औद्योगिक निवेश के लिए पहाड़ों पर बनेंगे माइक्रो इंडस्ट्रियल इस्टेट,10 जिलों में भूमि होगी चिह्नित
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पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो इंडस्ट्रियल इस्टेट बनाए जाएंगे। उद्योग विभाग ने सभी पर्वतीय जनपदों के जिलाधिकारियों से तीन से चार एकड़ के भूखंड चिह्नित कर प्रस्ताव मांगे हैं। माइक्रो इस्टेट अधिसूचित होने के बाद वहां फूड प्रोसेसिंग, हर्बल, एरोमा प्लांट आदि में निवेश के रास्ते खुलेंगे।
इन्वेस्टर्स समिट के बाद उद्योग विभाग ने निवेश को पहाड़ चढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। राज्य के 10 पर्वतीय जनपदों में उद्यमों को भूमि उपलब्ध करवाने के लिए माइक्रो इंडस्ट्रियल इस्टेट स्थापित किए जाएंगे। इससे छोटे उद्यमियों को भी आकर्षित किया जा सकेगा।
विभाग ने जिलाधिकारियों से ऐसे प्रस्ताव मांगे हैं, जिसके तहत खाली पड़ी भूमि को चिह्नित किया जाएगा। इसमें निजी भूमि मालिक भी अपने छोटे भूखंडों को एक साथ लाकर निवेश के लिए पंजीकृत करवा सकते हैं।
चह्नित होने के बाद उद्योग विभाग इस्टेट को अपनी वेबसाइट के माध्यम से प्रचारित भी करेगा। कोई निवेशक एक मुश्त या कुछ लोग मिलकर इन इस्टेट पर अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं।
पांच हजार करोड़ के प्रस्ताव
इन्वेस्टर्स समिट के दौरान स्थानीय उद्यमियों के स्तर पर उद्योग विभाग को पांच हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इसमें पहले से मौजूद इकाइयों के विस्तार के साथ छोटे उद्यम स्थापित करने के प्रस्ताव भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों द्वारा नए उद्यम स्थापित करने पर विभाग विशेष फोकस कर रहा है।
एक तरह के लगेंगे उद्यम
हर माइक्रो इंडस्ट्रियल इस्टेट को एक तरह के उद्यम के लिए तैयार किया जाएगा। इन्हें फूड प्रोसेसिंग, औषधीय पौधों, एरोमेटिक प्लांट, जैविक खेती, डेयरी आदि के लिए वर्गीकृत किया जाएगा। इसी आधार पर निवेशकों को आवंटन होगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में माइक्रो इंडस्ट्रियल इस्टेट विकसित करने के लिए जिलाधिकारियों से भूमि चिह्नित करने को कहा है। चार एकड़ तक के इस्टेट को पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित होने वाले उद्यमों के लिहाज से विकसित किया जाएगा।
- मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव उद्योग