नोएडा: CM योगी को भेजी गई आग हादसे की रिपोर्ट, 6 लोगों की जलकर हुई थी मौत
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नोएडा के सेक्टर-11, एफ-55 स्थित एक्सेल ग्रीनटेक कंपनी में बुधवार को आग लगने से छह लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को रिपोर्ट सौंप दी गई है। रिपोर्ट अग्निशमन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अरविंद कुमार द्वारा तैयार की गई है, जिसे अग्निशमन विभाग के महानिदेशक (डीजी) के जरिये मुख्यमंत्री को भेजा गया है।
शुक्रवार को नोएडा के अग्निशमन अधिकारियों (एफएसओ) को तत्काल सभी फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी की जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। तीन माह में सभी फैक्ट्रियों की रिपोर्ट शासन को भेजनी है।
राज्य के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बृहस्पतिवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने लखनऊ से साथ आए अग्निशमन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अरविंद कुमार को 24 घंटे में मुख्यमंत्री को घटना की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने नोएडा में सब कुछ ठीक नहीं होने की बात मानते हुए, अग्निशमन विभाग को तीन माह में नोएडा की सभी 8000 फैक्ट्रियों की फायर सेफ्टी जांच कर रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री को दी गई रिपोर्ट में बिल्डिंग में आग लगने की वजहों, वहां पर मौजूद अग्निशमन संसाधनों और फायर एनओसी सहित राहत व बचाव कार्य आदि के बारे में विस्तृत ब्यौरा सौंपा गया है।
फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी को लेकर हुई थी बैठक
ज्वाइंट डायरेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट डीजी फायर सर्विसेज को सौंप दी है। उनके जरिये रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। नोएडा की सभी फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी की जांच के संबंध में ज्वाइंट डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार शाम साढ़े सात बजे सेक्टर-दो फायर स्टेशन में विभाग के सभी अधिकारियों संग बैठक की थी।
इसमें गाजियाबाद के डिप्टी डायरेक्टर अमन शर्मा और सीएफओ एके शर्मा सहित नोएडा के सभी एफएसओ मौजूद थे। बैठक में उन्होंने तीन माह में नोएडा की सभी फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी की जांच करने को कहा था। अधिकारियों से कहा गया है कि वह उद्यमी संगठनों को साथ लेकर अभियान चलाएं, ताकि उन पर तंग करने का आरोप न लगे।
सबसे पहले उन कंपनियों में जांच की जाएगी, जिनमें एक्सेल कंपनी की तरह बाहर से पूरा शीशा आदि लगा हो। इस तरह की बिल्डिंग में आग लगने पर बड़ा हादसा होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
अग्निशमन विभाग की छवि सुधारें
सीएफओ एके शर्मा ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को सभी एफएसओ को फैक्ट्रियों में जांच के लिए पत्र जारी कर दिया है। शुक्रवार से ही अभियान की शुरुआत कर दी गई है। तीन माह में सभी फैक्ट्रियों की जांच करेंगे। जहां कमी मिलेगी उसे नोटिस देकर सही कराने का प्रयास किया जाएगा।
फिर भी जहां कमी रहेगी, उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। अभियान डिप्टी डायरेक्टर और उनके (सीएफओ) के नेतृत्व में चलेगा। वह लोग भी फैक्ट्रियों में जांच के लिए जाएंगे।
तीसरे दिन एनडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन
दरअसल, ये कुत्ते मलबे में दबे जीवित इंसान को खोजने के लिए प्रशिक्षित थे। लिहाजा, खोजी कुत्तों को कुछ देर बाद हटा दिया गया। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने अत्याधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। एनडीआरएफ की 35 सदस्यीय टीम में सर्च एंड रेसक्यू विशेषज्ञ, चिकित्सकीय कर्मी, इंजीनियर, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वायड शामिल था।
200 मजदूर कबाड़ उठाने के लिए लगे
इसके अलावा बेसमेंट में भरे पानी को निकालने के लिए प्राधिकरण ने जल व सीवर विभाग से पंपिंग मशीन मंगाई थी। कंपनी में लगी आग को काबू करने के लिए अग्निशमन विभाग ने कुल लगभग 120 दमकल वाहनों का प्रयोग किया था।