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Rajasthan Election: कांग्रेस-भाजपा में टिकट दावेदारी के लिए बगावत का फार्मूला सबसे फिट, समझें पूरी रणनीति
Wed, 01 Nov 2023 11:18 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 01 Nov 2023 11:18 AM IST
सार
Rajasthan Election 2023: सियासत मौकापरस्ती का दूसरा नाम है। मौका मिलते ही पाले बदल जाते हैं। पिछले चुनावों में जो कांग्रेस को कोस रहे थे, वे अब कांग्रेस के प्रत्याशी हैं और भाजपा के ताने देने वाले टिकट के लिए उसी का दामन थाम कर बैठे हैं।
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राजस्थान चुनाव
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
राजस्थान विधानसभा चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने वाले हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां लगभग एक ही रणनीति पर चल रही हैं। एक दूसरे के बागियों को साधने की। ऐसा लग रहा है कि दोनों पार्टियों में टिकट लेने का यह सबसे शॉर्ट फार्मूला है।
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बता दें कि कांग्रेस अब तक भाजपा के तीन बागी विधायकों को टिकट दे चुकी है। इनमें विकास चौधरी को किशनगढ़, शोभारानी कुशवाह को धौलपुर और सुरेंद्र गोयल को जैतारण से टिकट दिया गया है।
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विकास चौधरी: 2018 में भाजपा के प्रत्याशी, टिकट कटा तो कांग्रेस में
इनमें विकास चौधरी और शोभारानी हाल में कांग्रेस में शामिल हुए थे। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में विकास चौधरी किशनगढ़ सीट से भाजपा प्रत्याशी थे। हालांकि वे चुनाव हार गए। यहां निर्दलीय सुरेश टांक चुनाव जीते थे। इस बार टिकट कट गया तो कांग्रेस में शामिल होकर टिकट ले लिया।
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सुरेंद्र गोयल: वसुंधरा सरकार में मंत्री, अब कांग्रेस प्रत्याशी
जबकि सुरेंद्र गोयल ने 2018 के विधानसभा चुनावों में अपना टिकट कटने के बाद भाजपा छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। इन्हें 17 हजार से ज्यादा वोट मिले। गोयल भाजपा सरकार में मंत्री रहे थे। इस बार कांग्रेस ने उन्हें जैतारण से अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
शोभारानी कुशवाह: धौलपुर से भाजपा विधायक, इस बार कांग्रेस प्रत्याशी
शोभारानी कुशवाह 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर धौलपुर सीट जीतीं थी। लेकिन राज्यसभा के चुनावों में उन्होंने भाजपा के व्हिप का उल्लंघन कर कांग्रेस प्रत्याशी को वोट किया। इसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। इस बार वे धौलपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हैं।
ममता शर्मा: 2018 में बीजेपी में गईं, अब वापसी
इनके अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष और पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा की पीपलदा से उम्मीदवार ममता शर्मा भी कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। वे अपने पुत्र के लिए टिकट मांग रही हैं।
इमरान खान: बसपा का टिकट छोड़ कांग्रेस में आए
वहीं, मंगलवार को ही कांग्रेस जिस तिजारा सीट से इमराज खान को टिकट दिया है। उन्हें इसी सीट पर मौजूदा चुनाव के लिए बसपा ने टिकट दिया था।
ज्योति मिर्धा: कांग्रेस की सांसद प्रत्याशी, अब बीजेपी का टिकट
साल 2019 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ी थीं। नागौर में मिर्धा परिवार को कांग्रेस का अगुवा माना जाता रहा है। अब ज्योति मिर्धा नागौर सीट से भाजपा की प्रत्याशी हैं।
सुभाष महरिया: कांग्रेस के सांसद प्रत्याशी, अब बीजेपी का टिकट
पिछले लोकसभा चुनाव में सीकर से कांग्रेस के टिकट पर लड़े। भाजपा के सुमेधानंद से हारे। इस बार लक्ष्मणगढ़ से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
शिवचरण कुशवाह: इसी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे, अब बीजेपी से
2018 में कांग्रेस के टिकट पर धौलपुर सीट से चुनाव लड़े थे। इनकी रिश्तेदार भाजपा प्रत्याशी शोभारानी कुशवाह ने चुनाव हराया था। इस बार धोलपुर सीट से शोभारानी कांग्रेस प्रत्याशी हैं और शिवचरण कुशवाह बीजेपी के।
कई सांसद प्रत्याशी कतार में
भाजपा की इनकमिंग कॉल लिस्ट में अभी कांग्रेस के कई अन्य लोकसभा प्रत्याशी भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, करीब पांच सांसद प्रत्याशी बीजेपी के संपर्क में हैं। इनके लिए जल्द ही टिकटों का एलान होगा।