फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   pressure on children to be in good numbers, should be in crime

बच्चों पर अच्छे नंबर के लिए दबाव बनाना एमपी में होगा अपराध

Sun, 06 Mar 2016 12:37 AM IST
राजेश चतुर्वेदी/ अमर उजाला, भोपाल
राजेश चतुर्वेदी/ अमर उजाला, भोपाल Updated Sun, 06 Mar 2016 12:37 AM IST
सार

  • किसी ने भी दबाव बनाया, तो यह अपराध माना जाएगा
  • छह सौ से ज्यादा बच्चे मौत को गले लगा चुके
  • स्कूल प्रबंधन ही नहीं, मां-बाप भी दोषी माने जाएंगे

विज्ञापन
pressure on children to be in good numbers, should be in crime
शिवराज सिंह चौहान - फोटो : PTI

विस्तार

परीक्षा के डर से स्कूली बच्चों के आत्महत्या करने की घटनाओं ने मध्य प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। शनिवार को भी प्रदेश में दो बच्चों ने सुइसाइड नोट छोड़कर आत्महत्या कर ली। विद्यार्थियों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कानून बनाने का रास्ता खोजा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बच्चों पर अच्छे नंबरों के लिए किसी ने भी दबाव बनाया, तो यह अपराध माना जाएगा। इसके लिए स्कूल प्रबंधन ही नहीं, मां-बाप भी दोषी माने जाएंगे।
विज्ञापन


मध्य प्रदेश में बीते तीन साल के दौरान छह सौ से ज्यादा बच्चे मौत को गले लगा चुके हैं। शनिवार को सागर जिले के बीना और होशंगाबाद में आत्महत्या की घटनाएं हुईं। बीना में 12वीं की छात्रा दीपिका चौबे ने सुइसाइड नोट में लिखा, ‘मैं अंग्रेजी में कमजोर हूं, इसलिए अपनी जान दे रही हूं।’ वहीं, होशंगाबाद में 12वीं में पढ़ने वाले प्रद्युम्न साहू ने भी लिखा, ‘सॉरी मम्मी-पापा मैं फिजिक्स में कमजोर हूं और फेल होना नहीं चाहता। इसलिए मर रहा हूं।’ जानकारों के मुताबिक हाल के दिनों में ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है।
विज्ञापन


सरकार ने माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित अन्य संस्थाओं में काउंसलिंग के लिए जो इंतजाम किए हैं, वे नाकाफी साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को बच्चों की आत्महत्या का मुद्दा विधानसभा में भी उठा था। सदस्यों की चिंता पर सहमति जताते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कानून बनाने की घोषणा की है। इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित कर मसौदा तैयार किया जाएगा। कानून में उन अभिभावकों और स्कूल प्रबंधनों को दंडित करने का प्रावधान रहेगा, जो बच्चों पर अच्छे नंबर लाने के लिए दबाव बनाने के दोषी पाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed