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NEET Paper Leak Row: नीट पेपर लीक पर जगदलपुर में NSUI का उग्र प्रदर्शन, जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
Wed, 13 May 2026 07:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 07:29 PM IST
सार
एनएसयूआई बस्तर इकाई ने नीट घोटाले के विरोध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच, एनटीए अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ एनएसए लगाने की मांग की है।
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जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में हुए फर्जीवाड़े, प्रश्न-पत्र लीक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की विफलता के विरोध में बुधवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) जिला बस्तर इकाई ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि लाखों छात्रों के भविष्य को शिक्षा माफियाओं के हाथों नीलाम नहीं होने दिया जाएगा।
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आदित्य सिंह बिसेन ने ज्ञापन सौंपते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विश्वगुरु बनने का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार युवाओं को पारदर्शी परीक्षा प्रणाली नहीं दे पा रही है। सरकार के पास चुनाव प्रचार के लिए समय है, पर छात्रों की चीखें सुनने का नहीं।
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विशाल खंबारी ने केंद्र सरकार और एनटीए को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे दूरस्थ अंचलों का गरीब छात्र कर्ज लेकर पढ़ाई करता है। सरकार उन्हें परिश्रम के बदले पेपर लीक की गारंटी दे रही है। सत्ताधीशों ने शिक्षा को भ्रष्ट मंडी बना दिया है। एनटीए जैसी संस्था पर पर्दा डालकर सरकार शिक्षा माफियाओं को संरक्षण दे रही है।
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एनएसयूआई ने नीट धांधली की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है। इस घोटाले में संलिप्त शिक्षा माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों को चिह्नित कर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में विफल रही एनटीए की प्रशासनिक जवाबदेही तय हो। भविष्य की परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए सख्त प्रशासनिक रूपरेखा लागू की जाए।
एनएसयूआई की खुली चेतावनी
एनएसयूआई ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब जाग चुका है और अपने हकों पर डाका बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि छात्रों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो एनएसयूआई एक विशाल जन आंदोलन खड़ा करेगी। इस दौरान उत्पन्न कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अवसर पर विशाल खंबारी, माज लिल्लाह, शेख अयाज, पंकज केवट, हंशु नाग, दीपेश पांडेय, दक्ष साहू, अमन चंदेल, तनमय चौहान, समीर कुमार, वैभव पाणिग्रही और नितेश चंदेल उपस्थित थे।