फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan assembly election 2018: Vasundhra Raje must not underestimate Sachin Pilot

राजस्थान चुनाव 2018: सचिन पायलट को 'बच्चा' समझना वसुंधरा राजे को पड़ सकता है भारी

Sat, 20 Oct 2018 06:03 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 20 Oct 2018 06:03 PM IST
विज्ञापन
Rajasthan assembly election 2018: Vasundhra Raje must not underestimate Sachin Pilot
वसुंधरा vs पायलट

राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही पार्टियों के कप्तानों ने जीत के लिए पूरा जोर लगा रखा है। भाजपा की ओर से चुनाव की कमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संभाल रखी है, वहीं कांग्रेस अपने प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की कप्तानी में चुनावी रण में है। वसुंधरा राजे ने राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान सचिन पायलट पर जमकर निशाना साधा है। उन्हें बच्चा तक कह डाला और यह भी कहा कि वे राजस्थान को नहीं समझते। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वर्ष 2013 के बाद लोकसभा और विधानसभा की सीटों पर जो भी उपचुनाव हुए, उनमें सचिन पायलट का प्रदर्शन वसुंधरा राजे के मुकाबले बेहतर रहा है। सचिन को बच्चा समझना कहीं राजे को भारी न पड़ जाए।

विज्ञापन


कांग्रेस को मिली थी करारी हार
 

विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में वर्ष 2013 को हुए विधानसभा चुनाव और वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह हार हुई थी। राजस्थान में कांग्रेस ने इससे पहले के चुनावों में कभी ऐसी ऐतिहासिक हार नहीं देखी थी और शायद ही कांग्रेस इसे भुला पाए। पिछले विधानसभा चुनाव में 200 उम्मीदवारों में से कांग्रेस के मात्र 21 ही सदन पहुंच सके थे, वहीं लोकसभा की 25 सीटों में से एक भी सीट कांग्रेस के हाथ नहीं लगी थी। 
विज्ञापन


दोनों ही बड़े चुनावों में मिले परिणाम से कांग्रेस कार्यकर्ता हतोत्साहित थे और निराशा से घिरे हुए थे। इन विषम हालातों में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश में कांग्रेस की कमान अपने नजदीकी सचिन पायलट को सौंपी। इसके बाद हुए उपचुनावों के परिणाम बता रहे हैं कि पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस ने काफी उम्दा प्रदर्शन किया है। कहा जा सकता है कि राहुल गांधी का सचिन पायलट को राजस्थान में भेजना एक अच्छा निर्णय साबित हुआ और पायलट ने यहां राहुल गांधी की उम्मीदों पर खरा उतरकर दिखाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पायलट ने जमाया रंग

पायलट के यहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही सितंबर 2014 में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। उपचुनाव से पहले चारों ही सीटें भाजपा के खाते में थीं। ये वही वर्ष था जब भाजपा ने लोकसभा की सभी 25 सीटें अपने नाम दर्ज की थीं। विधानसभा में बंपर सीटों के बाद लोकसभा में एकतरफा जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भरा हुआ था। ऐसे में चार सीटों के उपचुनाव को भाजपा अपनी मुट्ठी में मान रही थी। लेकिन चार सीटों के उपचुनाव में से तीन सीटों पर सचिन पायलट ने कांग्रेस का परचम लहरवा दिया और निराश-हताश कार्यकर्ताओं व नेताओं में ऊर्जा भर दी। 

राजे के प्रदर्शन से मात्र एक सीट भाजपा को मिली। इसके बाद अप्रैल 2017 में राजे के गृह जिले धौलपुर की विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। ये सीट मुख्य चुनाव में बसपा के बी.एल.कुशवाहा ने जीती थी, लेकिन हत्या के मामले में वह जेल चले गए। इस खाली सीट पर हो रहे उपचुनाव से ठीक पहले कुशवाहा की पत्नी शोभारानी कुशवाहा को राजे ने भाजपा में शामिल करवा लिया। राजे की प्रतिष्ठा के कारण पूरा मंत्रिमंडल इस क्षेत्र में पहुंच गया और ये सीट भाजपा ने अपने खाते में की।


प्रदेश की राजनीति में सबसे अहम मुकाबला इस वर्ष की शुरुआत में दो लोकसभा की सीटों व एक विधानसभा की सीट पर हुए उपचुनाव को माना जा रहा था। राजनीतिज्ञ इन तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव को अलगे विधानसभा चुनाव के सेमीफाइन के रूप में देख रहे थे। सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस ने तीनों ही सीटों पर भारी बहुमत के साथ भाजपा को शिकस्त दी और कांग्रेस को अगले मुख्य चुनाव यानी फाइनल खेलने के लिए ऊर्जा मिल गई। इन सीटों पर भी राजे की राजनीति खास असर नहीं छोड़ पाई।

(ब्यूरो) 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed