गुप्तकालीन 36 सोने के सिक्के बरामद, पहले मानी अफवाह अब चौंकी पुलिस
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जांच में पता चला है कई ग्रामीण करीब 8-8 ग्राम के इन सोने के सिक्कों को दो-दो लाख रुपए में बेच भी चुके हैं। पुलिस अब तक 36 सोने के सिक्के बरामद कर चुकी है। इस मामले में चंद दलालों और खरीदारों की गिरफ्तारियां भी हुईं हैं। ये सिक्के खुदाई में नाले से निकलकर जयपुर, सवाईमाधोपुर, अलवर सहित कई जिलों में पहुंच चुके हैं। पिछले दो सप्ताह दबडिया नाडी क्षेत्र को छावनी में बदला जा चुका है।
एसडीएम ने कराया मामला दर्ज
आशंका है कि नाडी क्षेत्र से हजारों की संख्या में सिक्के निकाले गए हैं। गुप्तकालीन सिक्कों के मामले में 17 दसम्बर को उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) ने डिग्गी थाने में मामला दर्ज कराया था। एसडीएम ने पुलिस को राजकीय भूमि से निधि को चुराने, इसकी खरीद-फरोख्त करने वालों व दलालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था।
डाकुओं ने यहां छिपाए होंगे लूटे हुए सिक्के
इससे पूर्व एसडीएम ने कलक्टर को पत्र लखकर कहा था कि पुलिस ने मौके से सिक्के ढूंढनेवालों को रोकने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश के बावजूद डिग्गी थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से नाडी क्षेत्र की मिट्टी हटाकर तारबंदी की और 6 दिसम्बर को धारा 144 लगा लगाई।
डाकुओं ने यहां छिपाए होंगे लूटे हुए सिक्के
इतिहासकार इतिहासकार भी इन सिक्कों के बारे में अपने-अपने अंदाज लगा रहे हैं। उनका मानना है कि पुरातन समय से ही व्यापारिक गतिविधियों के लिए व्यापारी कई मार्गों से होकर गुजरते थे। इनमें से मालपुरा भी एक मुख्य मार्ग रहा है। ऐसे में कहा जा सकता है कि तीसरी शताब्दी के अंत और पांचवी शताब्दी के अंत तक के बीच कभी डाकुओं ने व्यापारियों से लूट का माल यहां छिपाया होगा।
वही अब इस नाड़ी क्षेत्र में लोगों को मिल रहा है। फिलहाल ये सिक्के मालपुरा पुलिस के कब्जे में हैं। मौके का सर्वे पुरातत्व सर्वेक्षण पुरातत्व विभाग करेगा। विभाग जब अदालत में अर्जी देगा, तब अदालत की इजाजत के बाद पुलिस उन्हें सिक्के सौंप देगी।