निगम रुड़की क्षेत्र से पाड़ली गुर्जर और रामपुर गांव को बाहर कर दिया गया है। दोनों गांव बाहर होने पर इनमें मोहल्ला स्वच्छता समिति के तहत रखी गई 15 महिला सफाई कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई थी। जबकि पुरुष सफाई कर्मचारियों को दूसरी जगह तैनाती दे दी गई थी।
पिछले कई माह से महिलाएं सेवाएं बहाल करने की मांग करती आ रही हैं। बृहस्पतिवार को एक बार फिर महिलाएं नगर निगम कार्यालय पहुंची और धरने पर बैठ र्गइं। महिलाओं को धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही एसएनए चंद्रकांत भट्ट उनके पास पहुंचे। भरोसा दिलाया। धरना देने वालों में शकुंतला, शारदा, रिंकी, मंजू, महेंद्री, सुनीता, मोनिका, ममता, शीला, मधु और संजना आदि शामिल थीं।